US Visa Bond Rule: अमेरिका का नया फरमान… 50 देशों पर वीजा बॉन्ड, क्या भारत-पाक का नाम भी शामिल?

Nandani | Nedrick News Published: 20 Mar 2026, 02:04 PM | Updated: 20 Mar 2026, 02:04 PM

US Visa Bond Rule: अमेरिका ने वीजा नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए 50 देशों के नागरिकों के लिए वीजा बॉन्ड अनिवार्य कर दिया है। यह नया नियम 2 अप्रैल 2026 से लागू होगा। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, अब इन देशों के नागरिकों को B1 (बिजनेस) और B2 (टूरिस्ट) वीजा लेने से पहले 15,000 डॉलर तक का बॉन्ड जमा करना होगा।

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क्या है वीजा बॉन्ड और कैसे मिलेगा पैसा वापस? (US Visa Bond Rule)

यह बॉन्ड एक तरह की सिक्योरिटी राशि होगी। अगर वीजा धारक अमेरिका की शर्तों का पालन करता है और समय पर वापस अपने देश लौट जाता है या यात्रा ही नहीं करता, तो यह पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। लेकिन अगर कोई व्यक्ति तय समय से ज्यादा रुकता है, तो यह राशि जब्त की जा सकती है।

ट्रंप प्रशासन ने क्यों उठाया यह कदम?

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस फैसले का मुख्य मकसद वीजा ओवरस्टे यानी तय अवधि से ज्यादा रुकने की समस्या को कम करना है। अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक करीब 1,000 लोगों को वीजा दिया गया, जिनमें से 97% लोग समय पर वापस लौट गए। इसके उलट, पिछली सरकार के आखिरी साल में इसी श्रेणी के 50 देशों के 44,000 से ज्यादा लोग वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी अमेरिका में रुके रहे थे।

इन देशों को किया गया शामिल

इस नई नीति के तहत 12 नए देशों को जोड़ा गया है, जिनमें कंबोडिया, इथियोपिया, जॉर्जिया, ग्रेनेडा, लेसोथो, मॉरीशस, मंगोलिया, मोजाम्बिक, निकारागुआ, पापुआ न्यू गिनी, सेशेल्स और ट्यूनीशिया शामिल हैं।

ये देश पहले से सूची में शामिल 38 देशों के साथ जुड़ेंगे, जिनमें अल्जीरिया, अंगोला, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, युगांडा, जाम्बिया और जिम्बाब्वे जैसे देश पहले से शामिल हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस सूची में भारत और पाकिस्तान को शामिल नहीं किया गया है।

आगे और देशों पर भी लागू हो सकता है नियम

अमेरिकी विदेश विभाग ने साफ किया है कि भविष्य में इस योजना को और देशों तक बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए ‘इमिग्रेशन रिस्क फैक्टर्स’ यानी ओवरस्टे के आंकड़े और नियमों के पालन को आधार बनाया जाएगा।

आर्थिक फायदा भी देख रहा है अमेरिका

इस नीति को सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि आर्थिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, किसी अवैध प्रवासी को देश से बाहर निकालने में औसतन 18,000 डॉलर का खर्च आता है। अगर वीजा ओवरस्टे कम होता है, तो इससे अमेरिकी टैक्सपेयर्स के हर साल करीब 800 मिलियन डॉलर तक बचाए जा सकते हैं।

सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले वीजा पर असर

यह नया नियम खासतौर पर B1 (बिजनेस) और B2 (टूरिस्ट) वीजा पर लागू होगा। ये दोनों वीजा अमेरिका में सबसे ज्यादा जारी किए जाने वाले नॉन-इमिग्रेंट वीजा हैं, जिनका उपयोग व्यापार, पर्यटन और परिवार से मिलने के लिए किया जाता है।

क्या बदल जाएगा यात्रियों के लिए?

इस फैसले के बाद इन 50 देशों के नागरिकों के लिए अमेरिका यात्रा करना थोड़ा महंगा और सख्त हो जाएगा। हालांकि, नियमों का पालन करने वालों के लिए यह सिर्फ एक अस्थायी जमा राशि होगी, जो बाद में वापस मिल जाएगी।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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