बीजेपी के राज्यसभा सांसद और कद्दावर नेता सुब्रमण्यम स्वामी आये दिन मोदी सरकार को आंतरिक सुरक्षा और तमाम विदेशी मुद्दों को लेकर निशाने पर लेते रहते हैं। कोरोना महामारी और कोरोना वैक्सीन को लेकर उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा किया तो वहीं, चीन सीमा विवाद को लेकर भी वह आये दिन सरकार पर सवाल उठाते हैं। इसी बीच उन्होंने इजरायल और म्यांमार के मुद्दे पर मोदी सरकार के कदम की जमकर आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि कि केंद्र में लोकतांत्रिक चेतना की कमी है।
सुब्रमण्यम स्वामी ने उठाए सवाल
राज्यसभा सांसद ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्विट करते हुए कहा, ‘यह चौकाने वाला है कि मोदी सरकार ने चीन समर्थक बर्मी सेना द्वारा म्यांमार में लोकतंत्र की हत्या की निंदा और आंग सान सूकी की गिरफ्तारी पर संयुक्त राष्ट्र के वोट में भाग नहीं लिया। हमने इजरायल पर और अब म्यांमार के मुद्दे पर अपने आप को अलग रखा है। क्या हमने अपनी विवेक शक्ति खो दी है?’
दरअसल, म्यांमार में तख्तापलट के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सेना द्वारा लगातार गोलीबारी की घटना देखी गई। अभी तक हजारों लोगों की जान चली गई है। पिछले महीनें म्यांमार सेना ने अपने नेता आंग सान सूकी को गिरफ्तार कर लिया और देश सेना के हाथों में चला गया। कई देश इसके लिए चीन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने लिया एक्शन
बता दें, पिछले शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक दुर्लभ कदम उठाते हुए म्यांमार की सैन्य सरकार के खिलाफ व्यापर विरोध प्रदर्शन करते हुए एक प्रस्ताव पारित कर देश में सैन्य तख्तापलट की निंदा की, उसके खिलाफ शस्त्र प्रतिबंध का आह्वान किया है तथा लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को बहाल करने की मांग की है। लेकिन भारत समेत 35 देशों ने इस प्रस्ताव पर उस दिन संयुक्त राष्ट्र में हिस्सा नहीं लिया था। जिसे लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
मशहूर अर्थशास्त्री और दिग्गज नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। बताते चलें कि सुब्रमण्यम स्वामी इससे पहले भी कई बार मोदी सरकार को कटघरे में खड़े कर चुके हैं। चीन की चालबाजियों को लेकर भी पिछले दिनों उन्होंने मोदी सरकार को सर्तक रहने की सलाह दी थी।













































