Pakistan Balochistan Conflict: पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में हालात बेहद गंभीर और तनावपूर्ण हो गए हैं। स्थानीय लोगों द्वारा अपनी अलग आजादी की तारीख घोषित कर जश्न मनाने के बाद पाकिस्तानी हुकूमत और सेना में हड़कंप मच गया है। प्रांत के नागरिकों ने खुले तौर पर खुद को पाकिस्तान का हिस्सा मानने से इनकार करते हुए अलग राष्ट्र के रूप में पहचान की बात कही है। इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू कर दिए हैं, जिसके बाद उग्रवादी हमलों, नागरिक मौतों के दावों और तेज होते जन-आंदोलनों ने इस्लामाबाद की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
संसाधनों की लूट और लापता लोगों को लेकर गहरा आक्रोश| Pakistan Balochistan Conflict
बलूचिस्तान के लोग लंबे समय से प्राकृतिक संसाधनों के असमान बंटवारे, जबरन लापता किए जा रहे युवाओं और सेना की निरंतर कार्रवाइयों को लेकर भारी नाराजगी जता रहे हैं। इस बार यह गुस्सा खुलकर सड़कों पर आ गया है। स्थानीय विरोध को कुचलने के लिए पाकिस्तानी सेना ने एफ-16 (F-16) लड़ाकू विमानों से बमबारी तक की। दूसरी तरफ, प्रशासन ने खुजदार शहर में अनिश्चितकालीन लॉकडाउन घोषित कर दिया है। पुलिस ने आदेश जारी कर बिना जरूरी काम के लोगों के घरों से निकलने पर रोक लगा दी है।
इस सख्त पाबंदी से आम जिंदगी पूरी तरह ठप पड़ गई है। बाजार, दुकानें और ट्रांसपोर्ट बंद होने के कारण लोग बुनियादी सामान, दूध और दवाओं के लिए तरस रहे हैं। सुरक्षा बलों ने खुजदार के साथ-साथ खारान, जेहरी, कालात, मूला और जियारत जैसे दूरदराज के इलाकों में जमीनी और हवाई गश्त कई गुना बढ़ा दी है।
ड्रोन हमले और BLA की जवाबी कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, खारान जिले के लिज्जे इलाके में जमीनी सैनिकों के साथ ड्रोन और अटैक हेलीकॉप्टर लगातार बमबारी और निगरानी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि इन अभियानों के दौरान एक ड्रोन हमले में एक बेकसूर किसान की मौत हो गई, जबकि कई अन्य नागरिक भी हताहत हुए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सेना जहां संदिग्ध उग्रवादियों को निशाना बनाने की बात कह रही है, वहीं विद्रोही संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने अपने हमलों में तेजी ला दी है। BLA ने दावा किया है कि उसने एक हफ्ते के भीतर 38 हमलों को अंजाम देकर पाकिस्तानी सेना के 32 जवानों को मार गिराया है। संगठन ने 18 इंच की मुख्य गैस पाइपलाइन को भी विस्फोट से उड़ा दिया, जिससे प्रांतीय राजधानी क्वेटा सहित पांच प्रमुख जिलों में गैस आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। BLA ने पूरे प्रांत में ‘ब्लैक डे’ और पूर्ण बहिष्कार का ऐलान किया है, जिससे सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।
सड़कों पर महिलाएं, इंटरनेट बंद और वैश्विक मदद की गुहार
सैन्य दमन के बावजूद बलूच जनता का आंदोलन थम नहीं रहा है। प्रशासन ने इलाके में संचार तंत्र और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं ताकि खबरें बाहर न आ सकें। इसके बावजूद युवा, मध्यम वर्ग और बड़ी संख्या में महिलाएं शांतिपूर्ण धरने दे रही हैं। ‘बलूच यकजहती कमेटी’ जैसे सामाजिक संगठनों ने मुख्य हाईवे जाम कर दिए हैं। उनकी मांग है कि जबरन गायब किए गए लोगों का हिसाब दिया जाए, सैन्य ऑपरेशन तुरंत रुकें और बुनियादी मानवाधिकार बहाल हों।
प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की फायरिंग और लाठीचार्ज के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। अब बलूच नेता अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल देने और मानवाधिकार हनन के खिलाफ आवाज उठाने की अपील कर रहे हैं।













































