किस अंग को प्रभावित करता है Omicron? किन लक्षणों के दिखने पर हो जाए अलर्ट? AIIMS चीफ ने बताया सबकुछ

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 02 जनवरी 2022, 05:30 AM Updated: 02 जनवरी 2022, 05:30 AM
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बीते कुछ दिनों से कोरोना के मामले जिस स्पीड से बढ़ रहे हैं, उससे हर किसी की चिंता एक बार फिर बढ़ गई। ओमीक्रोन वेरिएंट ने परेशानी बढ़ा दी। ये वेरिएंट दुनिया के कई देशों में भारी तबाही मचा रहा है। वहीं भारत में भी हालत अब दोबारा से बिगड़ने लगे है। ओमीक्रोन को लेकर तमाम तरह के सवाल उठ रहे है। जैसे कि ये वेरिएंट कैसे और किन लोगों के किस अंक पर अटैक करता है? इसके लक्षण क्‍या है? इसके बारे में एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया को कुछ जानकारियां दी। द इंडियन एक्सप्रेस को गुलेरिया ने इस सवालों के जवाब दिए।

ओमीक्रोन किस अंग को प्रभावित करता है? इसके बारे में रणदीप गुलेरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि अत्यधिक संक्रामक ओमीक्रॉन संस्करण मुख्य रूप से शरीर के ऊपरी श्वसन पथ और वायुमार्ग को प्रभावित करता है। इससे फेफड़ों प्रभावित नहीं होते। ये एक से दूसरे तक श्वसन के जरिए तेजी से पहुंचता है।

क्‍या है लक्षण? गुलेरिया ने इसके बारे में बताया कि क्योंकि ये फेफड़ों की जगह ऊपरी श्‍वसन और वायु नली को प्रभावित कर रहा है। इस कारण इसमें डेल्टा वेरिएंट जैसे गंभीर समस्‍याएं नहीं आ रही। इस वेरिएंट से संक्रमित मरीजों को ऑक्‍सीजन की अधिक ज्यादा कमी नहीं हो रही है। ओमीक्रोन के जो लक्षण सामने आए, उसमें बुखार, नाक बहना, गले में खराश और शरीर में बहुत दर्द और सिरदर्द होना है। अगर ये लक्षण दिखाई दे तो उन्‍हें तुरंत जांच करवा लेना चाहिए।

AIIMS चीफ रणदीप गुलेरिया ने बताया कि अगर आपको ओमिक्रॉन से संक्रमित होने की जानकारी मिलती है तो घबराने नहीं। ये समझना जरूरी है कि पिछली बार से अलग ये नया वेरिएंट ऑक्सीजन संतृप्ति में इतनी गिरावट की वजह नहीं बन रहा। इसलिए जो नॉर्मल वायरस से संक्रमित हैं वो होम आइसोलेशन पर रहें। गुलेरिया ने आगे जोर देकर ये भी कहा कि अस्पताल के बिस्तर उन लोगों के लिए छोड़े दें,जो गंभीर बीमारी की चपेट में हैं। उन्होंने कहा कि डेटा ये भी बता रहा है कि रिकवरी तेजी से हो रही, इसलिए घबराएं नहीं।

गुलेरिया ने आगे ये भी कहा कि हमारे पास जो डेटा है वो बताता है कि वैक्सीनेशन गंभीर बीमारी और मृत्यु दर से बचाव कर रहा है, इसलिए वो लोग जो टीका लगवाने में हिचकिचा रहे है,वो ऐसा ना करें। टीका लगवाना जरूरी है। साथ ही उनमें से कुछ जिन्होंने दूसरी डोज नहीं ली और ये सोचते है कि महामारी खत्म हो गई। उनको आगे आकर दूसरी खुराक जरूर लेनी चाहिए। क्योंकि आप पूरी तरह से तभी सुरक्षित रहेंगे जब आप दोनों खुराक ले लेंगे।

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