KC Tyagi Join RLD: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता केसी त्यागी ने रविवार को राष्ट्रीय लोकदल (RLD) की सदस्यता ग्रहण कर राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया। दिल्ली में आयोजित किसान समृद्धि गोष्ठी के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर जयंत चौधरी ने त्यागी को ढोल-नगाड़ों के बीच स्वागत किया और कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक कदम नहीं, बल्कि पश्चिमी यूपी की राजनीति में नए समीकरण की शुरुआत है।
केसी त्यागी का राजनीतिक सफर (KC Tyagi Join RLD)
केसी त्यागी लंबे समय तक जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से जुड़े रहे। वह पार्टी के मुख्य प्रवक्ता भी रह चुके हैं, लेकिन हाल ही में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था। इसके बाद उनके जदयू में बने रहने को लेकर कई अटकलें तेज हो गई थीं। इसी बीच 11 जनवरी 2026 को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित बुक फेयर में उनके लिखित पुस्तक ‘संकट की खेती’ का लोकार्पण जयंत चौधरी ने किया। विमोचन के दौरान जयंत चौधरी ने केसी त्यागी को चौधरी चरण सिंह का सच्चा शिष्य बताते हुए कहा कि हर दल में एक केसी त्यागी जैसा नेता होना चाहिए।
केसी त्यागी का जन्म गाजियाबाद जिले के मुरादनगर स्थित मोरटा गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता जगराम सिंह त्यागी और माता रोहताश त्यागी थीं। उन्होंने मेरठ विश्वविद्यालय से B.Sc. की डिग्री प्राप्त की और राजनीति की राह अपनाई।
राजनीति में नए मोड़
1989 में केसी त्यागी जनता दल के टिकट पर गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद बने। उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन सांसद प्रेम मोहन को हराया। हालांकि 1991 में रामलहर से भाजपा के रमेशचंद तोमर से हार गए। बाद में समाजवादी पार्टी और समता पार्टी से जुड़े। समता पार्टी के जनता दल यूनाइटेड में विलय के बाद वह जदयू में शामिल हुए। 2004 में मेरठ संसदीय सीट से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। इसके बावजूद 2013 में नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यसभा भेजा।
नीतीश कुमार के करीबियों में शुमार रहे त्यागी लंबे समय तक पार्टी के प्रमुख पदों पर रहे, लेकिन हाल के वर्षों में जदयू में उनका सक्रिय योगदान घट गया। इसके पीछे राजनीतिक विश्लेषक उनके बेटे अमरीश का भविष्य बता रहे हैं। अमरीश 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन उन्हें पार्टी में पर्याप्त अवसर नहीं मिल सके। ऐसे में केसी त्यागी RLD के माध्यम से अपने बेटे की राजनीतिक जमीन तैयार करना चाहते हैं।
रालोद में शामिल होने का राजनीतिक महत्व
जयंत चौधरी ने गोष्ठी में कहा कि केसी त्यागी की एक ही इच्छा है… चौधरी चरण सिंह जैसे बनने की। त्यागी ने भी स्पष्ट किया कि वे कोई पद लेने नहीं आए हैं। उनका मकसद सिर्फ चौधरी साहब का राजनीति में लगाया गया पौधा फले-फूले देखना है और पार्टी के कामकाज में योगदान देना है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार केसी त्यागी का रालोद में शामिल होना पश्चिमी यूपी में पार्टी के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा। इसके चलते त्यागी बिरादरी, जो पश्चिमी यूपी में भाजपा का कोर वोटर मानी जाती है, रालोद के साथ जुड़ सकती है। इससे 2027 के विधानसभा और लोकसभा चुनावों पर भी असर देखने को मिल सकता है।
कार्यक्रम और स्वागत
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी का ढोल-नगाड़ों से भव्य स्वागत किया गया। RLD के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, मंत्री अनिल कुमार, यशवीर, सांसद राजकुमार सांगवान, पूर्व सांसद मलूक नागर, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा सहित पश्चिमी यूपी के कई बड़े नेता मौजूद रहे।
केसी त्यागी और रालोद का फायदा
विश्लेषकों का मानना है कि केसी त्यागी के रालोद में आने से दोनों पक्षों को लाभ होगा। केसी त्यागी मुख्य राजनीति में फिर उभरेंगे और अपने बेटे अमरीश के लिए राजनीतिक जमीन तैयार कर सकते हैं। RLD को पश्चिमी यूपी में त्यागी बिरादरी के जरिए मजबूत पकड़ मिलेगी। इससे पार्टी अब सिर्फ जाटों तक सीमित नहीं रहेगी और सर्वसमाज की पार्टी बन सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि केसी त्यागी की राजनीतिक पहचान और उनका अनुभव रालोद के लिए रणनीतिक तौर पर बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। मेरठ मंडल में पार्टी का असर बढ़ाने और 2027 के चुनाव में सीटों पर दावेदारी मजबूत करने में उनका योगदान अहम रहेगा।
