Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में सामने आए चर्चित ब्लाइंड मर्डर केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए दावे और जानकारियां सामने आ रही हैं। पुलिस रिमांड में आरोपी से पूछताछ के दौरान कई ऐसे खुलासे होने का दावा किया गया है, जिन्होंने जांच एजेंसियों के साथ-साथ पूरे शहर को भी हैरान कर दिया है। हालांकि, पुलिस अभी इन दावों की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है और कई पहलुओं की पुष्टि डिजिटल व फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
आरोपी फिलहाल 30 जून तक पुलिस रिमांड पर है। पुलिस का कहना है कि वह भोपाल में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था, जिसके कारण उसे शहर के लगभग हर इलाके, खासकर सुनसान जगहों की अच्छी जानकारी थी। इसी जानकारी का वह कथित तौर पर अपने अपराधों के लिए इस्तेमाल करता था।
डिलीवरी के बहाने निकलता, फिर तलाशता था अकेले लोग| Bhopal News
पुलिस के मुताबिक, आरोपी रात के समय डिलीवरी के बहाने शहर में घूमता था। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि वह पहले शराब खरीदता और फिर ऐसे लोगों की तलाश करता जो अकेले हों। जांच अधिकारियों का कहना है कि वह कथित रूप से लोगों को पैसों का लालच देकर या शराब पिलाकर अपने संपर्क में लाता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया पर जेंडर आधारित ऐप्स का भी इस्तेमाल करता था। इसके अलावा वह प्रभात चौराहा, बोर्ड ऑफिस और नाका जैसे इलाकों में देर रात सक्रिय रहता था।
115 लोगों के संपर्क में आने का दावा
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर दावा किया कि वर्ष 2018 में जेल से छूटने के बाद उसका कोई स्थायी ठिकाना नहीं था और वह ज्यादातर समय सड़कों पर ही बिताता था। पुलिस के अनुसार, उसने यह भी दावा किया कि वह अब तक 100 से अधिक पुरुषों और 15 महिलाओं के संपर्क में आ चुका है। हालांकि पुलिस फिलहाल इन दावों की पुष्टि करने में जुटी है। जांच टीम अब उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जो पिछले कुछ वर्षों में उसके संपर्क में आए थे।
बेसहारा लोगों को बनाता था निशाना
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर सड़क किनारे या फुटपाथ पर रहने वाले लोगों को आसान निशाना मानता था। पूछताछ में उसने दावा किया कि वह उन्हें शराब पिलाता था ताकि वे नशे की हालत में रहें और अगर कभी पुलिस तक पहुंचें भी, तो उनकी बातों पर आसानी से भरोसा न किया जाए। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
घटनास्थल पर कराया गया रीक्रिएशन
शनिवार को कटारा हिल्स थाना पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम आरोपी को इकोलॉजिकल पार्क स्थित घटनास्थल पर लेकर पहुंची। वहां एक डमी की मदद से पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन कराया गया, ताकि हत्या की परिस्थितियों और घटनाक्रम को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
एचआईवी संक्रमण की भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी वर्ष 2022-23 में एक अन्य मामले में जेल गया था, जहां मेडिकल जांच में उसके एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस तथ्य का वर्तमान मामले से कोई संबंध है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है और सभी पहलुओं की जांच जारी है।
हत्या के तरीके को लेकर आरोपी का दावा
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि घटना वाले दिन उसने पहले मृतक को शराब पिलाई। जब वह बेहोशी जैसी स्थिति में पहुंच गया, तब उसे एक पुल के नीचे ले जाकर कथित तौर पर सिर पर भारी पत्थर से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने शव के साथ भी आपत्तिजनक हरकत करने का दावा किया है। इन सभी बयानों की पुष्टि उपलब्ध वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों से की जा रही है।
डिजिटल साक्ष्यों पर टिकी जांच
कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे के मुताबिक, आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। पुलिस उसकी चैट हिस्ट्री, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। उद्देश्य यह पता लगाना है कि पिछले कुछ वर्षों में उसके संपर्क में आए लोगों तक पहुंचा जाए, उन्हें आवश्यक जानकारी दी जाए और जरूरत पड़ने पर उनकी काउंसलिंग कराई जाए।

































