Oracle Layoffs: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी ओरेकल (Oracle) ने अपने वैश्विक कर्मचारियों में बड़े पैमाने पर कटौती की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने अपने कुल वर्कफोर्स का लगभग 18 प्रतिशत यानी करीब 30,000 कर्मचारियों को निकाल दिया है। भारत में इसका असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है, जहां लगभग 12,000 कर्मचारियों को अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी।
अचानक आया ईमेल और छंटनी की सूचना: Oracle Layoffs
मंगलवार सुबह करीब 6 बजे हजारों ओरेकल कर्मचारियों को एक ईमेल प्राप्त हुआ। इसमें कंपनी नेतृत्व ने साफ कहा कि अब उनकी सेवाओं की जरूरत नहीं है और उन्हें तुरंत प्रभाव से बाहर किया जा रहा है। खास बात यह रही कि इस छंटनी में कर्मचारियों के पद या अनुभव का ध्यान नहीं रखा गया।
कर्मचारियों के लिए यह अचानक निर्णय एक बड़ा झटका साबित हुआ। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Reddit पर कई भारतीय कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि सूचना पाकर उन्हें बेहद निराशा हुई।

विदाई पैकेज: कितना मिलेगा और किस प्रकार
ओरेकल ने आधिकारिक तौर पर विदाई पैकेज का खुलासा नहीं किया है, लेकिन बेंगलुरु स्थित Oracle India Development Center (IDC) के कर्मचारियों के अनुसार संभावित पैकेज इस प्रकार है:
- बेसिक सैलरी: 15 दिनों की बेसिक सैलरी और बची हुई छुट्टियों का पैसा
- एक्स-ग्रेशिया पेमेंट: 2 महीने की अतिरिक्त सैलरी और हर साल के अनुभव के लिए 15 दिन की अतिरिक्त सैलरी
- गार्डन लीव: 1 महीने की सैलरी
- इंश्योरेंस: बीमा के लिए करीब 20,000 रुपये
इन सबको जोड़कर भारतीय कर्मचारियों को कुल मिलाकर लगभग 3 महीने 15 दिन की सैलरी और अनुभव के अनुसार अतिरिक्त पैसा मिलने की संभावना है।
अमेरिका में पैकेज की स्थिति
ओरेकल अमेरिका में अपने कर्मचारियों को अधिकतम 26 हफ्तों यानी लगभग 6 महीने की सैलरी दे रहा है। वहां कर्मचारियों को 4 हफ्ते की बेसिक सैलरी और हर साल के अनुभव पर 1 हफ्ते की सैलरी अतिरिक्त दी जा रही है।
इतनी बड़ी छंटनी क्यों?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ओरेकल की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी ने हाल ही में OpenAI के लिए AI डेटा सेंटर बनाने हेतु 156 बिलियन डॉलर की डील की है। इन सेंटर्स में महंगे चिप्स खरीदने पर ओरेकल 50 बिलियन डॉलर तक खर्च कर सकती है।
छंटनी से बचने वाले लगभग 8-10 बिलियन डॉलर का फंड कंपनी AI निवेश में लगाएगी। वहीं, ओरेकल पर फिलहाल 108 बिलियन डॉलर से अधिक का कर्ज है, जिसे कम करने के लिए भी यह कदम उठाया गया है।
कर्मचारियों के लिए चुनौती और भविष्य
ओरेकल की इस छंटनी ने न केवल वैश्विक आईटी सेक्टर में हलचल मचा दी है बल्कि भारत में हजारों कर्मचारियों के लिए भी अनिश्चितता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि AI और तकनीकी निवेश पर फोकस कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, लेकिन इससे प्रभावित कर्मचारियों के लिए नई नौकरी ढूंढना और वित्तीय संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।





























