बिना OTP 5 लाख की ठगी से लेकर स्वाइन फ्लू अलर्ट तक | Top 5 Ghaziabad News

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 31 अगस्त 2026, 06:28 PM Updated: 31 अगस्त 2026, 06:28 PM
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Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आज पांच ऐसी बड़ी खबरें सामने आई हैं, जिन्होंने शासन-प्रशासन से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं। सुरक्षा में चूक की, साइबर क्राइम की नई चालाकी की, और सालों से अटकी टाउनशिप पर हुए बड़े एक्शन की।

पहली बड़ी खबर ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियम पर गाजियाबाद और नोएडा में भारी बवाल! टेस्ट में फेल होने पर सीधे 6,000 की अनिवार्य ट्रेनिंग का जनता ने किया विरोध। दूसरी बड़ी खबर बिना कोई ओटीपी (OTP) शेयर किए खाते से गायब हुए 5 लाख. गाजियाबाद के शाहपुर बम्हेटा में गोल्ड लोन की रकम आते ही शख्स हुआ हाईटेक साइबर ठगी का शिकार।

तीसरी बड़ी खबर केंद्रीय मंत्रालय तक पहुंची गूंज! गाजियाबाद के राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान से अचानक गायब हुआ पीएम मोदी के नाम का शिलापट, पुलिस ने 5 घंटे की मशक्कत के बाद मैनेजर के कमरे से किया बरामद। चौथी बड़ी खबर पश्चिमी यूपी बना स्वाइन फ्लू का नया हॉटस्पॉट। प्रदेश के कुल मामलों में से 50 फीसदी मरीज अकेले नोएडा, मेरठ और गाजियाबाद में; स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर।

पांचवीं बड़ी खबर 19 साल का इंतजार और बिल्डर की धोखाधड़ी! गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने शाहपुर बम्हेटा की जयपुरिया और शौर्यपुरम टाउनशिप के निदेशकों पर दर्ज कराया मुकदमा। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।

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6,000 फीस में बनेगा DL!

गाजियाबाद की पहली खबर यूपी परिवहन को लेकर है। जहां गाजियाबाद और नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) में परिवहन विभाग द्वारा लागू किए गए एक नए नियम को लेकर आवेदकों और वाहन चालकों के बीच भारी विवाद और विरोध शुरू हो गया है। इस नए नियम के अनुसार, यदि कोई आवेदक ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर पर स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस (Permanent DL) की परीक्षा में फेल हो जाता है,

तो उसे दोबारा टेस्ट देने की जरूरत नहीं होगी। इसके बजाय, उसे मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (ADTC) पर एक महीने की अनिवार्य ट्रेनिंग लेनी होगी। इस एक महीने के प्रशिक्षण के लिए केंद्रों द्वारा लगभग 6,000 फीस ली जा रही है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद सेंटर द्वारा सारथी पोर्टल पर फार्म-5बी (Form-5B) जनरेट कर दिया जाएगा, जिसके आधार पर बिना किसी दोबारा टेस्ट (Retest) के सीधे स्थायी लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, लोगों का सवाल है कि जब कोई व्यक्ति पहली बार में ड्राइविंग के मानकों और टेस्ट पर खरा नहीं उतरा, तो केवल ट्रेनिंग के आधार पर उसे सीधे लाइसेंस क्यों दिया जा रहा है? दक्षता की अंतिम परीक्षा (फाइनल टेस्ट) न होना सड़क सुरक्षा को कमजोर करता है।

पहले नियम के तहत यदि कोई आवेदक टेस्ट में फेल होता था, तो वह मात्र 300 का पुन: परीक्षा शुल्क जमा करके एक हफ्ते बाद दोबारा टेस्ट दे सकता था। अब फेल होने पर सीधे 6,000 का खर्च थोपा जा रहा है। विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि इस नियम से केवल अधिकृत ड्राइविंग सेंटरों की चांदी होगी। उदाहरण के लिए, नोएडा के केंद्रों में पिछले साल 3,345 लोग फेल हुए थे, यदि उन सभी से 6,000 वसूले जाएं तो इन केंद्रों को सीधे 2 करोड़ से अधिक का राजस्व मिलेगा।

परिवहन विभाग के अधिकारियों और मोटर वाहन निरीक्षकों का कहना है कि यह शासन स्तर से लागू किया गया आधिकारिक शासनादेश है। विभाग के मुताबिक, इस नई व्यवस्था का उद्देश्य फेल होने वाले आवेदकों को बार-बार परीक्षा में भेजने के बजाय उन्हें पूरी तरह प्रशिक्षित और जिम्मेदार ड्राइवर बनाकर सड़क पर उतारना है।

बिना OTP शेयर किए खाते से 5 लाख गायब (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की दूसरी खबर में बिना कोई ओटीपी (OTP) या बैंक डिटेल शेयर किए एक व्यक्ति के खाते से 5 लाख की साइबर ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्टे्स के अनुसार, शाहपुर बम्हेटा इलाके में पीड़ित महावीर सिंह यादव के बैंक खाते में गोल्ड लोन की रकम ट्रांसफर होते ही साइबर अपराधियों ने पूरा खाता साफ कर दिया।

पीड़ित महावीर सिंह ने 27 जुलाई को एक बैंक से अपनी सोने की ज्वेलरी पर 4.99 लाख का गोल्ड लोन मंजूर कराया था, जो उनके खाते में क्रेडिट हुआ था। लोन की रकम खाते में आने के ठीक अगले दिन यानी 28 जुलाई को उनकी मर्जी के बिना खाते से दो बड़े ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हो गए। साइबर ठगों ने IMPS (इमीडिएट पेमेंट सर्विस) के जरिए पहली बार में 2 लाख और दूसरी बार में 3 लाख निकाल लिए।

