अस्पताल में इंटर्नशिप स्कैम से लेकर अवैध कब्जे ध्वस्तीकरण तक | Top 5 Ghaziabad News

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 27 अगस्त 2026, 09:00 PM Updated: 27 अगस्त 2026, 09:00 PM
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GDA का पॉश इलाकों को नोटिस

गाजियाबाद की पहली खबरगाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा इंदिरापुरम और वैशाली जैसे पॉश इलाकों के आवंटियों को अतिरिक्त प्रतिकर (मुआवजे) की वसूली के लिए नोटिस भेजे जाने के बाद निवासियों में भारी आक्रोश है। इस मनमाने फैसले के खिलाफ स्थानीय लोगों और आरडब्ल्यूए ने आर-पार की लड़ाई और बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किसानों को दिए जाने वाले अतिरिक्त मुआवजे की रकम से जुड़ा है, जिसे अब GDA आवंटियों की जेब से वसूल रहा है। यहां के आवंटियों से 2,381 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से वसूली की जा रही है। यहाँ से करीब 275 करोड़ रुपये की वसूली होनी है। आवंटियों को नोटिस मिलने के 3 महीने के भीतर यह राशि जमा करनी होगी।

ऐसा न करने पर जीडीए ब्याज भी वसूलेगा। यह नियम सिंगल प्लॉट, ग्रुप हाउसिंग और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स सभी पर लागू है, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को इससे बाहर रखा गया है। नोटिस के खिलाफ इंदिरापुरम और वैशाली की फेडरेशन ऑफ एओए (AOA) और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) पूरी तरह एकजुट हो गई हैं।

निवासियों का कहना है कि मुआवजा बढ़ाना जीडीए और किसानों के बीच का कानूनी मामला है। प्राधिकरण को इसका भुगतान अपने खजाने से करना चाहिए, न कि सालों पहले फ्लैट या प्लॉट खरीद चुके लोगों पर इसका बोझ डालना चाहिए। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का तर्क है कि जिन लोगों के पास फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी है, उन पर इस तरह की कोई देनदारी नहीं बनती है।

आंदोलन की रूपरेखाआरडब्ल्यूए और स्थानीय निवासी इस नोटिस को वापस लेने की मांग को लेकर जीडीए कार्यालय पर प्रदर्शन और बड़े आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। इसके साथ ही इस मनमानी वसूली के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाने और कानूनी लड़ाई लड़ने पर भी विचार किया जा रहा है।

UPSIDA की  औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई  (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की दूसरी खबर लोहा मंडी और एसएसजीटी (SSGT) रोड औद्योगिक क्षेत्रों में यूपीसीडा (UPSIDA) द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हजार से अधिक अवैध कब्जे ध्वस्त कर दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) और स्थानीय प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है।

अभियान के पहले चरण में 1,000 से अधिक अवैध खोखे, झुग्गियां, अवैध दुकानें और ठेलियां पूरी तरह हटा दी गईं। यह मुख्य कार्रवाई विशेष रूप से लोहा मंडी और एसएसजीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र में की गई है। सड़कों की पटरियों और सरकारी जमीनों पर बने अस्थायी ढांचों को बुलडोजर (जेसीबी) की मदद से पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया।

यूपीसीडा के अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं, सड़कों और पटरियों पर अवैध दुकानों के कारण फैक्ट्रियों के वाहनों को निकलने में भारी दिक्कत होती थी और रोज जाम लगता था। अतिक्रमण के चलते नालियां चोक हो रही थीं और औद्योगिक क्षेत्रों में गंदगी फैल रही थी।

अवैध ठिकानों की आड़ में संदिग्ध और आपराधिक तत्वों की सक्रियता बढ़ने की भी खबरें थीं। यूपीसीडा के उप महाप्रबंधक सलिल यादव के मुताबिक, यह कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है यह अतिक्रमण हटाओ अभियान आगामी 3 से 4 दिन और जारी रहेगा। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि किसी ने दोबारा सरकारी जमीन या सड़क की पटरियों पर कब्जा करने की कोशिश की, तो उनके खिलाफ कानूनी एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी

