Delhi Riots: दिल्ली दंगे में कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश, अदालत ने दी पुलिस को जांच करने का निर्देश

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 02 अप्रैल 2025, 05:30 AM Updated: 02 अप्रैल 2025, 05:30 AM
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Delhi Riots: दिल्ली के 2020 में हुए दंगों में भाजपा के कद्दावर नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है। दिल्ली की अदालत ने यह फैसला सुनाया, जिसमें कहा गया कि मिश्रा कथित अपराध के समय उस इलाके में मौजूद थे, जहां दंगे भड़क उठे थे। अदालत ने दिल्ली पुलिस को इस मामले में जांच पूरी करने और अगली सुनवाई की तारीख 16 अप्रैल तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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मिश्रा और उनके साथियों के खिलाफ जांच के आदेशDelhi Riots

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कपिल मिश्रा और उनके साथियों के खिलाफ जांच 23 फरवरी 2020 की पहली घटना से संबंधित की जाए। अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वे शिकायतकर्ता और उस वक्त दिल्ली पुलिस के डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या से पूछताछ करें, जो उस समय घटनास्थल पर मौजूद थे। सूर्या ने कथित रूप से यह अल्टीमेटम दिया था कि यदि विरोध प्रदर्शन बंद नहीं हुए, तो इसका परिणाम हिंसा के रूप में सामने आएगा। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि सूर्या से व्यक्तिगत पूछताछ आवश्यक है, ताकि यह पता चल सके कि उनके और कपिल मिश्रा के बीच क्या बातचीत हुई थी, और क्या उनकी भूमिका इस हिंसा में शामिल थी।

Delhi Riots FIR On Kapil Mishra
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अदालत ने अभियोजन पक्ष के दावों को खारिज किया

अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत सिद्धांत पर विचार करते हुए यह कहा कि मिश्रा को बड़ी साजिश का हिस्सा नहीं मानते हुए उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया था। हालांकि, अदालत ने अभियोजन पक्ष के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पहले ही मिश्रा के खिलाफ एक अन्य प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। अदालत ने इस तर्क को नकारते हुए कहा कि पुलिस की तरफ से की गई पूछताछ में कोई ठोस आधार नहीं पाया गया और इस कारण से यह मामला आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

कपिल मिश्रा का राजनीतिक करियर

कपिल मिश्रा का जन्म 13 नवंबर 1980 को उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में हुआ था। उनकी मां अन्नपूर्णा मिश्रा एक प्रमुख भाजपा नेता थीं और पूर्वी दिल्ली नगर निगम की मेयर भी रही थीं। कपिल मिश्रा को भाजपा में हिंदुत्व के बड़े चेहरे के रूप में देखा जाता है। उन्होंने भाजपा के टिकट पर दिल्ली के करावल नगर विधानसभा से आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार मनोज कुमार त्यागी को हराया था।

Delhi Riots FIR On Kapil Mishra
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आम आदमी पार्टी से भाजपा तक का सफर

कपिल मिश्रा की राजनीतिक यात्रा काफी दिलचस्प रही है। 2015 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्हें अरविंद केजरीवाल की सरकार में जल और पर्यटन मंत्री बनाया गया था। हालांकि, वे अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहते थे और 2017 में उन्होंने केजरीवाल और मंत्री सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इस कारण उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया। मिश्रा ने इन आरोपों को साबित करने में असफल रहने के बाद पार्टी से भी बाहर कर दिए गए। 2019 में उन्होंने आम आदमी पार्टी को छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया और अब भाजपा में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

कपिल मिश्रा के खिलाफ दंगों की जांच

कपिल मिश्रा के खिलाफ 2020 के दिल्ली दंगों के बाद कई तरह के आरोप लगाए गए थे। उनकी तरफ से दिए गए कथित भड़काऊ बयानों के कारण यह दंगे भड़के थे, ऐसा विपक्ष और अन्य राजनीतिक दलों का दावा था। हालांकि, पुलिस ने उनकी भूमिका को नकारते हुए कहा था कि मिश्रा का दंगों से कोई संबंध नहीं था। लेकिन अदालत का यह नया आदेश अब उनके खिलाफ जांच के रास्ते को खोलता है और इस मामले में नया मोड़ ला सकता है।

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