Saqib Bilal Sheikh Terrorist: विशाल भारद्वाज की चर्चित फिल्म ‘हैदर’ ने अपनी कहानी और कलाकारों की दमदार अदाकारी से काफी सुर्खियां बटोरी थीं। फिल्म में शाहिद कपूर के किरदार को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। लेकिन इसी फिल्म से जुड़ी एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसने कई लोगों को हैरान कर दिया। फिल्म में कुछ सेकंड के लिए नजर आने वाला कश्मीरी किशोर कलाकार साकिब बिलाल शेख बाद में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ गया और साल 2018 में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया।
15 सेकंड के रोल से मिली थी पहचान| Saqib Bilal Sheikh Terrorist
साकिब बिलाल शेख ने फिल्म ‘हैदर’ में बेहद छोटा सा किरदार निभाया था, लेकिन उस समय वह अभिनय को लेकर काफी उत्साहित था। परिवार के मुताबिक, उसे फिल्मों और थिएटर में काफी रुचि थी और एक्टिंग करना उसका सपना था। साकिब के मामा आसिम एजाज ने एक इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म में उसका रोल बहुत छोटा था। वह एक ‘चॉकलेट बॉय’ जैसे किरदार में दिखाई दिया था। फिल्म के एक सीन में अमर सिंह कॉलेज में बम धमाके के दौरान वह नजर आता है और उस घटना में बचने वाले किरदारों में शामिल होता है। यही उसका फिल्म में सबसे प्रमुख हिस्सा था।
थिएटर से जुड़ा था साकिब, एक्टिंग का था शौक
फिल्मों के अलावा साकिब थिएटर से भी जुड़ा हुआ था। परिवार के अनुसार, उसने कई नाटकों में हिस्सा लिया था और उसके एक नाटक का मंचन श्रीनगर के साथ-साथ ओडिशा में भी हुआ था। उस समय उसके परिवार को उम्मीद थी कि वह अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा। लेकिन कुछ समय बाद उसकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी कल्पना उसके परिवार ने भी नहीं की थी।
घर से गायब हुआ और फिर आतंकी संगठन से जुड़ने की खबर आई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगस्त 2018 में साकिब अपने 14 साल के दोस्त मुदासिर राशिद पर्रे के साथ घर से लापता हो गया था। बताया जाता है कि 31 अगस्त 2018 को उसकी मां ने उसे पास के बाजार से मांस लाने के लिए भेजा था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। बाद में परिवार को जानकारी मिली कि वह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया है। परिवार के लिए यह खबर बेहद चौंकाने वाली थी, क्योंकि उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने एक अभिनय पसंद करने वाले किशोर को हथियार उठाने की राह पर पहुंचा दिया।
2018 में श्रीनगर एनकाउंटर में हुई मौत
दिसंबर 2018 में श्रीनगर के मुजगुंड इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस ऑपरेशन में तीन आतंकी मारे गए थे, जिनमें साकिब बिलाल शेख और उसका दोस्त मुदासिर राशिद पर्रे भी शामिल थे। इस घटना के बाद साकिब की कहानी काफी चर्चा में आई, क्योंकि वह कभी एक फिल्म में छोटे से रोल के जरिए पर्दे पर नजर आया था और बाद में आतंकवाद से जुड़ गया।
कट्टरता ने कई परिवारों को किया प्रभावित
साकिब के परिवार का कहना था कि उन्हें आज तक समझ नहीं आया कि आखिर किन परिस्थितियों ने उसे इस रास्ते पर जाने के लिए मजबूर किया। परिवार के लोगों ने सवाल उठाया था कि आखिर ऐसा क्या कारण था कि एक सामान्य जिंदगी जी रहा किशोर हिंसा की दुनिया में चला गया। कश्मीर में पिछले कई दशकों से आतंकवाद और कट्टरता की समस्या ने कई परिवारों को प्रभावित किया है। साकिब बिलाल शेख की कहानी भी इसी दर्दनाक बदलाव का एक उदाहरण बनी, जहां एक कलाकार बनने का सपना देखने वाला युवक कुछ ही वर्षों में आतंकवाद के रास्ते पर चला गया।
































