OpenAI humanoid robot demo: जरा सोचिए कि आपके घर में एक ऐसा हेल्पर हो जो आपकी आवाज सुनते ही काम पर लग जाए, कमरे में बिखरा सामान करीने से समेट दे, रसोई के छोटे-मोटे कामों में मदद करे और जरूरत पड़ने पर लैपटॉप पर बैठकर ऑफिस के काम भी निपटा दे। किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसी लगने वाली यह तस्वीर अब हकीकत बनने की राह पर है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में तहलका मचाने वाली चैटजीपीटी (ChatGPT) की पैरेंट कंपनी OpenAI अब इंसानों जैसा दिखने वाला ह्यूमनॉइड रोबोट तैयार कर रही है। कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने खुद एक पॉडकास्ट में यह खुलासा किया है कि वे एक ऐसे रोबोट पर तेजी से काम कर रहे हैं, जिसका पहला डेमो अगले साल यानी 2027 तक दुनिया के सामने आ सकता है।
इंसानी बनावट ही क्यों है जरूरी? OpenAI humanoid robot demo
पॉडकास्ट में बात करते हुए सैम ऑल्टमैन ने बेहद दिलचस्प तर्क दिया। उन्होंने बताया कि हमारी पूरी दुनिया, हमारा ढांचा इंसानों की शारीरिक बनावट को ध्यान में रखकर गढ़ा गया है। हमारे घरों के दरवाजे, सीढ़ियां, किचन के स्लैब, कंप्यूटर कीबोर्ड और रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले औजार इंसानी हाथों और कद-काठी के हिसाब से बने हैं। ऐसे में अगर किसी मशीन या रोबोट को हमारे बीच रहकर काम करना है, तो उसकी बनावट भी इंसानों जैसी ही होनी चाहिए। यानी उसके दो हाथ, दो पैर, चलने-फिरने का संतुलन और चीजों को मजबूती से पकड़ने की ग्रिप वैसी ही होनी चाहिए जैसी हमारी होती है।
शरीर बनाना नहीं, ‘दिमाग’ तैयार करना असली चुनौती
सैम ऑल्टमैन का कहना है कि रोबोट का ढांचा या शरीर खड़ा करना कोई बहुत बड़ा खेल नहीं है, असली चुनौती तो उसके भीतर एक ऐसा ‘दिमाग’ फिट करना है जो इंसानी सूझबूझ के साथ फैसला ले सके।
उन्होंने एक साधारण सा उदाहरण देते हुए समझाया कि मान लीजिए आपने रोबोट से कहा, “एक गिलास पानी लाओ।” सुनने में यह कमांड बहुत आसान लगता है, लेकिन रोबोट के लिए यह जटिल प्रक्रिया है। उसे पहले गिलास की पहचान करनी होगी, उसे इतने सधे हुए हाथ से पकड़ना होगा कि वह टूटे नहीं, फिर नल या बोतल से पानी भरकर बिना छलकाए आप तक सुरक्षित पहुंचाना होगा। इसके लिए केवल हाथ-पैर होना काफी नहीं है, बल्कि रोबोट के भीतर आसपास के माहौल को भांपने, रास्ते की बाधाओं को समझने और कोई गलती होने पर उसे तुरंत सुधारने की समझ (कॉग्निटिव एबिलिटी) होनी जरूरी है।
2027 में पहला डेमो, पर घरों तक आने में लगेगा वक्त
फॉर्च्यून से बातचीत में सैम ऑल्टमैन ने साफ किया कि कंपनी साल 2027 में इस इंसानी रोबोट का पहला प्रोटोटाइप या डेमो पेश कर सकती है। हालांकि, आम लोगों के घरों तक इसके पहुंचने में अभी कुछ और साल का वक्त लगेगा। फिलहाल OpenAI ने इसकी कीमत, फाइनल डिजाइन या आधिकारिक कमर्शियल लॉन्च को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है।
कंपनी की पहली प्राथमिकता ऐसे रोबोट तैयार करने की है जो फैक्ट्रियों या कंस्ट्रक्शन साइट्स पर कुशल कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकें। इसके बाद दूसरे चरण में इसे घरेलू पर्सनल असिस्टेंट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए कंपनी लगातार शीर्ष इंजीनियरों और रोबोटिक्स विशेषज्ञों की भर्तियां कर रही है।
बेशक यह तकनीक दुनिया को बदलने का दम रखती है, लेकिन जानकारों का मानना है कि घरों में हाई-डेफिनिशन कैमरों, सेंसर्स और माइक्रोफोन से लैस ऐसे रोबोट्स के आने के बाद डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर भी बड़े सवाल खड़े होंगे, जिनका हल निकालना कंपनी के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।







































