Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की खबरों में प्रशासनिक सख्ती से लेकर खूनी रंजिश और साइबर ठगी की कई बड़ी घटनाओं में पहली खबर लखनऊ अग्निकांड के बाद एक्शन मोड में आए प्रशासन ने गाजियाबाद में बिना फायर NOC के चल रहे 62 कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों को सील कर दिया है। वहीं दूसरी खबर लोनी के चिरोड़ी गांव में एक बड़ी स्टेशनरी की दुकान में लगी भीषण आग के बाद मची अफरा-तफरी, 4 दमकल गाड़ियों ने पाया काबू लेकिन 30 लाख रुपये का सामान जलकर स्वाहा हो गया।
तीसरी खबर में लोनी के विजय विहार में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने एक ऑटो चालक युवक को पहले पीटा और फिर सीने और पेट में 5 बार चाकू घोंपकर मौत के घाट उतार दिया चौथी खबर में राजनगर एक्सटेंशन में ऑनलाइन ट्रेडिंग और भारी मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के खाते से 18.25 लाख उड़ा दिए।
और पांचवी खबर में स्वास्थ्य जगत से राहत की बड़ी खबर, आगामी 28 जून से जिले में पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत होने जा रही है, जिसके तहत 7.50 लाख बच्चों को सुरक्षा कवच दिया जाएगा। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
बिना फायर NOC के चल रहे 62 कोचिंग और लाइब्रेरी सील
लखनऊ अग्निकांड की गूंज अब पूरे उत्तर प्रदेश में सुनाई दे रही है। छात्रों की सुरक्षा को ताक पर रखकर बेसमेंट और संकरी गलियों में चल रहे कोचिंग सेंटरों पर गाजियाबाद प्रशासन ने बड़ा चाबुक चलाया है। जिले के राजनगर, आरडीसी और राजेंद्र नगर जैसे प्रमुख शैक्षणिक हब में बिना फायर एनओसी (NOC) के धड़ल्ले से चल रहे 62 कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों को सील कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद अब पूरे सूबे में सुरक्षा मानकों को लेकर सर्च ऑपरेशन तेज हो गया है।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद GDA और अग्निशमन विभाग ने जिले में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों के खिलाफ बड़ी सीलिंग की कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान 62 कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों को सील कर दिया गया है क्योंकि ये सभी बिना फायर एनओसी के धड़ल्ले से संचालित हो रहे थे।
जांच के दौरान गाजियाबाद में 206 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी बिना वैध फायर एनओसी के चलते पाए गए। मंगलवार को 62 संस्थानों को पूरी तरह सील कर दिया गया। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले 35 अन्य संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। GDA की प्रवर्तन टीमों ने राज नगर, राज नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर, राजेंद्र नगर, लाजपत नगर, सत्यम एन्क्लेव और अम्बेडकर रोड जैसे प्रमुख व्यावसायिक एवं शैक्षणिक हब में यह कार्रवाई की।
अधिकारियों की जांच में संस्थानों के भीतर छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ करती कई बड़ी खामियां सामने आईं, जिसमें अधिकांश बेसमेंट या बहुमंजिला इमारतों में एकमात्र संकरा रास्ता था। आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए कोई डेडिकेटेड फायर एग्जिट मौजूद नहीं था। संस्थानों में लगे फायर अलार्म, स्प्रिंकलर और अग्निशमन उपकरणों पर धूल जमी हुई थी।
सीएम योगी के निर्देश पर मिशन-मोड फायर सेफ्टी ऑडिट चलाया जा रहा है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, GDA के अपर सचिव और अभियान के नोडल अधिकारी प्रदीप कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि बचे हुए डिफाल्टर संस्थानों पर भी जल्द सीलिंग की जाएगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में बेसमेंट के भीतर कमर्शियल एक्टिविटी, नर्सिंग होम या कोचिंग सेंटर चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, गाजियाबाद में अग्निशमन विभाग को हाई-टेक उपकरणों से लैस करने के लिए 100 करोड़ रुपये की धनराशि भी आवंटित की गई है।
स्टेशनरी की दुकान में लगी भीषण आग (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद में जहां एक तरफ प्रशासन फायर सेफ्टी को लेकर सख्त है, वहीं दूसरी तरफ लोनी इलाके में एक भीषण अग्निकांड की खबर आई है। चिरोड़ी गांव के बाजार में स्थित एक स्टेशनरी की दुकान में लगी अज्ञात आग ने सब कुछ जलाकर राख कर दिया। दुकान में रखी भारी मात्रा में स्कूली किताबें और यूनिफॉर्म जलने के कारण पीड़ित दुकानदार को करीब 30 लाख रुपये की बड़ी आर्थिक चोट लगी है। दमकल विभाग की 4 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर बाजार को बड़ी तबाही से बचाया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के चिरोड़ी गांव की एक मार्केट में स्थित एक बड़ी स्टेशनरी और किताबों की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि इसकी लपटों ने देखते ही देखते आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने पर पंहुचीं 4 दमकल गाड़ियों ने करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। दुकान के मालिक के मुताबिक, इस हादसे में लगभग 30 लाख रुपये के सामान का भारी नुकसान हुआ है।
दुकान में आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, शुरुआती तौर पर इसे अज्ञात कारणों या शॉर्ट सर्किट से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर रवाना हुईं। आग की विभीषणता को देखते हुए कुल 4 फायर टेंडर्स तैनात की गईं। दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए 2 घंटे के भीतर आग को आगे बढ़ने से रोका और उस पर नियंत्रण पाया।
