Anxiety causes: घबराहट और चिंता से हैं परेशान? इन आसान तरीकों से पाएं एंग्जायटी से छुटकारा

Shikha Mishra | Nedrick News Published: 11 जनवरी 2026, 09:01 AM Updated: 11 जनवरी 2026, 09:01 AM
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Anxiety causes: आज की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में, जहाँ घड़ी कभी नहीं रुकती, चिंता हमारी ज़िंदगी का एक अनचाहा हिस्सा बन गई है। चाहे वह भविष्य की चिंता हो या काम का प्रेशर, यह धीरे-धीरे हमारे मन की शांति को खत्म कर देती है। जिसके चलते शारीर में कई तरह में तनाव बना रहता है लेकिन एंग्जायटी को खत्म करने के लिए आप अपने दैनिक जीवन में कुछ बदलाव करके इससे छुटकारा पा सकते हैं।

एंग्जायटी क्यों होती है? Why does anxiety occur?

एंग्जायटी का कोई एक कारण नहीं होता; यह कई चीज़ों का कॉम्बिनेशन हो सकता है, जैसे काम, स्कूल या रिलेशनशिप की समस्याओं से होने वाला बहुत ज़्यादा स्ट्रेस। यही एक बड़ी वजह है कि आज इतने सारे लोग एंग्जायटी महसूस करते हैं। ब्रेन केमिस्ट्री भी इसमें भूमिका निभाती है, खासकर दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे सेरोटोनिन और डोपामाइन) का असंतुलन। जेनेटिक्स भी एक बड़ा कारण हो सकता है।

अगर आपके परिवार में एंग्जायटी की हिस्ट्री रही है, तो आपको या आपके बच्चे को इसका ज़्यादा खतरा हो सकता है। कुछ अंदरूनी मेडिकल कंडीशन भी इसमें योगदान दे सकती हैं, जैसे दिल की बीमारी, थायराइड की समस्या, या डायबिटीज जैसी पुरानी बीमारियों से जुड़ा डर। चाय, कॉफी, शराब या दूसरी चीज़ों का बहुत ज़्यादा सेवन भी एंग्जायटी को ट्रिगर कर सकता है। आखिर में, नींद की कमी भी एक बड़ा कारण है, क्योंकि कम नींद से दिमाग को पूरा आराम नहीं मिल पाता।

एंग्जायटी को कैसे ठीक करें? How to cure anxiety?

इसे ठीक करने के लिए शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर काम करना पड़ता है जिसके लिए कई तरह की व्यामम किये जा सकते हैं जैसे कि….

1. ब्रीदिंग एक्सरसाइज (Breathing Exercises)

जब भी आपको घबराहट महसूस हो, तो ‘4-7-8’ टेक्नीक आज़माएँ। 4 सेकंड के लिए नाक से सांस अंदर लें। 7 सेकंड के लिए सांस रोकें। 8 सेकंड के लिए धीरे-धीरे मुंह से सांस बाहर छोड़ें। ऐसा करने से आपको बेहतर महसूस होगा।

2. अपनी सोच को चुनौती दें (Challenge Your Thoughts)

कई बार बेकार के थॉट्स भी चिंता का कारण बन जाता है, जिसके कारण एंग्जायटी हो जाती हैं। इससे खुद से पूछें: “क्या यह डर असली है या सिर्फ एक सोच?” जर्नल लिखने की आदत डालें।

3. स्वस्थ जीवनशैली (Healthy Lifestyle)

कैफीन का सेवन कम करें कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स से एंग्जायटी बढ़ सकती है। इसके उलट, रेगुलर एक्सरसाइज़, जैसे चलना या योग, एंडोर्फिन (हैप्पी हार्मोन) रिलीज़ करता है। साथ ही, पूरी नींद लें; रात में 7-8 घंटे की सुकून भरी नींद एंग्जायटी को काफी कम कर सकती है।

4. ‘5-4-3-2-1’ ग्राउंडिंग तकनीक

जब मन बहुत अशांत हो, तो अपने आसपास की चीजों पर ध्यान केंद्रित करें जिससे एंग्जायटी कम हो सकती है और आप खुद को रिलीफ महसूस कर सकता हैं।

  • 5 चीजें जो आप देख सकते हैं।

  • 4 चीजें जिन्हें आप छू सकते हैं।

  • 3 आवाजें जो आप सुन सकते हैं।

  • 2 चीजें जिनकी आप खुशबू ले सकते हैं।

  • 1 चीज जिसका आप स्वाद ले सकते हैं।

विशेषज्ञ की सलाह कब लें?

आपको बता दें, अगर एंग्जायटी आपकी रोज़ाना की एक्टिविटीज़ में दखल देने लगे, आपको बहुत ज़्यादा नींद न आए, या आपको पैनिक अटैक (जिसमें दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है और पसीना आता है) आएं, तो किसी साइकोलॉजिस्ट या साइकियाट्रिस्ट से सलाह लेना सबसे अच्छा रहेगा। थेरेपी (जैसे CBT) और कभी-कभी दवाइयाँ इन लक्षणों को मैनेज करने में बहुत असरदार हो सकती हैं।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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