Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की पाँच बड़ी खबरें जिसमें बताएंगे कि कैसे गाजियाबाद पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसी है और कैसे सरकारी तंत्र की कमियों ने जनता को परेशान कर रखा है। पहली खबर में शादी का झांसा देकर 3 साल तक युवती से दुष्कर्म करने वाला शातिर ऑटो चालक रहीम पुलिस की गिरफ्त में है।
वहीं दूसरी तरफ, पॉश इलाके शास्त्री नगर (Shastri Nagar) के एक किराये के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जहां महिला संचालिका समेत 5 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। तीसरी बड़ी खबर में आसमान से बरसती आग और भीषण लू को देखते हुए डीएम ने सख्त आदेश जारी किया है, जिसके तहत 23 मई से गाजियाबाद के सभी स्कूल बंद रहेंगे।
चौथी खबर बिजली व्यवस्था के नाम पर 700 करोड़ का बजट साफ होने की है, फिर भी सड़कों पर जर्जर तार और मौत के खंभे लटके हुए हैं। वहीं पांचवीं ख़बर के मुताबिक, लोनी में 19 करोड़ की लागत से बना अस्पताल बेहाल पड़ा है, जहां डेढ़ साल बाद भी मरीज एक अदद एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड के लिए मजबूर हैं। तो चलिए इस लेख के जरिए अब इन सभी ख़बरों को विस्तार से जानते हैं।
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शादी का झांसा देकर युवती के साथ 3 साल तक किया दुष्कर्म
Ghaziabad से पहली बड़ी खबर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली है। शादी का झांसा देकर युवती के साथ 3 साल तक दुष्कर्म करने वाले आरोपी ऑटो चालक रहीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता को धोखा देकर आरोपी ने दूसरी जगह शादी कर ली थी, जिसके बाद फैक्ट्री कर्मी पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को पुस्ता रोड से धर दबोचा।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि गाजियाबाद सिल्वर सिटी कॉलोनी निवासी आरोपी ऑटो चालक रहीम ने युवती को शादी का झांसा देकर लगातार तीन वर्षों तक उसका यौन शोषण (दुष्कर्म) किया। आरोपी ने पीड़िता से शादी करने के बजाय कुछ दिनों पहले किसी दूसरी युवती से विवाह कर लिया। पीड़िता औद्योगिक क्षेत्र की एक निजी फैक्ट्री में काम करती है। उसने धोखा मिलने के बाद ट्रॉनिका सिटी थाने में पुलिस से शिकायत दर्ज कराई।
पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। लोनी के एसीपी सिद्धार्थ गौतम के मुताबिक, टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुधवार को आरोपी को ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र के पुस्ता रोड पर चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया।
शास्त्री नगर में सेक्स रैकेट के भंडाफोड़ (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद (Ghaziabad ) से दूसरी बड़ी खबर एक सेक्स रैकेट के भंडाफोड़ की है। पॉश इलाके शास्त्री नगर (Shastri Nagar) में किराये के एक मकान के अंदर चल रहे देह व्यापार के काले धंधे को पुलिस ने बेनकाब कर दिया है। खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जब मकान पर अचानक छापेमारी की, तो वहां भगदड़ मच गई। पुलिस की विशेष टीम ने मौके से धंधा चलाने वाली महिला संचालिका समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों से फिलहाल कड़ी पूछताछ की जा रही है।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जहां पुलिस ने एक रिहायशी इलाके में चल रहे देह व्यापार के धंधे को बेनकाब किया है। दरअसल पूरा मामला कविनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शास्त्रीनगर इलाके का है, जहां किराये के एक मकान की आड़ में अनैतिक देह व्यापार का यह काला धंधा धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा था। दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय पुलिस को काफी समय से इस इलाके के एक मकान में बाहरी और संदिग्ध लोगों के आने-जाने की सूचना मिल रही थी। इस खुफिया जानकारी के आधार पर जब पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मकान पर अचानक छापेमारी की, तो वहां हड़कंप मच गया।
पुलिस ने मौके से तीन महिलाओं और दो पुरुषों समेत कुल 5 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह को चलाने वाली मुख्य महिला संचालिका एक शातिर अपराधी है, जो इससे पहले भी देह व्यापार के आरोपों में जेल की हवा खा चुकी है। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मकान मालिक से भी पूछताछ की जा रही है।
23 मई से जिले के सभी स्कूलों को बंद
गाजियाबाद (Ghaziabad ) से तीसरी बड़ी खबर स्कूली बच्चों और अभिभावकों से जुड़ी है। दिल्ली-एनसीआर में आसमान से बरसती आग और भीषण लू के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बच्चों को जानलेवा गर्मी में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए जिलाधिकारी (DM) ने आगामी 23 मई से जिले के सभी स्कूलों को बंद करने का सख्त आदेश जारी कर दिया है।
मीडिया रिपोर्टेस के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में इस समय सूरज की तपिश और भीषण लू ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। इसी बीच गाजियाबाद से आज की तीसरी बड़ी खबर स्कूली बच्चों से जुड़ी आ रही है, जहां बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए 23 मई से जिले के सभी बोर्डों के स्कूलों में समय से पहले ही ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा कर दी है।
