Top 5 Ghaziabad News: स्मार्ट सिटी का सच? न इलाज, न पढ़ाई और अब जहरीले पानी की मार! इन 5 खबरों ने खोल दी प्रशासन के दावों की पोल

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 06 May 2026, 07:26 AM | Updated: 06 May 2026, 07:28 AM

Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद इस समय चौतरफा मुसीबतों के घेरे में है। स्वास्थ्य, शिक्षा से लेकर बिजली-पानी तक, हर मोर्चे पर सिस्टम फेल नजर आ रहा है। एक तरफ अस्पतालों में मरीजों का सैलाब और लोनी में खसरे से मासूम की मौत ने दहशत पैदा कर दी है, तो दूसरी तरफ स्कूलों की तानाशाही और बिजली-पानी के संकट ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। तो चलिए इस के जरिए गाजियाबाद की वो 5 बड़ी खबरों के बारे में जानेंगे जिन्होंने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है।

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गाजियाबाद में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल

स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट के बादल! गाजियाबाद में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। एक तरफ भीषण गर्मी और बीमारियों के चलते अस्पतालों में मरीजों का सैलाब उमड़ रहा है, तो दूसरी तरफ वेतन न मिलने से नाराज स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। सिस्टम की इस दोहरी मार के बीच आम जनता बेबस नजर आ रही है और इस बदहाली में मरीजों के लिए इलाज मिलना दूभर हो गया है।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि गाजियाबाद में इस समय स्वास्थ्य सेवाएं दोहरी मार झेल रही हैं, जिससे पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। एक ओर भीषण गर्मी और लू के चलते ओपीडी में मरीजों का सैलाब उमड़ रहा है। अकेले एक दिन में ही करीब 3,870 लोग उल्टी-दस्त, बुखार और पेट दर्द जैसी बीमारियों के इलाज के लिए पहुंचे।

वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत लगभग 1,200 संविदा कर्मचारी पिछले दो-तीन महीनों का वेतन न मिलने के कारण आंदोलन पर हैं। मरीजों की भारी भीड़ और स्वास्थ्यकर्मियों के इस प्रदर्शन ने अस्पताल प्रबंधन की चुनौतियों को कई गुना बढ़ा दिया है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

इस संकट के बीच, नाराज कर्मचारियों ने 5 मई को सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा, जिस पर सीएमओ डॉ. अमित विक्रम का कहना है कि वेतन का मामला लखनऊ स्तर पर लंबित है और समाधान के लिए शासन को पत्र भेजा जा रहा है।

गलती से ग्रुप जॉइन करने पर छात्र सस्पेंड (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद से इस वक्त की दो बड़ी खबरें जहाँ एक तरफ अस्पतालों में भारी भीड़ और हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, वहीं दूसरी ओर राजनगर एक्सटेंशन के एक नामी स्कूल में प्रशासन का तानाशाह रवैया सामने आया है। सिस्टम और संस्थाओं की इस मनमानी के बीच शहर की जनता खुद को बेबस महसूस कर रही है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित परिवर्तन स्कूल ने 9वीं के छात्र आर्यन वर्मा को फर्जी इंस्टाग्राम ग्रुप जॉइन करने के आरोप में एक हफ्ते के लिए सस्पेंड कर दिया है, जिस पर परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर तानाशाही का आरोप लगाया है। अभिभावकों का दावा है कि छात्र ने गलती से ग्रुप जॉइन किया था और उसमें कोई आपत्तिजनक गतिविधि नहीं की थी,

इसके बावजूद असली दोषियों को पकड़ने के बजाय स्कूल मासूम बच्चों को प्रताड़ित कर रहा है। दूसरी ओर, स्कूल प्रशासन अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ अनुशासन नीति के तहत इस कार्रवाई को सही ठहरा रहा है। जब अभिभावक अपना पक्ष रखने स्कूल पहुंचे, तो उन्हें प्रिंसिपल से मिलने तक नहीं दिया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या डिजिटल अनुशासन के नाम पर स्कूलों का ऐसा कठोर रवैया उचित है, या स्कूल प्रबंधन को इसमें अधिक सतर्कता और संवेदनशीलता बरतनी चाहिए?

