दिल्ली में हवा के बाद छठ से पहले यमुना की पानी हुई जहरीली, सरकार साफ रखने में असमर्थ

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 27 अक्टूबर 2022, 05:30 AM Updated: 27 अक्टूबर 2022, 05:30 AM
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दिल्ली में हवा के बाद यमुना की पानी हुई जहरीली

राष्ट्रिय राजधानी दिल्ली में अब हवा के बाद पानी भी जहरीली होते जा रही है। दिल्ली से गुजरने वाली यमुना नदी में प्रदूषण का स्‍तर अचानक से बढ़ गया है। बृहस्पतिवार, 27 अक्टूबर की सुबह नदी में हर तरफ सफेद झाग देखने को मिला। दिल्ली के कालिंदी कुंज की हालत ऐसी हो गई की नदी किनारे खड़े होना तक मुश्किल हो गया है। वैसे हर साल छठ पूजा से पहले यमुना की ये तस्वीरें आम हैं। अब भाजपा इसे लेकर दिल्ली के आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने में लग गई है।

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लोगों की आस्था के महापर्व से पहले, गुरूवार को यमुना नदी को लेकर बुरी खबर सामने आई है. छठ महापर्व से पहले यमुना नदी का पानी और भी ज्यादा प्रदूषित हो गया है। गुरुवार को यमुना जहरीले सफेद झाग की चादर से ढक गया। आपको बता दें कि छठ पूजा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु यमुना घाट पर सूर्य को अर्ध्य देने पहुँचते हैं। इन घाटों पर सूर्य देवता को सुबह और शाम अर्घ्‍य दिया जाता है, ऐसे में यमुना नदी के जहरीले झाग से लोगों की समस्‍या बढ़ सकती है।

दिल्ली में होती है यमुना सबसे ज्यादा गन्दी

आपको बता दे की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले साल ही यमुना की सफ़ाई के लिए एक्शन प्लान बनाया था, लेकिन यमुना में अभी तक इसका कोई असर नहीं दिखा है। जानकारों के मुताबिक 1070 किलोमीटर लंबी यमुना, दिल्ली में महज 54 किलोमीटर की दूरी तय करती है। दूसरी तरफ दिल्ली में ही यमुना सबसे ज्यादा प्रदूषित होती है। दिल्ली में भी वजीराबाद से कालिंदी कुंज तक यमुना में सबसे ज्यादा गंदगी बहाई जाती है।

खाका तैयार होने के बाद भी प्रशासन यमुना को साफ रखने में असमर्थ

आपको बता दें कि 1 सितंबर को ही राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली के मुख्य सचिव को इस बात पर सफाई मांगी थी। एनजीटी ने यह भी कहा था कि यमुना में प्रदूषक बहाने पर रोक लगाने और नदी के पानी की गुणवत्ता की सुरक्षा करने में प्रशासन की विफलता पर क्यों न दंडात्मक कार्रवाई की जाए। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए. के. गोयल की अगुवाई वाली पीठ ने यमुना में प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाये गये कदमों पर असंतोष प्रकट करते हुए कहा था कि यह चिंता की बात है कि यमुना को फिर से साफ़ करने का स्पष्ट खाका होने के बाद भी प्रशासन उसे साफ रखने में असमर्थ रही है। 

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