पीड़ित दुकान मालिक दिनेश शर्मा ने बताया कि वे बड़े पैमाने पर स्कूल सप्लाई का काम करते हैं। दुकान के भीतर रखे करीब 5 से 6 स्कूलों के यूनिफॉर्म (ड्रेस), किताबें, स्टेशनरी और सप्लाई का सारा शैक्षणिक सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया। दुकान मालिक के अनुसार, इस तबाही के कारण उन्हें लगभग 30 लाख का सीधा नुकसान उठाना पड़ा है।
ऑटो चालक को चाकू मारकर उतारा मौत के घाट
गाजियाबाद जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने एक युवक को मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान आफताब के रूप में हुई है, जो पेशे से ऑटो चालक था। बताया जा रहा है कि करीब 7 महीने पुराने विवाद और हाल ही में हुए झगड़े के चलते इस खूनी वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी हैं।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद के लोनी अंकुर विहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विजय विहार कॉलोनी में पुरानी रंजिश के चलते एक ऑटो चालक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है। हमलावरों ने युवक के साथ मारपीट की और फिर उस पर चाकू से कई वार किए। गंभीर रूप से घायल युवक को दिल्ली के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतक युवक की पहचान आफताब के रूप में हुई है, जो पेशे से एक ऑटो रिक्शा चालक था।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने आफताब को घेरकर उसके साथ मारपीट की और फिर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। प्राथमिक जांच के मुताबिक, इस घटना को 7 महीने पुरानी रंजिश का नतीजा माना जा रहा है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दिनों पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं।
टेलीग्राम पर मैसेज भेजकर लाखों की ठगी (Top 5 Ghaziabad News)
ऑनलाइन कमाई और शेयर मार्केट के नाम पर होने वाला एक और बड़ा स्कैम गाजियाबाद से सामने आया है। प्लैटिनम-321 सोसायटी के रहने वाले उमेश कुमार को टेलीग्राम पर आए एक मैसेज ने ₹18.25 लाख का चूना लगा दिया। साइबर अपराधियों ने करीब एक महीने तक झांसा देकर अलग-अलग फर्मों के खाते में पैसे डलवाए और रकम निकालने के वक्त फरार हो गए। साइबर पुलिस अब इन शातिर ठगों के नेटवर्क को डिकोड करने में जुटी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले एक व्यक्ति को ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने 18.25 लाख की बड़ी चपत लगा दी है। अपराधियों ने पीड़ित से टेलीग्राम के जरिए संपर्क किया और नकली निवेश प्लेटफॉर्म का जाल बुनकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
राजनगर एक्सटेंशन की प्लैटिनम-321 सोसायटी में रहने वाले उमेश कुमार को जालसाजों ने ‘ग्लोबल प्राइम’ नामक एक प्रतिष्ठित निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बताया था। ठगों ने सबसे पहले 6 मार्च को टेलीग्राम के माध्यम से पीड़ित से संपर्क किया और ऑनलाइन ट्रेडिंग में कई गुना मुनाफा कमाने का लालच दिया, अपराधियों ने पीड़ित का भरोसा जीतने और पैसे ऐंठने के लिए सोची-समझी साजिश रची।
पराधियों ने पीड़ित को एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर कराया, शुरुआत में झूठा मुनाफा दिखाया जाता था। पीड़ित का भरोसा जीतकर आरोपियों ने 9 मार्च से 14 अप्रैल के बीच कई किश्तों में लाखों रुपये जमा करवाए। पूरी रकम फर्जी कंपनियों और फर्मों के नाम पर संचालित बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई। उमेश कुमार ने IMPS, RTGS और NEFT के जरिए कुल 18.25 लाख इन खातों में भेजे थे।
जब पीड़ित ने अपने निवेश किए गए पैसे और मुनाफे की रकम को वापस निकालने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी और अंत में संपर्क तोड़ दिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत मामले की शिकायत की। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस की टेक्निकल विंग उन सभी बैंक खातों और मनी ट्रेल को खंगाल रही है।
28 जून से पोलियो अभियान शुरू
गाजियाबाद जिले में 5 वर्ष तक के बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग 28 जून से व्यापक पल्स पोलियो अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभियान के तहत करीब 7.50 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का टारगेट सेट किया गया है। रविवार को बूथों पर दवा पिलाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें अगले पांच दिनों तक घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को कवर करेंगी।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग आगामी 28 जून से विशेष पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत करने जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत गाजियाबाद जिले में 5 वर्ष तक के लगभग 7.50 लाख बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के निर्देशन में इस अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर टीमों का गठन किया गया है, जिले में घर-घर जाकर दवा पिलाने के लिए सैकड़ों समर्पित टीमें तैनात की जा रही हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, बाजार और मुख्य चौराहों जैसे सार्वजनिक स्थानों के लिए विशेष ट्रांजिट टीमें मुस्तैद रहेंगी। ईंट-भट्टों, निर्माणाधीन साइटों (Construction Sites), झुग्गी-झोपड़ियों और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के बच्चों को कवर करने के लिए विशेष मोबाइल टीमें बनाई गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने गाजियाबाद के सभी निवासियों, विशेषकर माता-पिता से अपील की है कि वे अपने 5 साल तक के बच्चों को नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलियो की खुराक जरूर पिलवाएं, भले ही उन्होंने हाल ही में नियमित टीकाकरण (Routine Vaccination) के तहत खुराक क्यों न ली हो।





























