Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद जिले से आज पांच बड़ी और चौंकाने वाली खबरें सामने आ रही हैं, जो सीधे तौर पर प्रशासन की लापरवाही, जन स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी हैं। पहली बड़ी खबर स्वास्थ्य विभाग से है, जहां कागजों में उत्तर प्रदेश में पहले पायदान पर रहने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की जमीनी हकीकत सामने आई है, जहां डॉक्टर बिना मास्क और एप्रिन के मरीजों का इलाज करते मिले हैं।
वहीं दूसरी तरफ, मोदीनगर तहसील के निवाड़ी कस्बे में प्रशासनिक अनदेखी के कारण 200 से अधिक लोग वायरल बुखार की चपेट में आ गए हैं और पूरा कस्बा इस समय बीमार है।अपराध और विवादों की बात करें तो तीसरी खबर कानपुर से है, जहां गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक निवासी एक परिवार जब शादी में शामिल होने गया, तो वहां के होटल सुरक्षाकर्मी ने उनके 2 लाख के जेवर साफ कर दिए, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
चौथी खबर दयानंद नगर के एसडी ग्लोबल स्कूल से है, जहां सोलर पैनल लगाने के नाम पर प्रति छात्र 7,500 की मांग किए जाने पर अभिभावकों और आरडब्ल्यूए ने जिलाधिकारी से शिकायत की है।
आखिरी और पांचवीं खबर एक बार फिर क्रॉसिंग रिपब्लिक से है, जहां वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन टास्क के झांसे में आकर एक महिला ने अपने 6.03 लाख गंवा दिए हैं। इन सभी मामलों में पुलिस और प्रशासनिक टीमें अब जांच और कार्रवाई में जुट गई हैं। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
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आयुष्मान आरोग्य मंदिर की खुली पोल
गाजियाबाद की पहली खबर आयुष्मान आरोग्य मंदिर को लेकर जमीनी हकीकत सामने आई है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि सरकारी मानकों और रैंकिंग के लिहाज से तो गाजियाबाद जिला उत्तर प्रदेश में पहले नंबर (अव्वल) पर घोषित किया गया है, लेकिन हकीकत में इन केंद्रों पर भारी कमियां और लापरवाही पाई गई है।
स्वाइन फ्लू को लेकर जारी सरकारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों के बावजूद कई केंद्रों (जैसे नाहल, कुशलिया, दीनानाथपुर पूठी, रघुनाथपुर, लाजपतनगर, बाल्मीकि कुंज और विजयनगर) पर डॉक्टर और सीएचओ (CHO) बिना मास्क और एप्रिन के मरीजों का इलाज करते मिले।
ओपीडी का आधिकारिक समय सुबह 9 बजे से है, लेकिन कई केंद्रों पर डॉक्टर और स्टाफ दुपहर 12 बजे तक पहुंचे। कई केंद्रों पर बिजली, साफ-सफाई, पीने के पानी और जरूरी जांचों (टेस्ट) के इंतजाम बेहद खराब और असंतोषजनक मिले। जांच में पता चला है कि ज्यादातर सीएचओ डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम (AMS) पर समय से हाजिरी नहीं लगा रहे हैं।
कुछ कर्मचारियों द्वारा घर बैठे ही हाजिरी लगाने के मामले भी पकड़े गए हैं। ताला बंद होने की मुख्य वजह स्टाफ का छुट्टी पर होना या उनकी ड्यूटी किसी दूसरी जगह लगाया जाना हो सकता है। जमीनी हकीकत को सुधारने के लिए नोडल अधिकारियों को गोपनीय निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) करने के निर्देश दिए गए हैं।
बुखार की चपेट में 200 से अधिक लोग (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की दूसरी खबर मोदीनगर तहसील से है, जहां नगर पंचायत निवाड़ी में अधिकारियों की लापरवाही के चलते 200 से अधिक लोग वायरल बुखार की चपेट में आ गए हैं। हिंदूस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, कस्बे के लगभग हर घर में कोई न कोई व्यक्ति बीमार है।
स्थानीय भाजपा नेता और पार्षदों (जैसे रजनीश त्यागी, सत्येंद्र वाल्मीकि, नितिन बंसल और संगीता त्यागी) का आरोप है कि बीमारी फैलने के बावजूद नगर पंचायत ने अभी तक इलाके में फॉगिंग या कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं कराया है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी अभी तक पीड़ितों की जांच या इलाज के लिए कस्बे में कोई विशेष मेडिकल कैंप नहीं लगाया गया है।
पार्षदों और सामाजिक संगठनों ने सोशल मीडिया (X) के माध्यम से सूबे के मुख्यमंत्री से कस्बे में विशेष सफाई अभियान चलाने और स्वास्थ्य टीम भेजने की मांग की है। नगर पंचायत निवाड़ी के अधिशासी अधिकारी (EO) डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह ने इन आरोपों पर कहा है कि नगर पंचायत की ओर से फॉगिंग और कीटनाशकों का छिड़काव कराया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि यदि किसी वार्ड में सफाई नहीं हो रही है, तो उसकी सूचना तुरंत सीधे नगर पंचायत कार्यालय में दें।
