सिख इतिहास का वो सच, जिसे देख रोंगटे खड़े हो जाएंगे! खुला Saka Chamkaur theme park

Shikha Mishra | Nedrick News Punjab Published: 12 Jun 2026, 11:50 AM | Updated: 12 Jun 2026, 11:53 AM

Saka Chamkaur theme park: साल 2021 में पंजाब की राजनीति में सबसे बड़ा बदलाव हुआ, पहली बार पंजाब में मुख्यमंत्री पद पर एक दलित नेता चरणजीत चन्नी को सीएम बनाया गया था, जितना ज्यादा उनका सीएम बनना चर्चा का विषय रहा था उससे ज्यादा चर्चा रही उनके उस ड्रीम प्रोजेक्ट के पूरा होने की.. जिसे पिछले 1 दशक से अनदेखा किया जा रहा था। लेकिन 19 नवंबर 2021 को दसवें गुरु और उनके दोनो बड़े साहिबजादों के साथ साथ चमकौर के युद्ध में शहीद हुए 40 सिख लड़ाकों की शहादत को समर्पित दास्तान-ए-शहादत’ थीम पार्क का उद्घाटन किया गया था।

चमकौर साहिब का सबसे भव्य थीम पार्क

इस एक पार्क ने सिखों के गुरु के उस बलिदान की कहानी को जनता  के सामने ला दिया, जब उनकी आंखो के सामने उनके बच्चे धर्म की रक्षा के लिए खुद न्यौछावर हो गए.. सका चमकौर साहिब के नाम से ये थीम पार्क कई सालों की अनदेखी के बाद बन कर तैयार हुआ है, जिसे बनाने में न केवल अनदेखी हुई, बल्कि गुरु साहिब के बच्चों औऱ 40 शहीदों की शहादत को भी अनदेखा करने का मुद्दा उठाया गया था, लेकिन 2021 में बड़ा बदलाव हुआ.. अपने इस लेख में हम साका चमकौर थीम पार्क के बारे  में जानेंगे, जहां जाने के बाद आपको अहसास होगा कि हमारे सिखों ने धर्म की रक्षा के लिए कैसे हंसते हंसते अपने प्राणों की बलि चढ़ाई..

2006 में शानदार परियोजना की शुरुआत

साल 2006 की बात है, तब के तत्कालीन पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रोपड़ जिले के चमकौर साहिब में दसवे गुरु गुरु गोविंद सिंह के दोनो वरिष्ठ साहिबजादों – बाबा अजीत सिंह और बाबा जुझार सिंह  और 40 सिखों की शहादत की शान में साल 2006 में ही उन्होंने एक ऐसी शानदार परियोजना की शुरुआत करने की आधारशिला रखी थी, जहां शहीदो की शहादत के बारे में जानकारी देने के लिए म्यूजियम हो, थीम पार्क हो, उनकी विरासत को बताते हुए सड़कों का निर्माण हो….लेकिन कुछ समय के बाद ही इस परियोजना को रोक दिया गया, और ये ठंडे बस्ते में चली गई.. लेकिन जब चमकौर साहिब में ही जन्में चरणजीत चन्नी जब 2016 में पर्यटन और सांस्कृतिक मंत्री बने तब उन्होंने सबसे पहले उन्होंने इस ठंडी पड़ी परियोजना को ही दुबारा से पूरा करने का फैसला किया।

डेढ़ दशक के बाद 14 एकड़ बनाया गया थीम पार्क

जिसे  पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित सुरजीत पातर के साथ मिलकर तैयार किया गया और करीब डेढ़ दशक के बाद 14 एकड़ में बनाये गए इस स्थल पर एक अनोखा थीम पार्क है, इसके अलावा अत्याधुनिक तकनीकों से लैस 11 गैलरी हैं जिनमें सिख धर्म के जुड़ दर्शन, श्री चमकौर साहिब का कैसे नरसंहार हुआ, श्री गुरु गोविंद सिंह जी का आनंदपुर साहिब किले से मजबूरन प्रस्थान करके  सिरसा नदी को पार करना, परिवार से विभाजन झेलना, दोनो छोटे साहिबजादे के पकड़े जाने और उनके शहीद होने की कहानी, गुरु साहिब के परम शिष्यों में से एक वीर बंदा बहादुर का पंजाब की ओर आना और सिख साम्राज्य की फिर से पुनर्स्थापना करने की कहानियों को दिखाने वाली फिल्मे दिखाई जाती है।

जिसे मुंबई और दिल्ली के स्टूडियो मे तैयार किया गया है। करीब 55 करोड़ रूपय के बजट में बनाया गया ये स्थल धार्मिक और मनोरंजन दोनो की कसौटी पर खरा उतारता है। इसे बनाने में अंतरराष्ट्रीय मानकों को भी ध्यान में रखा गया है। इसके अलावा यहां एक म्यूजिकल पार्क बनाया गया है, 10 मीटर उंचा एक खंडा लगाया गया है और सिखों की शहादत को दर्शाते हुए 2 तलवारें लगाई गई है।

गुरु साहिब औऱ सिख इतिहास

सितंबर 2021 मे चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब के सीएम के तौर पर पद संभाला और सबसे पहले उन्होंने गुरु नानक की जयंती के अवसर पर 19 नवंबर को चमकौर साहिब के इस थीम पार्क का उद्घाटन कर चमकौर की जनता को गुरु साहिब औऱ सिख इतिहास को और करीब से जानने का मौका दिया। इसके अलावा “कच्ची गढ़ी” की गाथा भी यहां बताई जाती है। इसके अलावा यहां मौजूद गुरुद्वारा कतलगढ़ साहिब का भी जीर्णोद्धार किया गया है, जिसे शहीदगंज के नाम भी जाना जाता है। कहा जाता है कि इसी स्थान पर चमकौर का युद्ध हुआ था जहां मुगलो से लड़ते समय दोनो बड़े साहिबजादें और 40 सिख शहीद हुए थे।

इसी युद्ध में गुरु साहिब के पांच पंज प्यारों में से तीन पंज प्यारे भाई हिम्मत सिंह, भाई मोहकम सिंह और भाई साहिब सिंह भी शहीद हो गए थे। गुरुद्वारे के स्थान पर सिख बीबी शरण कौर ने शहीद साहिबजादों और 40 सिखों का अंतिम संस्कार कर इस स्थान को पवित्र कर दिया था। उनकी याद में ही समर्पित है ये गुरुद्वारा कतलगढ़ साहिब। जो चमकौर का सबसे पवित्र और अहम तीर्थस्थल माना जाता है। ये थीम पार्क सुबह 10 बजे आम लोगो के लिए खुलता है औऱ शाम को 4.30 बजे तक खुला रहता है, साथ ही ये हर सोमवार को बंद रहता है। इसके बनने से पंजाब में पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है..साथ ही सिखों को अपने धर्म की महानता और वीरता की कहानी को करीब से जानने का भी मौका मिल रहा है।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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