Lucknow Fire Incident: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। अधिकांश मृतकों की उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच बताई जा रही है। घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए कई अधिकारियों पर कार्रवाई की है, जबकि बिल्डिंग मालिक समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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कुछ ही मिनटों में आग की चपेट में आई पूरी इमारत| Lucknow Fire Incident
सोमवार को पुरनिया इलाके में स्थित बहुमंजिला इमारत में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते पूरा भवन धुएं और आग की लपटों से घिर गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों से रस्सियों और तारों के सहारे नीचे उतरने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। चारों तरफ अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कई छात्र अंदर ही फंस गए थे।
बाथरूम में छिपकर बचाई जान
हादसे के दौरान कुछ छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया ताकि धुएं से बच सकें। वहीं एक छात्र ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा दी, लेकिन नीचे लगी लोहे की ग्रिल पर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घायलों को तत्काल किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। डॉक्टर प्रेम राज सिंह के अनुसार एक घायल छात्र की कमर में चोट आई है, जबकि अन्य घायलों का भी इलाज जारी है। फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।
बेसमेंट में शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह बेसमेंट में लगे एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आग के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। जानकारी के मुताबिक इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर पेट शॉप और क्लीनिक संचालित थे। वहीं दूसरी मंजिल पर “लर्निंग स्पेस” नाम का कोचिंग सेंटर और “हेड हॉपर स्टूडियो” संचालित किया जा रहा था, जहां 3D आर्ट और गेम एसेट्स से जुड़ा काम होता था।
मुख्यमंत्री योगी ने दिखाई सख्ती
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर दिया और पूरे मामले की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने फायर विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात कर नाराजगी जताई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस हादसे के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने घायलों का हाल जानने के लिए KGMU जाने का भी निर्णय लिया।
चार अधिकारी निलंबित
शुरुआती जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही सामने आने के बाद चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित अधिकारियों में विद्युत विभाग के एक्सईएन गौरव कुमार, अग्निशमन विभाग के एफएसएसओ कमलेन्द्र कुमार सिंह, लखनऊ विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता अनिल कुमार और जूनियर इंजीनियर प्रमोद पांडे शामिल हैं।
बिल्डिंग मालिक समेत कई गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि इमारत में फायर एनओसी और अन्य जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। इसके अलावा रामकृष्ण उपाध्याय और तुषार कृष्णा जायसवाल को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कई धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
अलीगंज थाने में इस घटना को लेकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने छह नामजद आरोपियों समेत अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।