पीड़ित का दावा है कि उन्होंने न तो किसी के साथ अपना ओटीपी शेयर किया और न ही कोई संदिग्ध लिंक या बैंक क्रेडेंशियल साझा किए थे। अमित सक्सेना के मुताबिक, पुलिस उन बैंक खातों की कुंडली खंगाल रही है जिनमें यह ₹5 लाख की रकम ट्रांसफर की गई है. इसके साथ ही तकनीकी टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पीड़ित के फोन या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी ठगों के हाथ कैसे लगी।

साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, बिना ओटीपी शेयर किए होने वाली ठगी के पीछे निम्नलिखित आधुनिक तरीके हो सकते हैं। फोन में अनजाने में कोई ऐसा ऐप डाउनलोड हो जाना जो स्क्रीन और आने वाले मैसेजेस/ओटीपी का एक्सेस सीधे हैकर्स को दे देता है। पीड़ित के नाम पर फर्जी दस्तावेजों से दूसरा सिम एक्टिवेट करा लेना, जिससे ओटीपी सीधे ठगों के फोन पर जाता है। फोन हैक करके इनकमिंग कॉल्स और वेरिफिकेशन कॉल्स को अपने नंबर पर रीडायरेक्ट कर लेना।

PM मोदी के नाम का शिलापट अचानक गायब (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की तीसरी बेहद संवेदनशील खबर सामने आई है। गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान (National Institute of Unani Medicine) से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का शिलापट (Plaque) अचानक गायब हो गई है। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 5 घंटे की गहन तलाशी के बाद इसे सुरक्षित बरामद कर लिया है।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के कमला नेहरू नगर स्थित राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2022 में वर्चुअल माध्यम से किया था। उद्घाटन के समय संस्थान परिसर में पीएम मोदी के नाम का एक गरिमामयी लोकार्पण शिलापट लगाया गया था। पिछले दिनों यह शिलापट अपनी तय जगह से अचानक गायब पाया गया, जिससे संस्थान प्रशासन और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया।

शिलापट गायब होने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत एक्शन में आई और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने जब संस्थान के अंदर सघन चेकिंग अभियान चलाया, तो करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद गायब हुआ शिलापट संस्थान के ही एक प्रबंधक (मैनेजर) के कमरे से बरामद हो गया। शुरुआती पूछताछ और जांच में सामने आया है कि संस्थान में चल रहे कुछ निर्माण या रखरखाव (Maintenance) कार्य के चलते उस शिलापट को वहां से हटाकर प्रबंधक के कमरे में सुरक्षित रख दिया गया था।

 पश्चिमी उत्तर प्रदेश बना स्वाइन फ्लू का हॉटस्पॉट (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की चौथी खबर स्वाइन फ्लू को लेकर है, उत्तर प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए यानी स्वाइन फ्लू (H1N1) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में सामने आए कुल मरीजों में से लगभग 50 प्रतिशत अकेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तीन जिलों से हैं, जिसके चलते यह क्षेत्र इस वायरस का नया हॉटस्पॉट बनकर उभरा है।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की अध्यक्षता में हुई स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 57 जिलों में स्वाइन फ्लू पैर पसार चुका है, जहां अब तक 551 प्रयोगशाला पुष्ट (Confirmed) मामले आ चुके हैं। इनमें से अकेले 275 मरीज इन तीन जिलों में मिले हैं।

  • गौतमबुद्ध नगर (नोएडा): सर्वाधिक 189 केस
  • मेरठ: 54 केस
  • गाजियाबाद: 32 केस

पश्चिमी यूपी के इन तीन जिलों के अलावा राजधानी लखनऊ 113 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। बढ़ते मामलों को देखते हुए गाजियाबाद समेत सभी प्रभावित जिलों के स्वास्थ्य महकमे को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अस्पतालों में विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार किए जा रहे हैं।

मामलों की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदेशभर में हाई अलर्ट जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं। नोएडा जिला अस्पताल में 10 बेड का और मेरठ मेडिकल कॉलेज में 20 बेड का स्पेशल आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है।

संदिग्ध मरीजों के लिए अस्पतालों को रैपिड एंटीजन और आरटीपीसीआर टेस्ट किट उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही, एंटीवायरल दवा ‘टैमीफ्लू’ का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों को आईएलआई (ILI – इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी) और सारी (SARI – गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण) के लक्षणों वाले मरीजों की विशेष ट्रैकिंग करने को कहा गया है।

19 साल बाद भी सीवर, पानी और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने शाहपुर बम्हेटा में जयपुरिया सनराइज ग्रीन और शौर्यपुरम इंटीग्रेटेड टाउनशिप के विकास कार्य पूरे न करने और बुनियादी सुविधाएं दिए बिना अवैध प्लॉट बेचने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है।

  • सूर्यकांत जयपुरिया: निदेशक, मेसर्स एसएमवी एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड
  • अनिल जैन: निदेशक, शौर्यपुरम इंटीग्रेटेड टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड

लगभग 300 एकड़ की इस परियोजना के पहले चरण (180 एकड़) के लिए 13 फरवरी 2007 को समझौता हुआ था, जिसे 5 साल में पूरा होना था। हालांकि, 19 वर्ष बीतने के बाद भी सीवर, पानी और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। शौर्यपुरम में स्कूल और ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित करीब 4,000 वर्ग मीटर भूमि पर भी अवैध प्लॉटिंग कर दी गई।

जीडीए ने स्पष्ट किया है कि खरीदारों के साथ धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन पर यह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Rajni

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