संसद में बोला गया वो झूठ या रणनीतिक चुप्पी? जानें ऑपरेशन सिंदूर का कड़वा सच! | Rajnath Singh Viral Video

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 27 जून 2026, 07:10 पूर्वाह्न | Updated: 27 जून 2026, 07:10 पूर्वाह्न

Rajnath Singh Viral Video: देश में इस वक्त चौतरफा सियासी घमासान मचा है। एक तरफ राम मंदिर में करोड़ों के गबन को लेकर राजनीति गरमाई है, तो दूसरी तरफ पेपर लीक से परेशान युवा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी भारी हंगामे के बीच, सोशल मीडिया पर संसद का पिछले साल का एक वीडियो इंटरनेट पर नजर आ रहा है, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विपक्ष को कड़े तेवर में ललकारते दिख रहे हैं। लेकिन इंटरनेट पर इस वीडियो का दोबारा चर्चा में आना सिर्फ राजनाथ सिंह के बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे छिपे कई गंभीर सवाल भी हैं। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं कि क्या है यह पूरा मामला?

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क्या है पूरा मामला

पहलगाम का वो मंजर आज भी रूह कंपा देता है, जब देश की बेटियों का सिंदूर उजाड़ दिया गया। चुन-चुनकर, मजहब पूछकर बेगुनाह लोगों को मौत के घाट उतारा गया। इस कायराना हरकत से पूरे देश में गुस्से की आग भड़क उठी। चारों तरफ चीख-पुकार थी, गहरे सदमे में डूबे देश के पास सवालों के अलावा कुछ नहीं था। लेकिन संकट के उस दौर में राजनीति किनारे हो गई और विपक्ष भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो गया। पूरे हिंदुस्तान की एक ही हुंकार थी। भारत को खून से रंगने वाले दरिंदों का नामोनिशान मिटा दिया जाए।

इसी गुस्से और बदले की आग से जन्मा ‘ऑपरेशन सिंदूर’, जिसके तहत हमारे जांबाज जवानों ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकियों को ऐसा सबक सिखाया जिसे वे कभी नहीं भूलेंगे। सबसे गर्व की बात यह है कि इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने और रणनीतिक रूप से लीड करने में देश की दो जांबाज बेटियों ने मुख्य भूमिका निभाई थी, जिन्होंने अपनी वीरता से यह साबित कर दिया कि भारत की बेटियां न सिर्फ सिंदूर बचाना जानती हैं, बल्कि उजाड़ने वालों को मिटाना भी जानती हैं।

6 जवान हुए थे शहीद

जहां एक तरफ देश में इस सैन्य ऑपरेशन की सराहना हो रही थी, तो वहीं दूसरी ओर उस वक्त नुकसान को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। पिछले साल संसद के मानसून सत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने विपक्ष के सवालों को खारिज करते हुए पुरजोर तरीके से कहा था कि ‘आपको प्रश्न पूछना है तो यह पूछिए कि क्या इस ऑपरेशन में हमारे जवान सैनिकों को कोई क्षति हुई? तो उसका उत्तर है नहीं।’ उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष ने तालियां बजाकर स्वागत किया था। लेकिन अब सामने आए आधिकारिक आंकड़े कुछ और ही हकीकत बयां कर रहे हैं।

सरकार ने अब खुद आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार कर लिया है कि इस ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना और वायुसेना के 6 जवान शहीद हुए थे। इस ऑपरेशन में अपनी जान न्योछावर करने वाले वीरों में शामिल हैं, सूबेदार मेजर पवन कुमार, वीर चक्र विजेता राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, एविएशन टेक्नीशियन मूड मुरलीनाइक, हवलदार सुनील कुमार सिंह और भारतीय वायु सेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार (वायु पदक)। आज इन शहीदों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल की दीवारों पर दर्ज हैं, जो रक्षा मंत्री के उस पुराने दावे पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़े करते हैं।

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