Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की कई ऐसी बड़ी घटनाएं घटी हैं, जिन्होंने प्रशासन से लेकर आम जनता तक को झकझोर कर रख दिया है। एक दर्दनाक सड़क हादसे की, तो वहीं स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती दो बड़ी खबरों पर भी नज़र डालेंगे। इसके साथ ही सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी बड़ी अपडेट।
हरिद्वार गंगास्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की पिकअप को ट्रक ने मारी टक्कर, मोदीनगर के गंगनगर पटरी मार्ग पर तीन लोगों की मौके पर ही मौत, कई गंभीर। गाजियाबाद महानगर क्षेत्र के 21 सरकारी स्कूल सिर्फ ‘एक शिक्षक’ के भरोसे, 425 बच्चों को अकेले संभाल रही एक शिक्षिका, 2011 के बाद से नहीं हुई कोई नई भर्ती।
दिल्ली और गाजियाबाद समेत 5 जिलों की पुलिस ने मिलाया हाथ, भारी वाहनों की नो-एंट्री और नमो भारत ट्रेन के लगेंगे 52 अतिरिक्त फेरे। लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, सावन में मांसाहारी होटलों और बूचड़खानों को तत्काल बंद करने की उठाई मांग।
लोनी के निजी अस्पताल में प्रसव के बाद लापरवाही से महिला की मौत, परिजनों ने शव रखकर किया जमकर हंगामा, पुलिस जांच में जुटी। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
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श्रद्धालुओं की पिकअप को ट्रक ने मारी टक्कर
गाजियाबाद के मोदीनगर निवाड़ी क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां गंगनगर पटरी मार्ग पर 28-29 जुलाई 2026 की देर रात करीब 12:30 बजे हुआ, जिसमें हरिद्वार गंगास्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की नई बोलेरो पिकअप और एक ट्रक के बीच आमने-सामने भीषण भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार निवाड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला मोदीनगर गंगनगर पटरी मार्ग पर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे पिकअप गाड़ी में सवार लोग, जो हरिद्वार गंगा स्नान और घूमने के लिए जा रहे थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए और तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
सूचना मिलते ही मोदीनगर के एसीपी भास्कर वर्मा और स्थानीय पुलिस टीम तुरंत राहत एवं बचाव कार्य के लिए घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को तुरंत पास के नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया, जहाँ कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटना में शामिल ट्रक को जब्त कर लिया गया है और उसके ड्राइवर तथा कंडक्टर को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
शिक्षा व्यवस्था बेहाल, शिक्षा व्यवस्था बेहाल छात्र (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की दूसरी खबर महानगर क्षेत्र में बुनियादी शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी है, जहां कुल 93 सरकारी स्कूलों में से 21 स्कूल पूरी तरह एकल शिक्षक (सिर्फ एक टीचर) के भरोसे चल रहे हैं। मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि इन एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में छात्रों का नामांकन 401 से 425 विद्यार्थियों तक है। कंपोजिट विद्यालय कैला बालक में 425 बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी महज एक शिक्षिका पर है।
इन अकेले शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ मिड-डे मील, विभागीय बैठकों, प्रशिक्षण, और विभाग के विभिन्न ऐप्स पर डेटा अपडेट करने जैसे तमाम प्रशासनिक काम भी अकेले ही करने पड़ते हैं। प्राथमिक विद्यालय सराय पुख्ता जैसे स्कूलों में कोई शिक्षामित्र या अनुदेशक न होने के कारण, प्राचार्यों को अपने स्तर पर निजी शिक्षक रखकर काम चलाना पड़ रहा है। जिले के इन नगर क्षेत्र के स्कूलों में वर्ष 2011 के बाद से शिक्षकों की कोई नई नियमित नियुक्ति नहीं हुई है। लगातार हो रहे रिटायरमेंट और ट्रांसफर ने इस कमी को और बढ़ा दिया है। गाजियाबाद के शहरी क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जबकि इसके विपरीत ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक तैनात हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग (BSA) इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्रामीण और कम छात्र संख्या वाले स्कूलों से अतिरिक्त (सरप्लस) शिक्षकों की सूची तैयार कर उन्हें इन 21 एकल शिक्षक विद्यालयों में समायोजित (Adjust) करने का प्रस्ताव शासन को भेज रहा है। हालांकि, जब तक यह समायोजन धरातल पर पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक बच्चों की पढ़ाई और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
कांवड़ यात्रा साझा एक्शन प्लान (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की तीसरी खबर कावड़ यात्रा व्यवस्था से जुड़ी है, जहां कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए गाजियाबाद, दिल्ली, मेरठ, गौतमबुद्धनगर, हापुड़ और बुलंदशहर समेत सीमावर्ती राज्यों की पुलिस ने एक साझा एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत 29 जुलाई की सुबह से 12 अगस्त 2026 की रात तक भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांवड़ मार्गों की सुरक्षा और सुगम यातायात प्रबंधन के लिए गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण कर यह एक्शन प्लान बनाया है। संदिग्धों और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए सोशल मीडिया सेल सक्रिय है। साथ ही, कांवड़ यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु के लिए सरकार द्वारा जारी वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) साथ रखना अनिवार्य किया गया है।
