Jaggu Bhagwanpuria Gang: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भारतीय गैंगस्टरों के खिलाफ अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर और ड्रग माफिया जग्गू भगवानपुरिया के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने इस गिरोह के कथित प्रमुख सहयोगी और मोस्ट वांटेड सदस्य नीतीश कौशल को गिरफ्तार कर लिया है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई अमेरिका में फैले भगवानपुरिया गैंग के नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी चोट है।
कैलिफोर्निया से संचालित हो रहा था नेटवर्क| Jaggu Bhagwanpuria Gang
एफबीआई की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, नीतीश कौशल अमेरिका में जग्गू भगवानपुरिया ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप का अहम सदस्य था। यह गिरोह भले ही पंजाब से जुड़ा हो, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसने अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत कई देशों में अपना नेटवर्क फैला लिया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि गिरोह संगठित अपराध की कई गंभीर गतिविधियों में शामिल रहा है।
जांच के अनुसार, इस नेटवर्क पर हत्या, अपहरण, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। अमेरिकी एजेंसियां लंबे समय से इस नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रख रही थीं।
RICO कानून के तहत जारी हुआ था गैर-जमानती वारंट
एफबीआई के मुताबिक, नीतीश कौशल पर अमेरिका में कई हिंसक वारदातों की साजिश रचने और उन्हें अंजाम देने में भूमिका निभाने के आरोप हैं। जांच में उसके खिलाफ कई अहम सबूत मिलने के बाद 25 जून 2026 को अमेरिका के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया स्थित लॉस एंजिलिस की संघीय अदालत ने उसके खिलाफ RICO (Racketeer Influenced and Corrupt Organizations) कानून के तहत गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
इसी वारंट के आधार पर एफबीआई ने एक गोपनीय अभियान चलाया और आखिरकार नीतीश कौशल को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने फिलहाल ऑपरेशन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
विदेशों में फैले भारतीय गैंग्स पर बढ़ा दबाव
हाल के वर्षों में भारतीय गैंगस्टरों ने विदेशों में अपने नेटवर्क मजबूत किए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ऐसे कई गिरोह विदेशों में बैठकर भारत में टारगेट किलिंग, रंगदारी और अन्य संगठित अपराधों को संचालित करते हैं। यही वजह है कि अब विभिन्न देशों की जांच एजेंसियां ऐसे नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नीतीश कौशल की गिरफ्तारी केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट के लिए बड़ा झटका है। इससे जग्गू भगवानपुरिया गिरोह की विदेशी गतिविधियों और उसके आर्थिक नेटवर्क पर भी असर पड़ सकता है।
अब फंडिंग नेटवर्क और अन्य सदस्यों की होगी जांच
एफबीआई फिलहाल नीतीश कौशल से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी की कोशिश है कि अमेरिका, खासकर कैलिफोर्निया में सक्रिय भगवानपुरिया गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके सहयोगियों और फंडिंग नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाई जा सके। माना जा रहा है कि पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से जुड़े कई और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
अमेरिकी एजेंसियों की इस कार्रवाई को यह संदेश माना जा रहा है कि विदेशों में बैठकर संगठित अपराध चलाने वाले गिरोह अब वैश्विक जांच एजेंसियों की सख्त निगरानी में हैं और उनके खिलाफ लगातार समन्वित अभियान चलाए जा रहे हैं।
































