Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद 5 बड़ी खबरों में पहली खबर सड़कों पर बेलगाम दौड़ते डंपर चालकों की दबंगई की, तो वहीं विजयनगर में चोरियों से तंग आकर सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरी जनता की जमीनी हकीकत भी आपको दिखाएंगे।
इसके अलावा, एनसीआर के लोगों के लिए दिवाली के एक बड़े तोहफे और हिंडन डूब क्षेत्र के निवासियों को मिली बिजली की बड़ी राहत पर भी बात होगी। साथ ही जानेंगे कि क्यों दिल्ली-एनसीआर का ‘नो पीयूसीसी नो फ्यूल’ अभियान सर्वर डाउन होने की वजह से पेट्रोल पंपों पर हांफता नजर आ रहा है। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
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तेज रफ्तार डंपर की स्कूटी को टक्कर
गाजियाबाद की पहली खबर नंदग्राम थाना क्षेत्र से है, जहां एक तेज रफ्तार डंपर ने एक नई स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गई। जब स्कूटी सवार ने इस घटना का विरोध किया, तो डंपर चालक और उसके साथियों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि डंपर मालिक से शिकायत करने पर दोबारा डंपर चढ़ाकर कुचलने की धमकी भी दे डाली।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बताया जा रहा है कि विजयनगर के रहने वाले पीड़ित महेश कुमार ने घटना से सिर्फ 7 दिन पहले ही स्कूटी खरीदी थी। और यह हादसा बृहस्पतिवार को नंदग्राम थाना क्षेत्र के तहत मोरटा गांव की तरफ जाते समय हुआ, जहां पीड़ित एक फ्लैट देखने जा रहे थे।
टक्कर के बाद जब महेश ने विरोध किया, तो डंपर ड्राइवर और उसके साथियों ने उनके साथ विवाद किया। बाद में डंपर मालिक से शिकायत करने पर उन्हें जान से मारने और कुचलने की धमकी दी गई। पीड़ित महेश कुमार ने इस मामले में पुलिस से संपर्क कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
चोरियों के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की दूसरी खबर विजयनगर से है, जहां सेक्टर-9 स्थित जी और एफ ब्लॉक में लगातार हो रही चोरियों और चोरी के प्रयासों से परेशान स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर आया है। शुक्रवार देर रात बड़ी संख्या में आक्रोशित महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस प्रशासन और सेक्टर-9 पुलिस चौकी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध मार्च निकाला।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, लोगों का कहना है कि वे अब पुलिस के भरोसे बैठने के बजाय खुद रात में अपने इलाके की सुरक्षा और निगरानी करेंगे। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय युवाओं ने मिलकर अलग-अलग दल (टीमें) बनाए हैं जो रात में गश्त (पेट्रोलिंग) करेंगे।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सुरक्षा के इंतजाम पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। हाल ही में इस इलाके के एक तीन मंजिला मकान में करीब डेढ़ से दो घंटे तक इत्मीनान से चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था, जिससे निवासियों में गहरा डर और गुस्सा है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोग पुलिस की गश्त बढ़ाने और चोरों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
UPAVP की नई स्कीम (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की तीसरी खबर आवास विकास परिषद (UPAVP) द्वारा दिल्ली-एनसीआर के गाजियाबाद (लोनी) में लाई जा रही मंडोला विहार योजना को लेकर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ‘प्रीमियम भूखंड योजना’ के तहत ड्रा में सफल होने वाले आवेदकों को एक ही प्लॉट पर मिश्रित उपयोग (Mixed Use) की अनुमति मिलेगी। इसका मतलब है कि आप भूखंड के निचले हिस्से (Ground Floor) में अपनी दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान खोल सकेंगे और ऊपरी हिस्से में अपना घर (आवास) बना सकेंगे। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन मौका है जो एक ही जगह से अपना रोजगार और निवास दोनों चलाना चाहते हैं।
40 वर्ग मीटर के भूखंड की संभावित कीमत लगभग 15 लाख से शुरू होने का अनुमान है। 200 वर्ग मीटर के प्रीमियम भूखंड की कीमत करीब 76 लाख प्रस्तावित की गई है। इनके अलावा मध्यम वर्ग की जरूरतों के हिसाब से सेमी-फिनिश्ड (Semi-finished) आवास भी इस योजना का हिस्सा होंगे। यह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के बिल्कुल नजदीक स्थित है, जिससे दिल्ली आना-जाना बेहद आसान है। यह इलाका दिल्ली के सोनिया विहार बॉर्डर के पास लगता है। भविष्य के लिए इस रूट पर मेट्रो सेवा विस्तारित करने की भी योजना है।