दिल्ली की ओर से आने वाले ट्रक, ट्रोला, डीसीएम और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे भारी मालवाहक वाहनों का तुलसी निकेतन, सीमापुरी और आनंद विहार बॉर्डर से गाजियाबाद शहर में प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। कांवड़ मार्गों पर यातायात को सुचारु रखने के लिए वन-वे या सिंगल-लेन नियम लागू रहेगा। सड़क के एक हिस्से (कैरिजवे) को पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित रखा जाएगा, जबकि दूसरी लेन से हल्के वाहन गुजर सकेंगे। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को मुख्य रूप से डाक कांवड़ियों के लिए आरक्षित रखा जाएगा।
गाजियाबाद नगर निगम के आईटीएमएस (ITMS) कंट्रोल रूम और मेरठ रोड स्थित मुख्य कांवड़ कंट्रोल रूम से 1255 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे रूट की 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए धरातल पर 4500 से अधिक पुलिसकर्मी और ट्रैफिक व्यवस्था में मदद के लिए 1500 से अधिक वॉलिंटियर्स (ट्रैफिक वॉलिंटियर फोर्स) तैनात रहेंगे।
सभी कांवड़ शिविर सड़क पर बैरिकेडिंग के पीछे (बाईं ओर) लगाए जाएंगे ताकि मार्ग बाधित न हो। इसके अलावा, धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मार्ग में पड़ने वाली नॉनवेज और शराब की दुकानों को बंद या पर्दों से ढका जाएगा। नमो भारत ट्रेन के फेरे बढ़े: आम यात्रियों की सहूलियत के लिए एनसीआरटीसी (NCRTC) 30 जुलाई से दिल्ली से मेरठ के बीच 52 अतिरिक्त फेरे लगाएगी, जिससे ट्रेनें अब हर 10 मिनट की जगह 8 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध रहेंगी। भारतीय रेलवे ने पुरानी दिल्ली से शामली होते हुए सीधे हरिद्वार जाने वाली मेमू (MEMU) लोकल ट्रेन सेवा का भी विस्तार किया है।
सावन में मीट की दुकानें बंद करने की मांग (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की चौथी खबर लोनी विधानसभा क्षेत्र से जहां भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सावन माह के दौरान क्षेत्र में सभी मीट की दुकानों, मांसाहारी होटलों, कट्टी घरों और बूचड़खानों को तत्काल बंद करने की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधायक ने अपने पत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश का हवाला दिया है, जिसके तहत श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान मीट की दुकानों का संचालन प्रतिबंधित रहता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोनी विधानसभा क्षेत्र हिंडन एयरफोर्स स्टेशन/एयरपोर्ट के बेहद करीब है। एयरक्राफ्ट अधिनियम के तहत विमानों की सुरक्षा (पक्षियों के मंडराने के खतरे) को देखते हुए यहां वैसे भी पशु वध और मांस की दुकानें प्रतिबंधित श्रेणी में आती हैं। विधायक ने पत्र में दावा किया है कि प्रशासन की सख्ती के बावजूद कुछ असामाजिक तत्व और दुकानदार नियमों का उल्लंघन कर चोरी-छिपे मांसाहारी प्रतिष्ठान चला रहे हैं, जो कि बेहद गंभीर है।
विधायक ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि नियमों की अनदेखी करने वालों और अवैध रूप से दुकानें खोलने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। पत्र में कहा गया है कि सावन के पवित्र महीने में लाखों श्रद्धालु और कांवड़िए इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में लोगों की धार्मिक आस्था और क्षेत्र के सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए इस प्रतिबंध को पूरी तरह लागू करना आवश्यक है। उन्होंने नगर पालिका परिषद लोनी को क्षेत्र के सभी शिवालयों (शिव मंदिरों) और कांवड़ मार्गों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देने की भी मांग की है।
डिलिवरी के बाद 27 वर्षीय महिला की मौत (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की पांचवी खबर लोनी थाना क्षेत्र से जहां बंथला फ्लाईओवर के पास स्थित एक निजी अस्पताल (नवजीवन अस्पताल) में प्रसव (डिलिवरी) के बाद अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) होने से 27 वर्षीय महिला (काजल) की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए शव के साथ अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा और बवाल किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतका की पहचान काजल (27 वर्ष) के रूप में हुई है, जो लोनी के बाग राणप क्षेत्र के रहने वाले हरीश कुमार की पत्नी थीं। उनकी शादी वर्ष 2021 में हुई थी और उनकी पहले से दो बेटियां हैं। काजल को 27 जुलाई 2026 की दोपहर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 28 जुलाई की तड़के सुबह करीब 3:15 बजे उन्होंने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।
परिजनों का आरोप है कि प्रसव के तुरंत बाद काजल को अत्यधिक ब्लीडिंग (रक्तस्राव) होने लगी। आरोप है कि अस्पताल में कोई योग्य या विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिसके चलते समय रहते ब्लीडिंग रोकने का सही इलाज नहीं किया गया और उनकी हालत बिगड़ती चली गई। जब स्थिति हाथ से बाहर हो गई, तो निजी अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को दिल्ली के जीटीबी (GTB) अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने काजल को मृत घोषित कर दिया।
मौत की पुष्टि होने के बाद गुस्साए परिजन शव को वापस निजी अस्पताल लेकर पहुंचे और गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मृतका के पति का आरोप है कि शिकायत करने पर अस्पताल संचालक (राहुल त्यागी और सुमन त्यागी) व स्टाफ ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और “जो कर सकते हो कर लो” कहते हुए गंभीर धमकियां भी दीं।
राहत की बात यह है कि नवजात बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है और फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में अस्पताल में भर्ती है। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोनी कोतवाली पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य मेडिकल साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।































