बेहमई हत्याकांड पर शेर सिंह राणा ने किया 1 करोड़ रुपए के इनाम का ऐलान, फूलन देवी की हत्या पर फिर कही बड़ी बात

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 26 Jan 2023, 12:00 AM | Updated: 26 Jan 2023, 12:00 AM

जानिए क्या था बेहमई हत्याकांड और फूलन देवी की हत्या का मामला 

‘शेर सिंह राणा’ इस नाम से एक फिल्म बन रही है और इस फिल्म की वजह से बेहमई हत्याकांड (behmai hatyakand) चर्चा का विषय बना हुआ है. ‘शेर सिंह राणा पर बन रही फिल्म में विवादों में हैं. विवाद इस बात को लेकर कि एक हत्यारे शेर सिंह राणा (Sher Singh Rana) के नाम पर फिल्म क्यों बनी रही है और शेर सिंह राणा का बेहमई हत्याकांड क्या संबंध है साथ ही   शेर सिंह राणा ने किसको 1 करोड़ रूपये इनाम देने की घोषणा करी है.  वहीँ  इस पोस्ट के जरिये हम आपको’शेर सिंह राणा’ और बेहमई हत्याकांड क्या है और 1 करोड़ रूपये इनाम देने का मामला क्या है इन सभी बातों की जानकारी देने जा रहे हैं. 

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जानिए क्या है बेहमई हत्याकांड

सबसे पहले बात करते हैं बेहमई हत्याकांड की जिसमे 22 राजपूतों की हत्या कर दी गयी और ये हत्या फूलन देवी ने करी थी. रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश का बेहमई गांव में फूलन देवी (fulan devi ) के साथ ठाकुर समाज के लोगों ने कई सप्ताह तक शारीरिक शोषण किया। इसी का बदला लेने के लिए फूलन ने एक शादी में पुलिस की वर्दी में शामिल होकर 14 फरवरी 1981 को एक साथ 22 लोगों को एक लाइन में खड़ा करके गोली मार दी थी और इस हत्याकांड को ही बेहमई हत्याकांड के नाम से जाना जाता है। फूलन देवी 80 के दशक की एक महिला डकैत थी. समाजवादी पार्टी के सरंक्षक मुलायम सिंह यादव फूलन देवी को राजनीति में लेकर आए और वर्ष 1996 में फूलन देवी उत्तर प्रदेश की भदोही लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर सांसद बनी और 25 जुलाई 2001 शेर सिंह राणा ने फूलन देवी की हत्या कर दी गयी 

शेर सिंह राणा ने फूलन देवी हत्या के आरोपी 

साल 1981 में बेहमई में फूलन देवी द्वारा गांव के 22 ठाकुरों को मारने बदला शेर सिंह राणा ने फूलन देवी (fulan devi murder) को 25 जुलाई 2001 में हत्या करके लिया था. इसी हत्याकांड का बदला लेने के लिए फूलन देवी को मौत के घाट उतारा। शेर सिंह राणा का असली नाम पंकज सिंह पुंढीर है और उसका जन्म 17 मई 1976 को उत्तराखंड के रुड़की में हुआ था। वहीं फूलन देवी की हत्या करने के मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा हुई थी लेकिन 17 फरवरी 2004 को शेर सिंह राणा तिहाड़ जेल से फरार हो गया और कुछ दिन बाद ही उसने दावा किया कि , साल 2006 में शेर सिंह राणा को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। 2016 में शेर सिंह राणा को जमानत मिल गई और साल 2019 में शेर सिंह ने अपनी पार्टी राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (RAJPA) का गठन कर लिया।

शेर सिंह राणा ने  1 करोड़ रुपए के इनाम का किया ऐलान

वहीं TV100 की एक रिपोर्ट के अनुसार, शेर सिंह राणा ने इस बेहमई हत्याकांड को लेकर कहा कि फूलन देवी ने जिन 22 लोगों की हत्या करी उसमे मरने वाले सिर्फ ठाकुर ही नहीं थे. जिन्हें मारा गया उसमें दलित, पिछड़े समाज, मुसलमान भी था.  अगर कोई व्यक्ति ये साबित कर दें मरने वाले सिर्फ ठाकुर ही थे मैं उसे 1 करोड़ का इनाम दूंगा. 

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