Shiva Sharma murder case: राजधानी लखनऊ के युवा करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा की रहस्यमयी मौत के मामले में मुख्य आरोपी और फरार मॉडल श्रद्धा दुबे का खेल आखिरकार खत्म हो गया है। यूपी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के संयुक्त शिकंजे में फंसी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर को बुधवार, 21 अक्टूबर को नागपुर जिला अदालत में पेश किया जा रहा है। मंगलवार देर रात कागजी औपचारिकताएं अधूरी रह जाने की वजह से पेशी टल गई थी। अब यूपी पुलिस अदालत के सामने ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दाखिल कर रही है, ताकि तीनों को नागपुर से लखनऊ लाया जा सके और इस हाई-प्रोफाइल मौत के रहस्य से पर्दा उठाया जा सके।
गिरफ्तारी के बाद तीनों को पहले नागपुर के बेलतरोड़ी पुलिस थाने लाया गया था। वहां महिलाओं के लिए अलग लॉकअप की व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धा को देर रात हुड़केश्वर पुलिस थाने में शिफ्ट किया गया। मेडिकल कॉलेज में मेडिकल जांच कराने के बाद अब तीनों की यूपी रवानगी की तैयारी है।
लेकिन यह पूरा मामला केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। यह कहानी है ग्लैमर, रसूख, अंडरवर्ल्ड के गठजोड़, ब्लैकमेलिंग और एक हंसते-खेलते 28 वर्षीय कारोबारी के दर्दनाक अंत की। आइए सिलसिलेवार ढंग से समझते हैं कि कैसे एक छोटे शहर की लड़की ने ग्लैमर की आड़ में रसूखदारों का जाल बुना और शिवा शर्मा की जिंदगी तबाह हो गई।
चौथे फ्लोर से गिरा शिवा, बदन पर लिपस्टिक और सिगरेट के दाग| Shiva Sharma murder case
वारदात की शुरुआत 9 अक्टूबर की शाम हुई। लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित पॉश ‘अवध ग्रीन अपार्टमेंट’ के चौथे फ्लोर से संदिग्ध हालात में गिरकर 28 साल के युवा कारोबारी शिवा शर्मा की मौत हो गई। शिवा अलीगंज इलाके में ‘वंदे मातरम’ नाम से कपड़ों का बड़ा शोरूम और ‘आंगन’ नाम से एक मशहूर रेस्टोरेंट चलाता था।
जब शिवा का शव अपार्टमेंट के नीचे जमीन पर मिला, तो वहां मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। शिवा के जिस्म पर कपड़ों के नाम पर केवल अंडरवियर था। उसके पूरे बदन पर जगह-जगह लिपस्टिक के गहरे निशान थे। सीने, हाथों और जांघों पर सिगरेट से दागे जाने के खौफनाक जख्म मौजूद थे।
मौत के फौरन बाद श्रद्धा की बहन रश्मि ने शिवा की मां रंजना शर्मा को फोन घुमाया। उसने सीधे झूठ बोला कि शिवा का सड़क हादसा हो गया है और वे उसे लोहिया अस्पताल ले जा रहे हैं। जबकि हकीकत यह थी कि शिवा को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। शिवा की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका सीधा आरोप है कि उनके बेटे को बेरहमी से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और फिर उसे बालकनी से धक्का दे दिया गया या कूदने पर मजबूर किया गया।
परिवार का दावा है कि 2 जून को ही शिवा ने अपनी बहन को फोन पर रोते-बिलखते हुए बताया था कि श्रद्धा उसे बुरी तरह ब्लैकमेल कर रही है और उसके पास से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है।
पब से लिव-इन तक: हुस्न के जाल में कैसे फंसा शिवा?
