Naresh Gujral Cyber Fraud: देश में साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और अब इसका शिकार एक बड़ा राजनीतिक परिवार भी हो गया है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल कथित तौर पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। एक फर्जी WhatsApp मैसेज के जरिए ठगों ने उनकी कंपनी से करीब 7.8 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले का खुलासा होने के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अब तक करोड़ों रुपये फ्रीज भी किए जा चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक 78 वर्षीय नरेश गुजराल की टेक्सटाइल कंपनी के एक अधिकारी को पिछले सप्ताह एक WhatsApp मैसेज मिला। मैसेज भेजने वाले व्यक्ति की प्रोफाइल पर नरेश गुजराल की तस्वीर लगी हुई थी, जिससे पहली नजर में यह संदेश असली लग रहा था। मैसेज में कंपनी अधिकारी को रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) के माध्यम से एक बैंक खाते में 1.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया।
RTGS एक इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर प्रणाली है, जिसका उपयोग आमतौर पर बड़ी रकम को तुरंत ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। अधिकारी ने यह समझते हुए कि निर्देश कंपनी के मालिक की ओर से आया है, बताए गए खाते में रकम भेज दी।
चार दिनों तक चलता रहा खेल| Naresh Gujral Cyber Fraud
पुलिस सूत्रों के अनुसार यह ठगी केवल एक ट्रांजैक्शन तक सीमित नहीं रही। अगले चार दिनों में उसी WhatsApp अकाउंट से तीन और बार पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। कंपनी अधिकारी हर बार निर्देशों का पालन करता रहा और कुल मिलाकर करीब 7.8 करोड़ रुपये विभिन्न ट्रांजैक्शनों के जरिए भेज दिए गए। इतनी बड़ी रकम के लगातार ट्रांसफर होने पर बैंक को भी संदेह हुआ। बैंक अधिकारियों ने कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) से संपर्क कर ट्रांसफर की पुष्टि करनी चाही। उस समय तक कंपनी के अधिकारी यही मान रहे थे कि यह भुगतान नरेश गुजराल के निर्देश पर किया जा रहा है।
बेटी से हुई बातचीत और खुली पोल
मामला तब सामने आया जब CFO को कुछ गड़बड़ी का एहसास हुआ। उन्होंने नरेश गुजराल की बेटी दीक्षा से संपर्क कर इन ट्रांजैक्शनों की जानकारी दी। दीक्षा को यह जानकर हैरानी हुई कि उनके पिता को अचानक इतनी बड़ी रकम की आवश्यकता क्यों पड़ गई। उन्होंने तुरंत अपने पिता से बात की। नरेश गुजराल ने साफ कहा कि उन्होंने न तो किसी अधिकारी को संदेश भेजा है और न ही किसी तरह का भुगतान करने का निर्देश दिया है। इसके बाद परिवार को साइबर धोखाधड़ी का संदेह हुआ और पूरे मामले की जानकारी सामने आई।
पुलिस ने संभाली जांच
ठगी का पता चलते ही 16 जून को ई-एफआईआर दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई “इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस” (IFSO) ने जांच अपने हाथ में ले ली। जांच के दौरान पुलिस ने उस बैंक खाते का पता लगाया, जिसमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। शुरुआती जांच में एक दिलचस्प तथ्य सामने आया। आमतौर पर साइबर ठगी के मामलों में आरोपी रकम को तुरंत निकाल लेते हैं या उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदल देते हैं, लेकिन इस मामले में बड़ी रकम अब भी बैंकिंग सिस्टम में मौजूद थी।
इसका फायदा उठाते हुए पुलिस ने कार्रवाई की और लगभग 4 करोड़ रुपये फ्रीज करने में सफलता हासिल की। अधिकारियों का मानना है कि आगे की जांच में और रकम भी रिकवर की जा सकती है।
कौन हैं नरेश गुजराल?
नरेश गुजराल देश के जाने-माने उद्योगपति और वरिष्ठ राजनेता हैं। उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई की है और लंबे समय से टेक्सटाइल एवं गारमेंट उद्योग से जुड़े हुए हैं। वह 2007 से 2022 तक पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा सांसद रहे। वह शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उनके पिता इंद्र कुमार गुजराल, जिन्हें देश आईके गुजराल के नाम से जानता है, अप्रैल 1997 से मार्च 1998 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे थे।































