Female Truck Driver Neha: समाज में लंबे समय से ट्रक ड्राइविंग को पुरुषों का पेशा माना जाता रहा है। धूल भरी सड़कें, घंटों का सफर और भारी वाहनों की जिम्मेदारी अक्सर मर्दों से जोड़कर देखी जाती थी। लेकिन दिल्ली की 25 वर्षीय नेहा ठाकुर ने इस सोच को चुनौती देते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है। आज नेहा सिर्फ प्रोफेशनल ट्रक ड्राइवर ही नहीं, बल्कि एक लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और व्लॉगर भी हैं।
नेहा की कहानी उन लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गई है जो पारंपरिक सोच से हटकर अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि किसी भी काम को करने के लिए जेंडर नहीं, बल्कि जुनून और मेहनत की जरूरत होती है।
एयर होस्टेस नहीं, ट्रक ड्राइवर बनने का था सपना| Female Truck Driver Neha
नेहा का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने एयर होस्टेस की ट्रेनिंग भी ली थी। जहां दूसरी लड़कियां आसमान में उड़ने के सपने देख रही थीं, वहीं नेहा का मन सड़कों और भारी गाड़ियों की दुनिया में बसता था। नेहा बताती हैं कि उन्हें कभी डेस्क जॉब या ग्लैमर की दुनिया आकर्षित नहीं करती थी। उनका असली शौक बड़े ट्रक चलाना था। अपने इस जुनून को पूरा करने के लिए उन्होंने बिना परिवार को बताए ट्रक चलाने की ट्रेनिंग शुरू कर दी। शुरुआत में वह छिपकर प्रैक्टिस करती थीं और धीरे-धीरे अपने पिता का ट्रक चलाने लगीं।
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जब उन्होंने घरवालों को अपने फैसले के बारे में बताया तो परिवार पहले हैरान हुआ, लेकिन बाद में उनके आत्मविश्वास और मेहनत को देखकर पूरा साथ दिया।
लोकल डिलीवरी से शुरू हुआ लंबा सफर
शुरुआत में नेहा ने लोकल इलाकों में सामान पहुंचाने का काम किया। धीरे-धीरे अनुभव बढ़ता गया और उन्होंने लंबी दूरी के रूट पर ट्रक चलाना शुरू कर दिया। दिल्ली से दूसरे राज्यों तक ट्रक लेकर जाना उनके लिए एक नई चुनौती थी, लेकिन उन्होंने हर मुश्किल का डटकर सामना किया।
इसी दौरान उनकी एक दोस्त ने उन्हें अपने सफर को कैमरे में रिकॉर्ड करने की सलाह दी। इसके बाद नेहा ने व्लॉगिंग शुरू की और लोगों को ट्रक ड्राइवर की जिंदगी करीब से दिखानी शुरू कर दी। आज उनके यूट्यूब चैनल पर 4 लाख 60 हजार से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर भी लाखों लोग उन्हें फॉलो करते हैं। उनके वीडियो में लंबी यात्राएं, हाईवे की जिंदगी और ट्रक ड्राइवरों की चुनौतियां देखने को मिलती हैं।
ट्रक ड्राइवरों की जिंदगी का दर्द भी दिखाया
नेहा सिर्फ अपनी सफलता की कहानी नहीं दिखातीं, बल्कि ट्रक ड्राइवरों की मुश्किल जिंदगी को भी सामने लाती हैं। उनका कहना है कि ट्रक ड्राइवर दिन-रात मेहनत कर देशभर में जरूरी सामान पहुंचाते हैं। कई बार उन्हें समय पर खाना तक नहीं मिलता, लेकिन इसके बावजूद समाज उन्हें वह सम्मान नहीं देता जिसके वे हकदार हैं।
नेहा मानती हैं कि एक महिला होने के कारण उन्हें ज्यादा संघर्ष करना पड़ा। पुरुष प्रधान माने जाने वाले इस क्षेत्र में खुद को साबित करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
बेटियों को दिया बड़ा संदेश
आज नेहा ठाकुर सिर्फ ट्रक नहीं चला रहीं, बल्कि समाज की पुरानी सोच को भी पीछे छोड़ रही हैं। वह कहती हैं कि स्टीयरिंग यह नहीं देखती कि उसे चलाने वाला पुरुष है या महिला, उसे सिर्फ हुनर समझ आता है। उनका मानना है कि अगर किसी लड़की के अंदर कुछ अलग करने का जज्बा है तो उसे समाज के डर से पीछे नहीं हटना चाहिए। नेहा की कहानी यह साबित करती है कि मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।




























