Rasik Dulari Sharan death: धर्मनगरी मथुरा के वृंदावन में मशहूर संत प्रेमानंद महाराज के साधक (परिकर) दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण महाराज (25) की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। वराह घाट मार्ग पर स्थित नवनिर्मित ‘गऊ कृपा कुंज’ आश्रम की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर साधक ने अपनी जान दे दी। यह मामला तब और ज्यादा पेचीदा और रहस्यमयी हो गया जब डॉक्टरों ने पाया कि कूदने से पहले साधक का प्राइवेट पार्ट धारदार ग्राइंडर से काटा गया था। इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स सबूत जुटाने में लगे हैं, वहीं वृंदावन के साधु-संतों ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग उठा दी है।
4 मिनट में खत्म हुआ जीवन, सीसीटीवी में दर्ज हुआ खौफनाक मंजर| Rasik Dulari Sharan death
पुलिस जांच और आश्रम के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से साफ हुआ है कि यह घटना शुक्रवार की सुबह करीब 10:30 बजे हुई। फुटेज में दिखता है कि रसिक दुलारीशरण महाराज अपने कमरे से बाहर निकलकर चौथी मंजिल की छत पर पहुंचे। वहां वे कुछ पल बैठे और फिर थोड़ी देर लेटे रहे। इसके बाद अचानक उठकर उन्होंने नीचे सड़क की तरफ छलांग लगा दी।
वे आश्रम से करीब 6 फीट दूर सड़क पर पैरों के बल गिरे और उनका सिर जमीन से टकराते ही बुरी तरह फट गया। नीचे गिरते ही आश्रम में अफरा-तफरी मच गई। बाकी साधक तुरंत उन्हें गाड़ी में डालकर अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, साधक के मुंह से खून आ रहा था और कमर के नीचे धोती खून से लथपथ थी, जांच में प्राइवेट पार्ट कटा हुआ मिला। हैरानी की बात यह है कि सुबह 10:30 बजे की इस घटना की सूचना पुलिस को अस्पताल के जरिए दोपहर 12:30 बजे मिली।
कमरे से मिला खून से सना ग्राइंडर, फॉरेंसिक टीम ने उठाए सैंपल
सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि पुलिस आश्रम में रहने वाले अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। दीपक के कमरे की तलाशी लेने पर वहां से खून से सना ग्राइंडर और कटा हुआ अंग बरामद हुआ। इससे साफ संकेत मिलता है कि ग्राइंडर का इस्तेमाल कर खुद को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया था।
सीसीटीवी फुटेज से यह भी पुष्टि हुई है कि उस वक्त कमरे में दीपक अकेले थे। उनके साथ रहने वाला दूसरा साथी घटना से काफी देर पहले ही बाहर जा चुका था। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह और फॉरेंसिक टीम ने कमरे और घटनास्थल से सभी जरूरी फिंगरप्रिंट्स और सैंपल सुरक्षित कर लिए हैं।
2025 में जबलपुर से आए थे दीपक, 2 महीने पहले शुरू हुआ था आश्रम
मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी 25 वर्षीय दीपक लोधी साल 2025 में प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेकर उनके शिष्य बने थे। दीक्षा के बाद उनका नाम रसिक दुलारीशरण पड़ा और वे करीब 40-50 अन्य साधकों के साथ इसी आश्रम में रहकर सेवा और राधारानी की भक्ति कर रहे थे।
चार मंजिला गऊ कृपा कुंज आश्रम का संचालन अभी करीब दो महीने पहले ही शुरू हुआ था। घटना की सूचना पाकर जबलपुर से पहुंचे परिजनों ने आश्रम प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
साधु-संतों में आक्रोश, उठने लगी CBI जांच की मांग
इस चौंकाने वाली मौत पर वृंदावन के संतों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की पावन भूमि पर साधु के शरीर पर चोट और खून मिलना बेहद गंभीर मामला है, इसलिए इसकी सीबीआई जांच कराई जाए। वहीं महामंडलेश्वर राधानंद गिरी और महंत पवन गिरी महाराज ने आशंका जताई कि इसे सीधे तौर पर आत्महत्या मान लेना सही नहीं है, इसके पीछे कोई बड़ी साजिश या आत्महत्या के लिए उकसाने की बात हो सकती है।














































