शांति वार्ता के बीच ट्रंप की नई धमकी! बोले- हिजबुल्लाह नहीं रुका तो ईरान पर होगा और बड़ा हमला| US Iran war

Nandani | Nedrick News Iran Published: 22 Jun 2026, 09:59 AM | Updated: 22 Jun 2026, 09:59 AM

US Iran war: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ऐसे समय में जब दोनों देशों के प्रतिनिधि स्विट्जरलैंड में बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान लेबनान में सक्रिय अपने समर्थित संगठन हिजबुल्लाह को नियंत्रित नहीं करता, तो अमेरिका उससे भी अधिक ताकतवर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में हालात पहले से ही बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अमेरिका, ईरान, इजरायल और लेबनान से जुड़े घटनाक्रमों ने पूरे क्षेत्र की राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति को जटिल बना दिया है।

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सोशल मीडिया पोस्ट में दी चेतावनी| US Iran war

रविवार शाम डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए ईरान को सीधे संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईरान को लेबनान में अपने प्रभाव वाले समूहों को तत्काल रोकना चाहिए और क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों पर लगाम लगानी चाहिए। ट्रंप ने अपने पोस्ट में पिछले सप्ताह ईरान के खिलाफ हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिया कि यदि स्थिति नहीं बदली, तो अमेरिका पहले से भी अधिक कठोर कदम उठा सकता है। उनका कहना था कि ईरान को अपने उन सहयोगी संगठनों को नियंत्रित करना होगा जिन्हें वह समर्थन देता है। अन्यथा उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

शांति वार्ता के दौरान बढ़ी बयानबाजी

दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप की यह चेतावनी उस समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में कूटनीतिक बातचीत जारी है। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल क्षेत्रीय तनाव कम करने और कुछ प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में ट्रंप का यह बयान वार्ता प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सार्वजनिक रूप से दी गई इस तरह की चेतावनियां बातचीत के माहौल को और कठिन बना सकती हैं। हालांकि अमेरिकी प्रशासन की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ट्रंप के बयान का वार्ता प्रक्रिया पर क्या असर पड़ेगा।

समझौते में शामिल है लेबनान का मुद्दा

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच तैयार किए गए समझौता ज्ञापन (MoU) में लेबनान से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया गया है। लेबनान में हिजबुल्लाह का प्रभाव काफी मजबूत माना जाता है और यह संगठन लंबे समय से इजरायल के साथ संघर्ष में शामिल रहा है।

हिजबुल्लाह को ईरान का समर्थन प्राप्त होने की बात कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाई जाती रही है। इसी वजह से लेबनान में संघर्ष विराम और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दे भी वार्ता का हिस्सा बने हुए हैं।

इजरायल के हमलों से बढ़ा तनाव

हाल के दिनों में लेबनान में इजरायली सैन्य गतिविधियों को लेकर भी विवाद बढ़ा है। समझौते और संघर्ष विराम की चर्चाओं के बावजूद इजरायल ने लेबनान में कई सैन्य हमले किए हैं। इन घटनाओं पर ईरान ने नाराजगी जताई थी। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कड़े संकेत दिए थे। दिलचस्प रूप से कुछ समय पहले ट्रंप ने लेबनान में जारी हमलों को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के रवैये पर असंतोष जताया था। लेकिन अब उनका ताजा बयान ईरान और हिजबुल्लाह पर अधिक केंद्रित दिखाई देता है।

क्या इजरायल के पक्ष में झुक रहा है अमेरिकी रुख?

इजरायल लंबे समय से यह दावा करता रहा है कि हिजबुल्लाह उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। इसी वजह से इजरायल चाहता रहा है कि लेबनान से जुड़े मुद्दों को किसी भी समझौते में अलग तरीके से देखा जाए। अब ट्रंप के हालिया बयान के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या अमेरिका का रुख इस मुद्दे पर इजरायल के तर्कों के करीब पहुंच रहा है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन आधिकारिक तौर पर पूरे पश्चिम एशिया में स्थिरता और शांति की बात करता रहा है।

पश्चिम एशिया पर टिकी दुनिया की नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता आने वाले समय में पूरे पश्चिम एशिया की दिशा तय कर सकती है। यदि बातचीत सफल होती है तो क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है, लेकिन यदि बयानबाजी और सैन्य धमकियां बढ़ती हैं तो हालात और जटिल हो सकते हैं।

फिलहाल दुनिया की नजर स्विट्जरलैंड में चल रही वार्ता पर टिकी है। देखना होगा कि ट्रंप की नई चेतावनी के बाद अमेरिका और ईरान के रिश्ते किस दिशा में आगे बढ़ते हैं और इसका असर लेबनान, इजरायल तथा पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर कितना पड़ता है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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