प्रदूषण-रहित (Non-polluting) छोटे उद्योगों और कारोबारों के लिए अलग से भूखंडों के विकल्प दिए गए हैं। योजना के भीतर स्कूल, अस्पताल और कमर्शियल सुविधाओं के लिए बड़े प्लॉट (524 वर्ग मीटर से 1832 वर्ग मीटर तक) आरक्षित किए गए हैं।
यह स्कीम दीपावली के आसपास आधिकारिक तौर पर लॉन्च की जाएगी, जिसके बाद इसके लिए डिजिटल और ऑनलाइन पंजीकरण विंडो खोल दी जाएगी। इसका आवंटन पूरी तरह पारदर्शी लॉटरी या ई-नीलामी प्रणाली के जरिए किया जाएगा।
No PUCC No Fuel तकनीकी दिक्कत, दूसरे दिन भी सर्वर ठप (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की चौथी खबर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देश पर 1 अक्टूबर से शुरू हुआ ‘नो पीयूसीसी नो फ्यूल’ (No PUCC No Fuel) अभियान तकनीकी दिक्कतों के कारण बेअसर साबित हो रहा है। लगातार दूसरे दिन भी खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा तैयार किया गया मोबाइल ऐप और उसका सर्वर ठप रहा, जिससे पेट्रोल पंपों पर वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUCC) की जांच नहीं की जा सकी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेट्रोल पंप कर्मचारियों के मोबाइल में जो आधिकारिक ऐप डाउनलोड कराया गया है, उसका सर्वर लगातार दूसरे दिन भी ठप रहा। ऐप न चलने के कारण कर्मचारी यह डेटा वेरिफाई नहीं कर पा रहे हैं कि किस वाहन का प्रदूषण सर्टिफिकेट वैध है और किसका नहीं। ऐसे में पेट्रोल पंप संचालक बिना किसी चेकिंग के सामान्य दिनों की तरह ही वाहन चालकों को ईंधन दे रहे हैं ताकि पंपों पर अफरा-तफरी न मचे।
इस नियम के तहत पेट्रोल पंप पर गाड़ी का नंबर दर्ज करने या फोटो खींचकर अपलोड करने पर आरटीओ/परिवहन विभाग के सर्वर से पीयूसीसी की वैधता जांची जानी है। भले ही सर्वर काम नहीं कर रहा है, लेकिन प्रशासन के निर्देश पर वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए गाजियाबाद के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ के बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लगाए जाने लगे हैं। इसका मकसद यह है कि वाहन चालक ईंधन लेने आने से पहले ही अपने वाहनों का प्रदूषण प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से अपडेट करा लें।
हिंडन डूब क्षेत्र के निवासियों को अस्थायी बिजली कनेक्शन की बड़ी राहत (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की पांचवी खबर हिंडन नदी के डूब क्षेत्र को लेकर है। योगी सरकार ने यमुना और हिंडन नदी के डूब क्षेत्र (Floodplain Area) में रहने वाले लाखों निवासियों को एक बड़ी राहत देते हुए इन इलाकों में अस्थायी घरेलू बिजली कनेक्शन देने का ऐतिहासिक फैसला किया है। इस फैसले के तहत अब डूब क्षेत्र के मकानों में भी कानूनी और नियमित रूप से बिजली मिल सकेगी, जिससे स्थानीय लोगों को बिजली चोरी के मामलों और अंधेरे से मुक्ति मिलेगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डूब क्षेत्र में बने मकानों को अब डिस्कॉम (जैसे PVVNL) द्वारा अस्थायी घरेलू बिजली कनेक्शन जारी किए जाएंगे। कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को एक शपथ पत्र देना होगा। इसमें यह स्पष्ट लिखा होगा कि बिजली कनेक्शन मिलने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उनका मकान कानूनी रूप से नियमित (Regularized) हो गया है। यदि भविष्य में प्रशासन डूब क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने या अवैध निर्माण को ढहाने की कोई कार्रवाई करता है, तो मकान मालिक इस बिजली कनेक्शन के आधार पर किसी भी कानूनी स्वामित्व (Ownership) या मुआवजे का दावा नहीं कर सकेंगे।
अब तक डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन प्रतिबंधित होने के कारण बड़े पैमाने पर कटिया डालकर बिजली चोरी की जा रही थी। इससे बिजली कंपनियों को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा था और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था। इन इलाकों में रहने वाली एक बड़ी आबादी (विशेषकर गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के डूब क्षेत्रों में) लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान थी, जिसे देखते हुए सरकार ने यह व्यावहारिक कदम उठाया है।
उपभोक्ता इसके लिए बिजली विभाग के पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इन सभी कनेक्शनों पर अनिवार्य रूप से प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर लगाए जाएंगे, ताकि खपत के अनुसार ही बिलिंग की जा सके।












