शिवा शर्मा और श्रद्धा दुबे की मुलाकात लखनऊ के एक पब में एक कॉमन दोस्त के जरिए हुई थी। अपनी खूबसूरती और मीठी बातों से श्रद्धा ने शिवा को अपने करीब कर लिया। जुलाई 2026 में दोनों हजरतगंज के ‘अवध ग्रीन अपार्टमेंट’ के फ्लैट में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। शिवा प्यार में इस कदर अंधा हो चुका था कि उसने श्रद्धा के महंगे और फिजूलखर्च शौक पूरे करने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए। श्रद्धा की आलीशान जिंदगी, डिजाइनर कपड़े और पार्टियां फाइनेंस करते-करते शिवा का चलता-फिरता कारोबार बर्बादी की कगार पर पहुंच गया।
इसी बीच 30 अगस्त को गोमती नगर के एक पब में अचानक गोलीबारी हुई। इस फायरिंग केस में शिवा शर्मा का नाम भी दर्ज हो गया। पुलिस ने जब दबाव बनाया तो शिवा फरार हो गया और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया। बाद में पुलिस ने उसे पटना से धर दबोचा। जेल जाने के बाद जब शिवा जमानत पर छूटा, तो वह बुरी तरह सहम चुका था। श्रद्धा ने शिवा की इसी घबराहट और खौफ को अपनी सबसे बड़ी ढाल बना लिया। वह उसे बार-बार पुलिस और बड़े अफसरों की धौंस दिखाकर जेल भिजवाने की धमकी देने लगी। मौत से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें श्रद्धा शिवा पर बुरी तरह चिल्ला रही है और सहमा हुआ शिवा गिड़गिड़ाते हुए कह रहा है, “मेरे पास अब कैश नहीं बचा है। तुम मेरी बीएमडब्ल्यू कार रख लो, लेकिन मुझे अपनी जिंदगी जीने दो।”
11 दिन, 5 राज्य और बुर्का: कैसे पुलिस को छकाती रही श्रद्धा?
शिवा की मौत के बाद जैसे ही अपार्टमेंट में पुलिस की सायरन गूंजी, श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश मौके से रफूचक्कर हो गए। यूपी एसटीएफ चीफ अमिताभ यश के मुताबिक, श्रद्धा पुलिस और कानून के तौर-तरीकों से अच्छी तरह वाकिफ थी। वह जानती थी कि भगोड़ों को मोबाइल लोकेशन और गाड़ियों के जरिए कैसे ट्रैक किया जाता है।
- नेपाल बॉर्डर पर गाड़ी छोड़ी: 9 अक्टूबर की रात ही श्रद्धा अपनी स्कॉर्पियो से बहराइच के रुपईडीहा बॉर्डर पर पहुंची। वहां शुक्ला पार्किंग में गाड़ी पार्क की और 10 अक्टूबर की सुबह 6 बजे पैदल ही नेपाल सीमा में दाखिल हो गई। फैशन शो और इवेंट्स के सिलसिले में वह पहले भी नेपाल जाती रही थी, इसलिए वहां उसका नेटवर्क पहले से मौजूद था।
- ड्राइवर के पहचान पत्र पर कम बजट के होटल: 11 अक्टूबर को श्रद्धा नेपाल के महिमनगर में ई-रिक्शा पर बिना चेहरा ढके घूमती दिखी, जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया। महिमनगर में उसने ड्राइवर के पहचान पत्र का इस्तेमाल करके एक सस्ता सा होटल लिया, ताकि किसी का ध्यान न जाए।
- नेपाली सिम और लोकेशन का चकमा: अगले दिन वह नेपाल के दांग जिले पहुंची। यहां उसने कुछ मिनटों के लिए अपना फोन ऑन किया, जिससे पुलिस को उसकी लोकेशन मिली, लेकिन जब तक टीम पहुंचती, वह वहां से निकल चुकी थी। उसने भारतीय नंबर बंद करके नेपाली सिम का इस्तेमाल शुरू कर दिया।
