Vinod Suryavanshi interview: आपको सिने जगत में ऐसे कई कलाकार मिलेंगे जिनकी एक्टिंग के लोग पहली ही बार में कायल हो गए है, लेकिन उन्हें पहचान पाने के लिए बड़ी मेहनत करनी पड़ी.. एक ऐसे ही मंझे हुए कलाकार है विनोद सूर्यवंशी (Vinod Suryavanshi) जिनका एक इंटरव्यू इन दिनों काफी सुर्खियों में है। पंचायत (Panchayat) फ्रेंचाइजी के तीसरे पार्ट में नए सचिव जी का छोटा सा रोल करने वाले विनोद सूर्यवंशी ने अपने छोटे से रोल को ही काफी यादगार बना दिया है।
ऐसा शायद ही कोई होगा जिसने विनोद सूर्यवंशी (Vinod Suryavanshi) को गौर न किया हो। ऑफकोर्स वो मैन लीड यानि की सचिव जी की जगह पर आये थे। तो फुलेरा गांव में उन्हें टिकने नहीं दिया गया मगर विकास, प्रहलाद चाचा और नए सचिव जी के बीच का संवाद आज भी मीम्स के तौर पर काफी यूज किया जाता है। विनोद सूर्यवंशी (Vinod Suryavanshi ) कर्नाटक से है और बीते कुछ सालो से सिने जगत में सक्रिय है.. लेकिन क्या आप ये जानते है कि एक कलाकार बनने से पहले उन्होंने अच्छा खासा स्ट्रगल किया था। तो चलिए आपको इस लेख में नए सचिव जी की रियल लाइफ स्ट्रगल के बारे में बतायेंगे।
विनोद ने किया चौकाने वाला खुलासा – Vinod Suryavanshi interview
विनोद सूर्यवंशी (Vinod Suryavanshi) का बचपन काफी गरीबी और अभावो में बीता था, दलित जाति से होने के कारण उन्हें असम्मान का भी सामना करना पड़ा.. इतना ही नहीं जब वो स्टार बन गए अच्छा पैसा कमाने लगे थे तब उन्होंने सोचा कि हो सकता है कि अब चीजे बदल गई हो लेकिन ये उनकी गलत फहमी थी,.. उन्होंने खुलासा किया कि अभी हाल ही में वो अपने बच्चे का मुंडन कराने गांव के मंदिर में गए थे, लेकिन आज भी उन्हें उनकी जाति के कारण मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया था। यानि की गांवों में अब भी कुछ नहीं बदला है। वहीं जब विनोद से पूछा गया कि क्या इंडस्ट्री में उन्होंने जातिगत भेदभाव सहा.. क्या यहां भी भेदभाव होता है..तो जो जवाब विनोद ने दिया वो बेहद हैरान करने वाला था।
जातिवाद पर छलका ‘पंचायत’ एक्टर का दर्द
विनोद सूर्यवंशी बोले- आज भी मंदिर में नहीं मिलती एंट्री… pic.twitter.com/p6Tzfu5XzK
— Prajapati Inder Bajrangi (@prajaptiinder) April 23, 2026
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फिल्म इंडस्ट्री में झेला रिजेक्शन – Vinod Suryavanshi interview
विनोद ने बताया कि भले ही फिल्म इंडस्ट्री आपको उपर से काफी चंकाचौंध भरी दिखती है, जहां सभी एक दूसरे से गले लगते नजर आते है, लेकिन सच तो ये है कि सिने जगत भी जातिगत भेदभाव तो करता ही है साथ ही यहां नस्लिय भेदभाव भी झेलना पड़ता है। विनोद (Vinod Suryavanshi) ने खुलासा किया कि उनके रंग के कारण उन्हें कई बार अच्छे प्रोजेक्ट से सेलेक्ट होने के बाद भी निकाल दिया गया..वो कहते है कि कई बार उन्हें इसलिए रिजेक्शन झेलना पड़ा क्योंकि उन्हें भिखारी के रोल के लिए एक अमीर दिखने वाला व्यक्ति चाहिए होता था।
उनसे कहा जाता था कि वो इसके लायक नहीं है। आपको बता दे कि साल 2024 में अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा (Actress Konkona Sen Sharma) ने भी इस बात का खुलासा किया था कि सिने जगत में सही मायमे में नेपोटिज्म के साथ साथ उंची जाति वालो का दबदवा है। यहां तक कि फिल्मों में भी उन्हें उंची जाति वालों के टुकड़ो पर पलने वाला ही दिखाया जाता है। इतना ही नहीं सांवली होने के कारण कोंकणा सेन शर्मा को नस्लभेद भी झेलना पड़ा है।
विनोद ने कहा सफलता हासिल करना आसान नहीं – Vinod Suryavanshi interview
विनोद (Vinod Suryavanshi) के एक्टिंग करियर की बात करें तो वो पिछले 5 सालो से ज्यादा एक्टिव है। उन्होंने हिंदी, मराठी, बंगाली के साथ साथ भोजपुरी इंडस्ट्री में भी काम किया है। टीवी सिरियल में वो महाराणा प्रताप, चलती का नाम गाड़ी, चिड़िया घर जैसे शो में नजर आये तो वहीं पंचायत, जनावर के साथ साथ जॉली एलएलबी 3′ में भी नजर आये थे। विनोद के लिए सफलता हासिल करना आसान नहीं था, लेकिन उनकी मेहनत औऱ लगन ने उन्हें पहचान दिलाई.. लेकिन उनके इस खुलासे ने ये जरूर साफ कर दिया कि इतने खुले विचारों वाली फिल्म इडंस्ट्री भी भेदभाव के गर्त में फंसी हुई है।





























