Griselda Blanco story: दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग लॉर्ड्स में पाब्लो एस्कोबार का नाम सबसे ऊपर आता था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस माफिया के सामने भी एक औरत थी, जिससे वह डरता था? हां, वह थीं ग्रिसेल्डा ब्लैंको, जिन्हें अंडरवर्ल्ड की दुनिया में ब्लैक विडो कहा जाता था। उनका नाम सुनते ही अमेरिका और कोलंबिया में अंडरवर्ल्ड कंपनियों के लोग कांप उठते थे।
बचपन और अपराध की शुरुआत | Griselda Blanco story
ग्रिसेल्डा ब्लैंको का जन्म कार्टाजेना, कोलंबिया में हुआ था। महज तीन साल की उम्र में वह अपनी मां एना रेस्ट्रेपो के साथ मेडलीन आ गईं। बचपन में ही उनका व्यवहार असामान्य था। केवल 11 साल की उम्र में उन्होंने पड़ोस के एक बच्चे का अपहरण किया और जब फिरौती नहीं मिली, तो उसकी हत्या कर दी। इसके बाद 13 साल की उम्र तक वह जेबकतरा बन गईं। 19 साल की उम्र में घर छोड़कर वह चोरी और अपराध की दुनिया में पूरी तरह उतर गईं।
कोलंबिया से अमेरिका तक ड्रग तस्करी का साम्राज्य
ग्रिसेल्डा ब्लैंको ने अपने जीवन की सबसे खतरनाक यात्रा तब शुरू की जब वह मियामी, अमेरिका पहुंचीं। वहां उन्हें कोकीन गॉडमदर कहा जाने लगा। रिकॉर्ड्स के मुताबिक, ब्लैंको कोलंबियाई ड्रग लॉर्ड थी, जिसने कोलंबिया से मियामी तक अपना तस्करी नेटवर्क फैला रखा था।
1970 के दशक से 2000 के दशक की शुरुआत तक अमेरिका के अंडरवर्ल्ड में उनका नाम खौफ का पर्याय बन गया। उनका नेटवर्क मियामी, न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया तक फैला हुआ था और इससे उन्हें हर महीने लगभग 8 करोड़ डॉलर की कमाई होती थी। कुछ लोगों का दावा है कि वह मेडलीन कार्टेल का भी हिस्सा रही थीं।
पति और अमेरिका में ड्रग तस्करी नेटवर्क
ग्रिसेल्डा ब्लैंको ने अपने पहले पति कार्लोस ट्रूजिलो के साथ कोलंबिया में मारिजुआना डीलिंग शुरू की। 1964 में फर्जी कागजात के साथ अमेरिका आईं और अपने तीन बच्चों और दूसरे पति अल्बर्टो ब्रावो के साथ न्यूयॉर्क में बस गईं। ब्रावो मेडलीन कार्टेल के लिए कोकीन तस्करी करता था। दोनों ने मिलकर अमेरिका में बड़ा ड्रग नेटवर्क स्थापित किया। अप्रैल 1975 में उसे अपने तीस साथियों के साथ अमेरिका में ड्रग तस्करी के आरोप में दोषी ठहराया गया। सजा से बचने के लिए वह परिवार सहित कोलंबिया भाग गई, लेकिन 1970 के दशक के अंत में फिर अमेरिका लौट आई और मियामी में खुद का ऑपरेशन शुरू किया।
मियामी ड्रग वार और हिंसा
मियामी में अपने कारोबार को मजबूत करने के लिए ग्रिसेल्डा ने हिंसा का सहारा लिया। जो भी गैंग या प्रतिद्वंद्वी उसके रास्ते में आया, उसे मरवा दिया गया। 1980 के दशक में मियामी में हर साल सैकड़ों हत्याएं हुईं, जिसे आज मियामी ड्रग वार कहा जाता है। उस समय गांजे की तुलना में कोकीन की तस्करी अधिक थी। मियामी में ड्रग की इस आमद को रोकने के लिए सेंट्रल टैक्टिकल यूनिट बनाई गई, जिसमें होमीसाइड डिपार्टमेंट और DEA शामिल थे।
DEA द्वारा गिरफ्तारी और जेल
17 फरवरी 1985 को DEA ने ब्लैंको को गिरफ्तार किया। उस पर कोकीन बनाने, आयात और वितरण की साजिश का आरोप लगाया गया। न्यूयॉर्क की अदालत ने उसे दोषी पाया और 15 साल की जेल की सजा सुनाई। जेल में उसे फ्लोरिडा की ओर से फर्स्ट डिग्री मर्डर के तीन मामलों में भी आरोपी बनाया गया।
पतियों की हत्या और परिवारिक रहस्य
ग्रिसेल्डा ने अपने पहले पति कार्लोस ट्रूजिलो और दूसरे पति अल्बर्टो ब्रावो की हत्या में भूमिका निभाई। उनके तीसरे पति डारियो सिपुलेवेडा ने उनके छोटे बेटे माइकल का अपहरण कर लिया। ग्रिसेल्डा ने कोलंबिया में सुपारी देकर उसकी हत्या करवा दी और अपने बेटे को वापस अमेरिका लाया। उनके बच्चों का पालन-पोषण उनकी दादी और कानूनी अभिभावकों ने किया।
जेल में स्वास्थ्य और रिहाई
ब्लैंको को 1998 में सेकंड डिग्री मर्डर के तीन मामलों में दोषी ठहराया गया और 20 साल जेल की सजा सुनाई गई। जेल में उनकी सेहत खराब हो गई और 2002 में उन्हें दिल का दौरा पड़ा। 2004 में अनुकंपा रिहाई के बाद उन्हें मेडलीन भेज दिया गया।
मौत और अंतिम क्षण
ब्लैंको की मौत भी उतनी ही डरावनी और फिल्मी अंदाज में हुई। 3 सितंबर 2012 को मेडलीन में वह और उनकी गर्भवती बहू एक दुकान पर गए। जैसे ही वह बाहर निकलीं, मोटरसाइकिल सवार हत्यारों ने उन पर गोलियां चलाईं। इस हमले में उनकी मौत हो गई।
ग्रिसेल्डा ब्लैंको ने अपराध, हिंसा और ड्रग तस्करी के जरिए अंडरवर्ल्ड में अपनी पहचान बनाई। उनके प्रभाव और हिंसा की कहानी यह दिखाती है कि दुनिया का सबसे खतरनाक माफिया पाब्लो एस्कोबार भी उनके सामने डरता था। उनकी जिंदगी अपराध और शक्ति का मिश्रण थी, और अंततः यह सब विनाश और मौत की ओर ही ले गया।






