सुरक्षाकर्मी ने उड़ाए लाखों के जेवर (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की तीसरी खबर क्रॉसिंग रिपब्लिक से है। जहां एक परिवार के साथ हुई इस घटना की जमीनी हकीकत सामने आई है। टाइम्स ऑफ इंडिया और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद निवासी एक परिवार जब कानपुर में शादी समारोह में शामिल होने गया, तो वहां के होटल सुरक्षाकर्मी ने उनके लाखों रुपये के जेवर चोरी कर लिए, जिसे पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है।
बता दें कि गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक निवासी शाहरुख खान परिवार के साथ कानपुर के डिफेंस कॉलोनी में शादी समारोह में शामिल होने आए थे। समारोह के बाद लौटने पर चार सोने की अंगूठियां और सोने के टॉप्स गायब मिले, जिसके बाद जाजमऊ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली जिसमें एक सुरक्षाकर्मी संदिग्ध दिखा. इसके आधार पर सुरक्षाकर्मी जगराम सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस ने करीब 2 लाख रुपये कीमत के चोरी हुए जेवर बरामद कर लिए हैं। आरोपी ने रुपयों की जरूरत के चलते वारदात को अंजाम देना कबूला और उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है।
सोलर पैनल लगाने के नाम पर बच्चों से मांगे 7,500 (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की चौथी खबर दयानंद नगर से है। जहां एसडी ग्लोबल स्कूल में सोलर पैनल लगाने के नाम पर प्रत्येक बच्चे से 7,500 रुपये मांगने का मामला सामने आया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, आरडब्ल्यूए फेडरेशन ने स्कूल प्रबंधन के इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए जिला प्रशासन से इसकी शिकायत की है।
फेडरेशन का आरोप है कि 22 अगस्त को हुई पीटीएम (PTM) के दौरान स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को सोलर पैनल परियोजना की 50 प्रतिशत राशि (7,500 रुपये प्रति बच्चा) देने का फरमान सुनाया, जिसके बाद कई अभिभावकों ने इसकी शिकायत की।
आरडब्ल्यूए फेडरेशन ने इस मामले को लेकर जिलाधिकारी (DM), सिटी मजिस्ट्रेट, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और सीबीएसई (CBSE) को पत्र भेजकर मामले की तुरंत जांच करने और कार्रवाई की मांग की है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यह निर्णय कक्षाओं में एयर कंडीशनर (AC) लगाने की अभिभावकों की मांग के बाद लिया गया है। बिजली के भारी खर्च और लोड को संभालने के लिए इस सोलर प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार की गई है।
वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन टास्क के नाम 6 लाख की ठगी (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की पांचवी खबर क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र से जहां वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन टास्क के नाम पर एक महिला से 6.03 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। अमर उजाला और लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, ठगों ने शुरुआत में मुनाफा देकर महिला का भरोसा जीता और बाद में बड़ी रकम ऐंठ ली।
क्रॉसिंग रिपब्लिक की एक सोसाइटी में रहने वाली युवती को टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर वर्क फ्रॉम होम का मैसेज मिला। उन्हें यूट्यूब वीडियो लाइक और रिव्यू करने का टास्क दिया गया था। महिला ने शुरुआत में दिए गए टास्क को पूरा किया, जिसके बदले ठगों ने उनके खाते में 1,500 का मुनाफा ट्रांसफर कर दिया. इससे महिला का उन पर भरोसा बढ़ गया। भरोसा जीतने के बाद ठगों ने प्रीपेड टास्क के नाम पर पहले 3,000 जमा करवाए. इसके बाद मुनाफा निकालने के लिए 30,000 और फिर 70,000 की मांग की गई।
जब भी महिला अपना पैसा वापस मांगती, ठग टास्क में गलती या तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर और पैसे ब्लॉक होने की बात कहते। पैसे डूबने के डर से महिला ने अपने परिचितों से उधार लेकर पहले 1.50 लाख, फिर 3 लाख और अंत में 50,000 और ट्रांसफर कर दिए। इस तरह उन्होंने कुल 6,03,000 गंवा दिए।
कुल रकम भेजने के बाद भी जब ठगों ने 1.80 लाख की और मांग की, तब महिला को ठगी का अहसास हुआ। पीड़िता ने मामले की लिखित शिकायत साइबर अपराध थाने में दर्ज कराई है। एडीसीपी क्राइम (ADCP Crime) ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और महिला के बैंक खातों की डिटेल निकालकर ठगों के खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।














































