PM Kisan Maandhan Yojana: उम्र ढलने के साथ आमदनी की फिक्र हर इंसान को सताने लगती है। खासकर तब, जब शरीर पहले की तरह खेत-खलिहान में पसीना बहाने का साथ न दे और हर महीने जेब में आने वाला कोई तय जरिया न बचे। हमारे देश के अन्नदाताओं के लिए यह चिंता और भी गहरी हो जाती है, क्योंकि उनकी पूरी कमाई मौसम के मिजाज और फसल की पैदावार पर टिकी होती है। छोटे और सीमांत किसानों के इसी बुढ़ापे को सुरक्षित और आर्थिक रूप से बेफिक्र बनाने के लिए केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना’ (PM-KMY) एक बड़ा सहारा साबित हो रही है। इस योजना के तहत 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद पात्र किसानों को ताउम्र हर महीने ₹3000 यानी सालाना ₹36,000 की सुनिश्चित पेंशन दी जाती है।
क्या है यह स्कीम और कैसे काम करती है? PM Kisan Maandhan Yojana
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना 12 सितंबर 2019 को शुरू की गई थी। यह एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन स्कीम है, जिसका संचालन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय देश की सबसे भरोसेमंद बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) के साथ मिलकर कर रहा है। सरकारी आंकड़ों (PIB) के अनुसार, फरवरी 2026 तक देशभर में 24 लाख 96 हजार से अधिक किसान इस योजना से जुड़ चुके थे और इसके विस्तार पर 540.66 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च की जा चुकी है।
इस योजना की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें किसान को अकेले सारा बोझ नहीं उठाना पड़ता। किसान अपनी जेब से हर महीने जितनी रकम पेंशन फंड में डालता है, ठीक उतनी ही राशि केंद्र सरकार भी अपनी तरफ से उसके खाते में जमा करती है।
उम्र के हिसाब से तय होता है अंशदान
पेंशन फंड में जमा होने वाली राशि किसान की प्रवेश उम्र पर निर्भर करती है। योजना से जुड़ने की पात्रता 18 से 40 वर्ष रखी गई है:
- 18 साल की उम्र: यदि कोई युवा किसान 18 साल की उम्र में जुड़ता है, तो उसे हर महीने सिर्फ ₹55 जमा करने होंगे। सरकार भी ₹55 मिलाएगी और कुल ₹110 पेंशन खाते में जाएंगे।
- 20 से 30 साल: 20 की उम्र में ₹61, 25 की उम्र में ₹80 और 30 साल की उम्र में ₹105 प्रति माह देने होते हैं।
- 35 से 40 साल: 35 की उम्र में ₹150, 37 पर ₹170 और 40 वर्ष की अधिकतम उम्र में जुड़ने वाले किसान को ₹200 प्रति माह जमा करने होते हैं।
यानी आप जितनी कम उम्र में इस योजना में कदम रखेंगे, आपकी जेब पर प्रीमियम का बोझ उतना ही हल्का रहेगा। यह अंशदान किसान को 60 वर्ष की आयु तक लगातार जमा करना होता है।
किसे मिलेगा लाभ और कैसे करें आवेदन?
इस योजना का फायदा उन छोटे और सीमांत किसानों को मिलता है, जिनके पास अधिकतम 2 हेक्टेयर (लगभग 5 एकड़) तक की खेती योग्य जमीन है और उनका नाम संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के लैंड रिकॉर्ड में 1 अगस्त 2019 तक दर्ज है।
आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद आसान है। पात्र किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर नामांकन करा सकते हैं। इसके लिए पहचान पत्र, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर की जरूरत होती है। सीएससी पर ऑनलाइन वेरिफिकेशन के बाद बैंक खाते से ऑटो-डेबिट मैंडेट सेट कर दिया जाता है। किसान चाहें तो मासिक, तिमाही या छमाही आधार पर भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि किसान चाहें तो पीएम-किसान सम्मान निधि से मिलने वाली ₹6000 की सालाना किस्त से भी इस पेंशन के प्रीमियम का सीधे भुगतान करा सकते हैं।












