- सट्टा कारोबारी से मुलाकात और लखनऊ वापसी: 15 अक्टूबर को कुशीनगर के रास्ते वह दोबारा यूपी में घुसी। 16 अक्टूबर को वह रायबरेली पहुंची, जहां उसने नेपाल से लाई गाड़ी छोड़ दी। सारस तिराहे से अर्टिगा कार किराए पर ली। सूत्रों के मुताबिक, रायबरेली में वह एक सट्टा कारोबारी से मिली और फंडिंग का इंतजाम कर उसी रात 12 बजे लखनऊ पहुंच गई।
- हाईकोर्ट में सरेंडर की अर्जी और मीडिया बाइट: 17 अक्टूबर को श्रद्धा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अग्रिम जमानत और सरेंडर की अर्जी लगाई। हाईकोर्ट कैंपस के ठीक बाहर उसने एक न्यूज एजेंसी को इंटरव्यू दिया, जिसमें खुद को मासूम बताया। हैरत की बात यह है कि जहां उसने बाइट दी, वहां से यूपी एसटीएफ का मुख्यालय एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। जब तक पुलिस अलर्ट होती, श्रद्धा बुर्का पहनकर फरार हो चुकी थी।
- आगरा में वकील से गुप्त मंत्रणा: लखनऊ से वह सीधे आगरा के ओम पैलेस होटल पहुंची, जहां वह 24 घंटे रुकी। यहां उसने एक कानूनी सलाहकार से मुलाकात की और फिर बिना फोन का इस्तेमाल किए प्राइवेट गाड़ियों से बचती हुई महाराष्ट्र के नागपुर पहुंच गई। पूरे 11 दिनों के सफर में वह 5 अलग-अलग होटलों में रुकी और टोल नाकों पर गाड़ियां बदलती रही।
शादी, तलाक और ग्लैमर: 698 इंस्टाग्राम पोस्ट की इनसाइड स्टोरी
अब श्रद्धा दुबे की पर्सनल लाइफ की बात करें तो, रायबरेली के रामजीपुरम कॉलोनी की रहने वाली श्रद्धा दुबे की शादी साल 2010 में प्रतापगढ़ के लोकेश पांडेय से हुई थी, जो हैदराबाद में एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। श्रद्धा के शौक देखकर पति ने उसे हैदराबाद में मॉडलिंग और फैशन डिजाइनिंग के महंगे कोर्स कराए। लेकिन कोर्स पूरा होते ही श्रद्धा की महत्वाकांक्षाएं परवान चढ़ने लगीं। वह लखनऊ आ गई और दोनों के बीच विवाद गहराता गया। आखिरकार साल 2022 में दोनों का तलाक हो गया। उनका एक बेटा है, जो अपने पिता लोकेश के पास रहता है।
श्रद्धा के इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुल 698 पोस्ट्स मौजूद हैं। इन पोस्ट्स का विश्लेषण उसकी पूरी जिंदगी का कच्चा-चिट्ठा खोलता है:
- 2018-2021 (स्ट्रगल और मॉडलिंग): अकाउंट पर ज्यादातर तस्वीरें लखनऊ के फोटोग्राफर्स के साथ खिंचवाई गई मॉडलिंग की हैं। 2020-21 में उसने कुछ ज्वेलरी ब्रांड्स और लोकल फैशन शो में काम किया।
- 2022-2023 (तलाक का सन्नाटा): सितंबर 2022 से मई 2023 के बीच उसके अकाउंट पर एक भी पोस्ट नहीं है। यह वही वक्त था जब उसका तलाक हो रहा था।
- 2024-2026 (रसूख और फिजूलखर्ची): तलाक के बाद जब वह लखनऊ पूरी तरह शिफ्ट हुई, तो मॉडलिंग पीछे छूट गई। उसके 1.43 लाख फॉलोअर्स वाले प्रोफाइल पर अब केवल हिल स्टेशनों की सैर, फाइव-स्टार होटलों के नजारे और प्राइवेट गनमैन दिखने लगे। 2026 में उसने 18 पोस्ट किए, जिनमें मॉडलिंग का एक भी काम नहीं था।
- सरकारी गनर का दिखावा: श्रद्धा बिना किसी आधिकारिक सुरक्षा के अपने साथ 2 प्राइवेट बाउंसर रखती थी। कई तस्वीरों में उसके साथ वर्दीधारी सुरक्षाकर्मी भी नजर आते हैं, जो उसके पुलिस और प्रशासनिक रसूख की गवाही देते हैं।
