अगर पासपोर्ट भी भारतीय नागरिकता का सबूत नहीं… तो फिर कौन-सा दस्तावेज है? जानिए नियम| Indian Citizenship Proof

Nandani | Nedrick News Ghaziabad Published: 25 Jun 2026, 11:07 AM | Updated: 25 Jun 2026, 11:07 AM

Indian Citizenship Proof: आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड को लेकर पहले भी कई बार साफ किया जा चुका है कि ये भारतीय नागरिकता का प्रमाण नहीं हैं। अब विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि पासपोर्ट एक यात्रा (ट्रैवल) दस्तावेज है, न कि नागरिकता साबित करने वाला प्रमाण पत्र। इस बयान के बाद लोगों के बीच यह सवाल फिर चर्चा में है कि आखिर भारत में नागरिकता साबित करने के लिए कौन-सा दस्तावेज मान्य होता है।

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विदेश मंत्रालय ने क्या कहा? Indian Citizenship Proof

विदेश मंत्रालय ने हाल ही में पासपोर्ट सेवाओं को लेकर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2025 के दौरान करीब 1.5 करोड़ पासपोर्ट और उससे जुड़ी सेवाएं प्रदान की गईं। इनमें अकेले 1.39 करोड़ नए पासपोर्ट जारी किए गए।

मंत्रालय के अनुसार, पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया को छोड़ दिया जाए तो पासपोर्ट जारी होने में औसतन छह कार्य दिवस लगते हैं। वहीं पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) और पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) में आवेदकों का औसत समय 45 मिनट से भी कम है।

विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि देशभर में अब 545 पासपोर्ट केंद्र काम कर रहे हैं, जबकि करीब दस वर्ष पहले इनकी संख्या केवल 77 थी। पिछले साल 10 नए पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले गए थे और इस वर्ष भी इतने ही नए केंद्र शुरू किए जाने की योजना है।

भारतीयों के लिए बढ़ी विदेश यात्रा की सुविधा

मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि भारतीय नागरिकों को 27 देशों में वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा मिल रही है। वर्ष 2019 में यह संख्या केवल 16 थी। इसके अलावा 47 देश भारतीयों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा देते हैं, जबकि 66 देशों में ई-वीजा उपलब्ध है। इससे विदेश यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान हुई है।

आधार, वोटर आईडी और पैन भी नहीं हैं नागरिकता का प्रमाण

विदेश मंत्रालय के बयान के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा कि यदि पासपोर्ट भी नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो आखिर कौन-सा दस्तावेज भारतीय नागरिकता साबित करता है। इससे पहले चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट भी स्पष्ट कर चुके हैं कि आधार कार्ड केवल पहचान का प्रमाण है। आधार अधिनियम, 2016 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत आधार न तो नागरिकता, न जन्मतिथि और न ही स्थायी निवास का प्रमाण माना जाता है।

इसी तरह पैन कार्ड का उद्देश्य कर संबंधी पहचान है, जबकि वोटर आईडी मतदान का अधिकार देती है। इन दस्तावेजों के आधार पर किसी व्यक्ति की भारतीय नागरिकता स्वतः सिद्ध नहीं होती।

आखिर नागरिकता साबित कैसे होती है?

भारत में सामान्य रूप से नागरिकों को कोई अलग ‘नागरिकता प्रमाण पत्र’ जारी नहीं किया जाता। भारतीय संविधान और नागरिकता कानून के तहत नागरिकता का निर्धारण जन्म, वंश, पंजीकरण, प्राकृतिककरण (Naturalisation) या अन्य कानूनी प्रावधानों के आधार पर होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में जन्म लेने वाले अधिकांश लोगों के लिए जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है, क्योंकि यह यह साबित करता है कि व्यक्ति का जन्म भारत में हुआ है। यह प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत, नगर पालिका या नगर निगम जैसी स्थानीय संस्थाओं द्वारा जारी किया जाता है।

किन लोगों को मिलता है नागरिकता प्रमाण पत्र?

सरकार आम भारतीय नागरिकों को अलग से नागरिकता प्रमाण पत्र जारी नहीं करती। हालांकि जो विदेशी नागरिक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भारतीय नागरिकता प्राप्त करते हैं, उन्हें सरकार की ओर से Citizenship Certificate जारी किया जाता है। यह प्रमाण पत्र नागरिकता अधिनियम के तहत तय प्रक्रियाओं के अनुसार दिया जाता है।

लोगों में बढ़ी जागरूकता की जरूरत

विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर लोग आधार कार्ड, पासपोर्ट या वोटर आईडी को नागरिकता का अंतिम प्रमाण मान लेते हैं, जबकि इन सभी दस्तावेजों का उद्देश्य अलग-अलग है। ऐसे में नागरिकों के लिए यह समझना जरूरी है कि पहचान, यात्रा और नागरिकता से जुड़े दस्तावेज अलग-अलग कानूनी महत्व रखते हैं। विदेश मंत्रालय के ताजा बयान के बाद इस विषय पर एक बार फिर स्पष्टता आई है और उम्मीद है कि इससे लोगों के बीच फैली कई गलतफहमियां भी दूर होंगी।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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