Bengal illegal coal mining: पश्चिम बंगाल में कोयले के अवैध खनन और चोरी को लेकर केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने पिछली सरकारों पर जोरदार हमला बोला है। कोलकाता में आयोजित ‘एल्युमिनियम रोड शो’ के मौके पर मीडिया से मुखातिब होते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुजरे दौर में राज्य के भीतर पूरी तरह ‘जंगल राज’ जैसी स्थिति बन चुकी थी और कोयला चोरी आम बात हो गई थी। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि उस समय तो ऐसा लगता था मानो कोयला चोरी खुद एक संगठित उद्योग (इंडस्ट्री) का रूप ले चुकी हो। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि मौजूदा दौर में व्यवस्था काफी बदली है और अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
अवैध खनन पर रिपोर्ट और डबल इंजन सरकार का एक्शन| Bengal illegal coal mining
जी किशन रेड्डी ने बताया कि केंद्र सरकार को बंगाल के कोयला बेल्ट से अवैध खनन, गैर-कानूनी बिजली-पानी कनेक्शन और सरकारी राजस्व में भारी हेराफेरी से जुड़ी ढेरों शिकायतें और रिपोर्ट्स मिली थीं। पिछली सरकारों में इन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।
उन्होंने आगे कहा कि अब स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। केंद्र और राज्य दोनों जगह तालमेल के साथ काम चल रहा है और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इस पूरे मामले पर कड़ा एक्शन ले रहे हैं। मंत्री के मुताबिक, अब कोयला खदानों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जा रही है, जिससे राज्य सरकार का राजस्व भी तेजी से बढ़ेगा।
बंगाल में 1.47 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स, पूर्वी भारत को हब बनाने की तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि पश्चिम बंगाल में इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़ा निवेश और रोजगार के नए मौके तैयार करने पर खास ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि कोलकाता और पूरे बंगाल की खोई हुई औद्योगिक साख को दोबारा लौटाना केंद्र की पहली प्राथमिकताओं में से एक है।
आंकड़े साझा करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के लिए करीब 1.47 लाख करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं, जबकि 79 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम पहले ही बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च की जा चुकी है। उन्होंने सुझाव दिया कि ओडिशा के एल्युमिनियम हब और बंगाल के एमएसएमई (MSME) व डाउनस्ट्रीम उद्योगों को मिलाकर पूरे पूर्वी भारत को देश का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग गेटवे बनाया जा सकता है।
एल्युमिनियम सेक्टर में आयात घटाने और वैल्यू एडिशन पर जोर
भारत के कच्चे एल्युमिनियम उत्पादन की तारीफ करते हुए जी किशन रेड्डी ने चिंता जताई कि हाई-वैल्यू और फिनिश्ड एल्युमिनियम उत्पादों के लिए भारत आज भी विदेशों से आयात पर निर्भर है। इस कमी को दूर करने के लिए देश के भीतर ही ‘वैल्यू-एडेड’ प्रोडक्ट्स बनाने होंगे। उन्होंने नाल्को (NALCO) के जरिए लिक्विड एल्युमिनियम की सीधी सप्लाई और पोर्ट, रेल व सड़क कनेक्टिविटी का फायदा उठाकर नए एल्युमिनियम इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की बात कही। साथ ही छोटे उद्योगों से अपील की कि वे डिफेंस, एयरोस्पेस, रेलवे, मेट्रो कोच, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक सेक्टरों के लिए जरूरी कलपुर्जे बनाने में आगे आएं।
मुख्यमंत्री संग अहम बैठक: विकास को मिलेगी नई रफ्तार
कोलकाता दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी की। इस मुलाकात का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा, “हमने राज्य के कोयला और खनन क्षेत्र में निवेश, विकास और नौकरियों के बड़े अवसरों पर विस्तार से चर्चा की है। डबल इंजन सरकार की ताकत से हम पश्चिम बंगाल की खनिज संपदा की पूरी क्षमता का सही इस्तेमाल करेंगे और राज्य को देश की आर्थिक तरक्की का अहम भागीदार बनाएंगे।”














