यह सख्त आदेश सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE), यूपी बोर्ड और अन्य सभी मान्यता प्राप्त निजी व सरकारी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल प्रबंधन इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और यदि कोई स्कूल खुला पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने भी अभिभावकों से अपील की है कि वे इस जानलेवा गर्मी में दोपहर के समय बच्चों को घरों से बाहर न निकलने दें।
700 करोड़ खर्च होने के बाद भी लोगों के सिर पर मौत का खतरा! Top 5 Ghaziabad News
गाजियाबाद से चौथी बड़ी खबर विद्युत निगम की बड़ी लापरवाही और करोड़ों के बजट के बंदरबांट को उजागर कर रही है। जहां 700 करोड़ खर्च होने के बाद भी गाजियाबाद के लोगों के सिर पर मौत का खतरा मंडरा रहा है! जिले की बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए पिछले तीन साल में 700 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन धरातल पर सिर्फ जर्जर बुनियादी ढांचा और मौत के जाल दिखाई दे रहे हैं। जगह-जगह लटकती हाईटेंशन लाइनें और तिरछे हो चुके खंभे राहगीरों की जान के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं।
Ghaziabad में बिजली विभाग के दावों की पोल खुल गई है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिले के तीनों जोन में विद्युत आपूर्ति और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए रिवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत लगभग 700 करोड़ रुपये का बजट खर्च दिखाया गया है। लेकिन इस भारी-भरकम खर्च के बाद भी साहिबाबाद, वसुंधरा और लोनी समेत कई इलाकों में जनता जर्जर तारों और टूटे खंभों के साए में जीने को मजबूर है।
इस लापरवाही का सबसे ताजा उदाहरण वसुंधरा सेक्टर-14 में सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल के सामने देखने को मिला, जहां अचानक चलती सड़क पर 11KV की हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर गया। गनीमत रही कि उस वक्त कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन इसने विभाग के मेंटेनेंस के दावों की हवा निकाल दी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि तेज हवा या आंधी चलते ही जर्जर खंभे डगमगाने लगते हैं और ढीले तार आपस में टकराकर ब्लास्ट करते हैं। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते लोड के बीच यह जर्जर सिस्टम कभी भी किसी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है, बावजूद इसके विद्युत निगम के अधिकारी इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे बैठे हैं।
19 करोड़ का अस्पताल, लेकिन एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड के लिए मरीज बेहाल!
गाजियाबाद (Ghaziabad) से पांचवी बड़ी खबर स्वास्थ्य विभाग की खामियों को उजागर करती है। 19 करोड़ का अस्पताल, लेकिन एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड के लिए मरीज बेहाल! गाजियाबाद के लोनी से आई यह खबर सरकारी दावों की हवा निकाल रही है। डेढ़ साल पहले करोड़ों की लागत से बने 50 बेड के संयुक्त अस्पताल का उद्घाटन बड़े तामझाम के साथ हुआ था।
लेकिन हकीकत यह है कि आज भी मरीजों को एक अदद एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड कराने के लिए निजी डॉक्टरों की जेब भरनी पड़ रही है, क्योंकि डेढ़ साल बाद भी यहां एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। डॉक्टरों की कमी और धूल फांकती मशीनें अस्पताल की बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही हैं।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि लोनी इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से करीब डेढ़ साल पहले 50 बेड के संयुक्त चिकित्सालय की शुरुआत की गई थी। इस अस्पताल को बनाने में सरकार ने जनता की गाढ़ी कमाई के 19 करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए, लेकिन आज भी यह अस्पताल सिर्फ एक रेफरल सेंटर बनकर रह गया है।
अस्पताल में रोजाना सैकड़ों की ओपीडी (OPD) होती है, जिनमें बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं और दुर्घटनाओं के शिकार घायल मरीज पहुंचते हैं। विडंबना यह है कि अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट और जरूरी स्टाफ की तैनाती न होने के कारण एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की मशीनें चालू ही नहीं की जा सकी हैं। नतीजतन, डॉक्टरों द्वारा लिखी गई जांचों के लिए मरीजों को बाहर के प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटरों पर जाना पड़ता है, जहां उनसे मोटी रकम वसूली जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
Top 5 Ghaziabad News में चाहे वो पुलिस की मुस्तैदी से पकड़े गए अपराधी हों, या फिर भीषण गर्मी से बच्चों को बचाने के लिए प्रशासन का सख्त फैसला। लेकिन दूसरी तरफ, बिजली विभाग में 700 करोड़ के खर्च के बाद भी जर्जर तार और लोनी के 19 करोड़ के अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का न होना, यह साफ दिखाता है कि सरकारी तंत्र को अभी जनता के प्रति और ज्यादा जवाबदेह होने की जरूरत है।





