ट्रांस हिंडन में लो-वोल्टेज और घंटों बिजली कटौती

त्राहि-त्राहि कर उठा गाजियाबाद! स्वास्थ्य और शिक्षा के बाद अब बिजली संकट ने मचाया हाहाकार। एक तरफ अस्पताल बदहाल हैं, तो दूसरी तरफ स्कूलों की मनमानी जारी है। अब आसमान से बरसती आग के बीच बिजली विभाग ने भी जनता को बीच अधर में छोड़ दिया है। ट्रांस हिंडन के इलाकों में घंटों की कटौती और लो-वोल्टेज ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे, जिससे हताश उपभोक्ता अब सड़कों से लेकर सोशल मीडिया ‘एक्स’ तक विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के ट्रांस हिंडन क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जहाँ कनावनी, वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी और राजेंद्र नगर जैसे प्रमुख इलाकों में घंटों की अघोषित कटौती और लो-वोल्टेज ने हाहाकार मचा रखा है। लो-वोल्टेज के कारण घरों के बिजली उपकरण तक काम नहीं कर पा रहे हैं,

जिससे लोगों की मुसीबतें दोगुनी हो गई हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि जिले की बिजली क्षमता 3350 मेगावाट होने के बावजूद मात्र 48% लोड पर ही पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर फेल हो रहा है, जिसके चलते आए दिन लोकल फॉल्ट और ट्रांसफार्मर फुंकने जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं।

जिम्मेदार अधिकारियों और हेल्पलाइन नंबर 1912 से कोई रिस्पॉन्स न मिलने के कारण नाराज उपभोक्ता अब सोशल मीडिया ‘एक्स’ (X) पर PVVNL को टैग कर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। इस संकट के बीच, उपभोक्ता अपनी शिकायतों और फीडबैक के लिए सीधे पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (PVVNL) की आधिकारिक वेबसाइट का रुख भी कर रहे हैं।

इंदिरापुरम में नलों से आ रहा सीवरयुक्त काला पानी (Top 5 Ghaziabad News)

मुसीबतों की चौतरफा मार झेल रहे गाजियाबाद में अब ‘जहर’ उगलते नलों ने लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है। एक तरफ बिजली और स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हैं, तो दूसरी तरफ इंदिरापुरम की विधायक कॉलोनी और न्यायखंड-1 में सीवरयुक्त काले पानी की सप्लाई ने लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया है। बुनियादी सुविधाओं के नाम पर मिल रही इस गंदगी ने नगर निगम और जीडीए के दावों की पोल खोल कर रख दी है, जिसके चलते गुस्साए निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के पॉश इलाके इंदिरापुरम की विधायक कॉलोनी और न्यायखंड-1 में पिछले कई दिनों से नलों में बदबूदार और काला पानी आ रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। भीषण गर्मी में जब पानी की मांग चरम पर है, तब इस सीवरयुक्त सप्लाई ने पेयजल का गंभीर संकट पैदा कर दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद जीडीए (GDA) और जल निगम के अधिकारी पाइपलाइन की लीकेज ठीक करने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। जब पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब लोगों को बाहर से पानी खरीदने या टैंकरों पर निर्भर रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। संक्रामक बीमारियों के फैलने के डर से अब निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे नगर निगम और जीडीए कार्यालय का घेराव करेंगे।

खसरा से लोनी में मासूम की मौत

गाजियाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली अब मासूमों की जान पर बन आई है। अस्पतालों में भारी भीड़ और कर्मचारियों की हड़ताल के बीच अब ‘खसरे’ (Measles) ने दस्तक दे दी है। लोनी इलाके में बुखार और खसरे के लक्षणों के चलते एक दो साल की बच्ची की मौत ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। मात्र तीन दिनों के भीतर 15 नए मरीज सामने आने के बाद अब पूरे जिले में खौफ का माहौल है।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में खसरे का प्रकोप जानलेवा साबित हो रहा है, जहाँ बुखार और शरीर पर दानों की शिकायत के बाद एक दो साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि पिछले तीन दिनों के भीतर खसरे के 15 नए संदिग्ध मरीज मिले हैं, जिनमें से अधिकांश बच्चे हैं।

प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कैंप लगाकर जांच शुरू कर दी है और बच्चों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गंदगी और समय पर टीकाकरण न होने के कारण बीमारी फैल रही है। जिला सर्विलांस अधिकारी के अनुसार, जिन इलाकों में मरीज मिले हैं उन्हें हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है और विटामिन-A की खुराक के साथ-साथ विशेष टीकाकरण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या गाजियाबाद रहने लायक नहीं बचा? अस्पताल में लंबी कतारें, बिजली-पानी की किल्लत और शिक्षा के नाम पर मनमानी। Top 5 Ghaziabad News चीख-चीख कर कह रही हैं कि शहर का सिस्टम इस समय ‘वेंटिलेटर’ पर है। लोनी में खसरे से बच्ची की मौत, अस्पतालों में हड़ताल, इंदिरापुरम में सीवर का पानी, ट्रांस हिंडन में बिजली संकट और स्कूलों की तानाशाही, गाजियाबाद अब मुसीबतों का केंद्र बनता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इन समस्याओं का संज्ञान लेकर कोई ठोस कदम उठाता है, या फिर जनता इसी तरह बदहाली के आंसू बहाने को मजबूर रहेगी।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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