Muzaffarnagar Encounter: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस और एक कुख्यात अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस बात की पुष्टि एसपी सिटी अमृत जैन ने की है। सतपाल लंबे समय से कई राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और उसके खिलाफ गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज थे।
पुलिस के मुताबिक, हाल ही में एक नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले की जांच के दौरान आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली थी। इसके बाद हुई मुठभेड़ में वह घायल हो गया था, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
नाबालिग के अपहरण की जांच से खुली पूरी कहानी| Muzaffarnagar Encounter
पूरा मामला 19 जून का बताया जा रहा है, जब सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने इस केस को प्राथमिकता देते हुए 10 विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया। जांच में सामने आया कि अपहरण के पीछे सतपाल उर्फ सत्तू का हाथ हो सकता है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सतपाल फरवरी 2026 में पंजाब के लुधियाना जेल से फरार हो गया था और उसके बाद लगातार विभिन्न राज्यों में अपराध कर रहा था।
चेकिंग के दौरान पुलिस पर की फायरिंग
सोमवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि अपहरण मामले में वांछित आरोपी क्षेत्र में मौजूद है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में है। सूचना के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस और एसओजी टीम ने बामनहेड़ी-रुड़की रोड पर वाहन चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरा देखकर कार सवार बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की और घेराबंदी कर दी। मुठभेड़ के दौरान सतपाल गोली लगने से घायल हो गया। वहीं सब-इंस्पेक्टर अजय गौड़ और सिपाही अंकित भी गोली लगने से जख्मी हो गए।
अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
घटना के बाद घायल आरोपी और पुलिसकर्मियों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सतपाल की हालत गंभीर देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर घायल पुलिसकर्मियों का उपचार जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
छोटा राजन गैंग से जुड़ चुका था नाम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सतपाल उर्फ सत्तू मूल रूप से चंडीगढ़ का रहने वाला था। उसका आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा था और उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, बलात्कार, गैंगरेप और हमले जैसे दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे। साल 2010 में मेरठ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान उसका नाम कथित तौर पर छोटा राजन गैंग से भी जोड़ा गया था। वह खुद को रणजी क्रिकेट खिलाड़ी बताकर भी लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करता था।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
पुलिस का दावा है कि पिछले चार महीनों में उसने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों में 10 से अधिक नाबालिग लड़कियों के अपहरण की घटनाओं को अंजाम दिया था। मेरठ, सहारनपुर, करनाल और मुजफ्फरनगर समेत कई जगहों पर उसके खिलाफ मामले दर्ज थे। जांच में यह भी सामने आया कि वह बेहद सावधानी से अपनी पहचान छिपाकर रहता था। वह साधारण कीपैड फोन इस्तेमाल करता था और अधिकतर समय उसे बंद रखता था। सीसीटीवी निगरानी वाले इलाकों और टोल प्लाजा से बचकर निकलना उसकी आदत थी।
अपहृत किशोरी सकुशल बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने अपहृत नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया। मौके से एक कार, अवैध पिस्टल, कारतूस, मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड और किशोरी से जुड़ा सामान भी बरामद किया गया है।






