अंडरवर्ल्ड और नेताओं का सिंडिकेट: अबू सलेम के गुर्गे से कनेक्शन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, श्रद्धा केवल मॉडलिंग नहीं कर रही थी, बल्कि उसने रसूखदारों को जाल में फंसाने का सिंडिकेट खड़ा कर लिया था। 2024 के अंत में उसकी मुलाकात जुल्फिकार उर्फ ‘जुल्फी खान’ से हुई। जौनपुर का रहने वाला जुल्फिकार खुद को अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम का करीबी बताता था।
जुल्फी और श्रद्धा बटलर पैलेस के पास एक लग्जरी फ्लैट में लिव-इन में रहने लगे। जुल्फिकार फॉर्च्यूनर कार और अपने कथित रसूख के दम पर श्रद्धा को बड़े-बड़े नेताओं, बिल्डरों और आईपीएस-पीपीएस अफसरों की पार्टियों में ले जाता था। वहां से रसूखदारों को फंसाकर ब्लैकमेल करने और मोटी रकम ऐंठने का खेल चलता था। इसके अलावा उसका नाम रंगदारी और किडनैपिंग के मामलों में जेल जा चुके हिस्ट्रीशीटर अभिषेक सिंह उर्फ ‘बाबू सिंह’ के साथ भी जुड़ा।
खौफनाक ऑडियो: ‘जितना घुमाया, उतना ही घुमा-घुमाकर मारूंगी’
गिरफ्तारी के बाद श्रद्धा और शिवा के बीच बातचीत के दो कथित ऑडियो टेप भी इंटरनेट पर वायरल हो गए हैं, जो उसके आक्रामक और डरावने चेहरे को उजागर करते हैं:
- पहले ऑडियो में: श्रद्धा शिवा पर अपनी बदनामी का आरोप लगाते हुए चीख रही है। वह कहती है कि शिवा ने शहर भर में यह ढिंढोरा पीटा कि वह उसे घुमा रहा है। श्रद्धा धमकी भरे अंदाज में कहती है, “तूने मुझे शहर भर में घुमाकर मेरा नाम खराब किया है, अब मैं तुझे उतना ही घुमा-घुमाकर मारूंगी कि दुनिया याद रखेगी।” बातचीत में वह किसी बड़े अधिकारी का नाम लेकर शिवा की पूरी कुंडली निकलवाने और अंजाम भुगतने की धमकी देती भी सुनाई देती है।
- दूसरे ऑडियो में: श्रद्धा किसी तीसरे शख्स को फोन करके तुरंत घर बुलाती है। वह गालियां देते हुए कहती है कि शिवा ने उसके साथ बहुत गलत किया है और अब वह उसकी धज्जियां उड़ाकर रख देगी। वह किसी ‘ऋषभ’ नाम के लड़के का जिक्र करते हुए कहती है कि उसने भी उसके साथ ऐसा धोखा नहीं किया जैसा शिवा ने किया है।
सियासी घमासान: ‘यह मामला सरकार को ले डूबेगा’
इस हाई-प्रोफाइल मामले ने उत्तर प्रदेश की सियासत में भी भूचाल ला दिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि रसूखदारों और सत्ता के गलियारों से जुड़ा ऐसा गठजोड़ है जो सरकार की साख को हिलाकर रख देगा। अखिलेश यादव ने इसे कानपुर के चर्चित बिकरू कांड की तर्ज पर जोड़ते हुए तंज कसा कि उस समय भी असलियत छुपाने की कोशिश हुई थी और अब भी कई सफेदपोशों को बचाने का खेल चल रहा है।
अब जबकि श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश यूपी एसटीएफ के शिकंजे में हैं, तो नागपुर अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलते ही तीनों को लखनऊ लाया जाएगा। पुलिस की पूछताछ में यह साफ होगा कि उस काली रात 9 अक्टूबर को फ्लैट की बालकनी में असल में क्या हुआ था क्या शिवा ने टॉर्चर से तंग आकर छलांग लगाई या फिर उसे धक्का देकर हमेशा के लिए खामोश कर दिया गया।










