 बेटी की बेरहमी से पीटा (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए दबंगों द्वारा एक महिला और उसकी बेटी की बेरहमी से पिटाई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कमेटी के जमा पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने न सिर्फ मां-बेटी को लाठी-डंडों से पीटा, बल्कि उनके सोने के आभूषण भी जबरन छीन लिए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता सुनीता ने आरोपी प्रमोद के पास कमेटी के रूप में अपनी गाढ़ी कमाई के 1.20 लाख रुपये जमा किए थे। सुनीता जब अपनी इसी रकम को वापस मांगने के लिए प्रमोद के घर पहुंचीं, तो वहां आरोपी प्रमोद, उसकी पत्नी और उसकी बेटियां मौजूद थीं। आरोपियों ने पैसे देने से साफ मना कर दिया और विवाद शुरू कर दिया। बहस बढ़ते ही आरोपियों ने आपा खो दिया और मां-बेटी पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला बोल दिया।

दोनों को लहूलुहान होने तक सरेआम पीटा गया। मारपीट के दौरान आरोपियों पर बेहद शर्मनाक हरकत करने का आरोप लगा है। उन्होंने पीड़ित महिला के गले से सोने का मंगलसूत्र और उसकी बेटी के नाक की लौंग समेत अन्य कीमती आभूषण जबरन लूट लिए। ख-पुकार और शोरशराबा सुनकर जब आसपास के स्थानीय लोग और पड़ोसी भारी संख्या में मौके पर इकट्ठा होने लगे, तो आरोपी घबरा गए।

वे पीड़ित मां-बेटी को जान से मारने की गंभीर धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। वारदात के तुरंत बाद घायल मां-बेटी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया है। पीड़िता सुनीता की तहरीर के आधार पर गाजियाबाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।

प्राकृतिक त्रासदी के बीच मदद का हाथ  (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की चौथी खबर नेपाल त्रासदी को लेकर है। जहां नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक त्रासदी के बीच मदद का हाथ बढ़ाते हुए भारत ने गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से 37.5 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री की दूसरी खेप रवाना कर दी है।

मीडिया रिपोर्टे्स के अनुसार, भारतीय वायुसेना का शक्तिशाली C-17 ग्लोबमास्टर विमान राहत सामग्री लेकर काठमांडू के लिए उड़ा है,ढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए बड़े पैमाने पर जीवन रक्षक दवाएं भेजी गई हैं। विस्थापित हुए लोगों के लिए भारी मात्रा में रेडी-टू-ईट फूड पैकेट्स (खाने के पैकेट) भेजे गए हैं।

इसमें टेंट, तिरपाल, स्लीपिंग बैग, कंबल और पानी साफ करने वाली क्लोरीन की गोलियां जैसी आवश्यक चीजें शामिल हैं। इससे ठीक एक दिन पहले भारत ने 10 टन राहत सामग्री की पहली खेप नेपाल भेजी थी।

इस तरह अब तक कुल 47.5 टन से अधिक सामग्री भेजी जा चुकी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इस मिशन का वीडियो साझा करते हुए कहा कि भारत लगातार नेपाल सरकार के संपर्क में है और वहां चल रहे बचाव कार्यों में हर संभव मदद जारी रखेगा.तिब्बत सीमा से सटे इलाकों में आई इस फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) के कारण नेपाल में भारी तबाही हुई है, जिसमें 160 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

MMG अस्पताल में इंटर्नशिप के नाम पर अवैध वसूली (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की पांचवी खबर एमएमजी (MMG) अस्पताल में ट्रेनिंग (इंटर्नशिप) कराने के नाम पर डॉक्टरों से अवैध वसूली को लेकर है। जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बताया जा रहा है कि एमएमजी अस्पताल के कर्मचारियों के बीच वायरल हो रहे वीडियो में कुछ एमबीबीएस (MBBS), बीएएमएस (BAMS) और बीयूएमएस (BUMS) डॉक्टर गंभीर आरोप लगाते दिख रहे हैं।

पीड़ित डॉक्टरों का आरोप है कि अस्पताल में इंटर्नशिप/प्रशिक्षण पूरा कराने के बदले उनसे 25,000 रुपये से लेकर 40,000 रुपये तक की अवैध रकम वसूली गई है। इस मामले में सीधे अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. राकेश कुमार और एक लिपिक (सैनी बाबू) को कटघरे में खड़ा किया गया है। एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और झूठा बताया है।

उनका कहना है कि कुछ लोग दुर्भावना के तहत एक सोची-समझी साजिश के तहत उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। सीएमएस का तर्क है कि ट्रेनिंग के दौरान किसी भी डॉक्टर ने उनसे पैसे मांगे जाने की कोई शिकायत नहीं की थी, इसलिए अब ट्रेनिंग खत्म होने के बाद ऐसे आरोप लगाना संदिग्ध है। फिलहाल यह वीडियो अस्पताल के स्टाफ और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और मामले की जांच की मांग उठ रही है।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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