Indian Railways में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए यह खबर बेहद जरूरी है। कई लोग महीनों पहले ट्रेन का कन्फर्म टिकट बुक (Indian Railway Rule) कर लेते हैं और सोचते हैं कि अब सफर पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन अगर यात्रा के दौरान रेलवे के कुछ जरूरी नियमों का पालन नहीं किया जाए, तो कन्फर्म टिकट होने के बावजूद भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसने यात्रियों को चौंका दिया।
एक महिला AC 2 टियर कोच में कन्फर्म टिकट लेकर सफर कर रही थी, लेकिन इसके बावजूद रेलवे अधिकारियों ने उस पर 2560 रुपये का जुर्माना लगा दिया। खास बात यह रही कि जुर्माने की रकम टिकट के किराए से भी ज्यादा थी। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस नियम को लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई।
आखिर महिला से कहां हुई गलती? Indian Railway Rule
जानकारी के मुताबिक, महिला ने अपना टिकट राइका बाग जंक्शन (RKB) से बुक कराया था। लेकिन वह उस स्टेशन से ट्रेन में नहीं चढ़ी। इसके बजाय उसने करीब दो घंटे बाद पाली मारवाड़ स्टेशन से ट्रेन पकड़ी। यहीं पर पूरी परेशानी शुरू हुई। महिला के तय बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन छूटने के बाद रेलवे स्टाफ ने उसकी सीट को “NT” यानी “Not Turned Up” मार्क कर दिया। इसका मतलब होता है कि यात्री अपने निर्धारित स्टेशन से ट्रेन में नहीं चढ़ा।
रेलवे नियमों के अनुसार, जब कोई यात्री समय पर बोर्ड नहीं करता, तो उसकी सीट दूसरे जरूरतमंद यात्री को अलॉट की जा सकती है। ऐसे में महिला की सीट RAC यात्री को दे दी गई।
बाद में ट्रेन में पहुंची तो लगा जुर्माना
जब महिला बाद में ट्रेन में अपनी सीट पर पहुंची, तो TTE ने उसे बताया कि उसकी सीट अब किसी दूसरे यात्री को आवंटित की जा चुकी है। महिला ने दावा किया कि उसके पास कन्फर्म टिकट था, लेकिन रेलवे अधिकारियों ने साफ किया कि उसने बिना बोर्डिंग स्टेशन बदले दूसरे स्टेशन से यात्रा शुरू की, जो नियमों के खिलाफ है।
इसी वजह से उस पर जुर्माना लगाया गया। बताया जा रहा है कि महिला को नई यात्रा के हिसाब से चार्ज किया गया, जिसके चलते उसे 2560 रुपये का भुगतान करना पड़ा।
क्या कहते हैं रेलवे के नियम?
भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक, यात्री को उसी स्टेशन से ट्रेन में चढ़ना होता है, जहां से उसका टिकट बुक किया गया हो। अगर किसी कारण से यात्री को दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी हो, तो उसे पहले से बोर्डिंग स्टेशन बदलवाना जरूरी होता है। रेलवे यह सुविधा भी देता है कि यात्री अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकता है। इसके लिए IRCTC की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या रिजर्वेशन काउंटर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि इसके लिए एक तय समय सीमा होती है। ट्रेन रवाना होने से लगभग 30 मिनट पहले तक ही बोर्डिंग स्टेशन बदला जा सकता है। अगर यात्री ऐसा नहीं करता और तय स्टेशन से ट्रेन में नहीं चढ़ता, तो रेलवे सीट को खाली मान सकता है।
यात्रियों के लिए क्यों जरूरी है यह जानकारी?
अक्सर लोग सोचते हैं कि कन्फर्म टिकट होने के बाद वे किसी भी स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकते हैं, लेकिन रेलवे के नियम इससे अलग हैं। कई बार छोटी सी लापरवाही यात्रियों को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि खाली सीटों का सही इस्तेमाल हो सके और RAC या वेटिंग यात्रियों को यात्रा का मौका मिल सके।
सफर से पहले जरूर रखें इन बातों का ध्यान
अगर आपने ट्रेन टिकट बुक किया है और किसी वजह से दूसरे स्टेशन से यात्रा शुरू करनी है, तो समय रहते अपना बोर्डिंग पॉइंट जरूर बदल लें। ऐसा न करने पर आपकी सीट किसी और को दी जा सकती है और आपको जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। रेलवे के ये नियम जानना हर यात्री के लिए जरूरी है, क्योंकि छोटी सी गलती भी सफर का मजा खराब कर सकती है।
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