Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की 5 ऐसी बड़ी और हैरान कर देने वाली खबरें, जो इंटरनेट से लेकर अदालतों तक में जमकर वायरल हो रही हैं। पहली खबर लोनी से है, जहाँ बकरे की कुर्बानी की जगह बकरे के शेप का केक काटकर एक अनोखी और ‘इको-फ्रेंडली’ ईद मनाई गई। दूसरी खबर में पत्नी द्वारा किए गए बॉडी शेमिंग के तानों से परेशान होकर एक सिरफिरा पति सड़क पर मासूम लड़कियों के लिए हैवान बन गया।
तीसरी खबर एक होम स्टे की है, जहाँ देर रात बज रहे तेज म्यूजिक का विरोध करने पर दबंगों ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं और युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया। चौथी खबर में आरटीओ ऑफिस के बाहर सक्रिय दलालों के उस मकड़जाल का पर्दाफाश करेंगे, जो सीधे-सादे वाहन मालिकों की जेब पर डाका डाल रहे हैं।
और पाँचवीं खबर लोन लेने वाले हर व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी है, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बैंक को कड़ी फटकार लगाते हुए मकान के दस्तावेजों पर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है । तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं इन सभी 5 बड़ी खबरों की पूरी इनसाइड स्टोरी।
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लोनी में मनाई इको-फ्रेंडली ईद
गाजियाबाद से पहली खबर लोनी से है जहां एक अनोखी और “इको-फ्रेंडली” ईद देखने को मिली। बकरे की कुर्बानी की जगह बकरे के शेप का केक! बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर की एक अपील का असर ऐसा हुआ कि लोगों ने बिना जीव-हत्या के इको-फ्रेंडली ईद मनाई। इस अनोखे सेलिब्रेशन के वीडियो अब इंटरनेट पर जमकर सुर्खियां बटोर रहे हैं। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं कि आखिर क्या है इस पूरी खबर के पीछे की सच्चाई
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के लोनी में इको-फ्रेंडली ईद मनाने को लेकर चर्चा तेज है। यहाँ लोनी से बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने लोगों से एक खास अपील की थी। इसके बाद कुछ परिवारों ने बकरे की वास्तविक कुर्बानी देने के बजाय बकरे की आकृति (शेप) या तस्वीर वाला केक काटकर एक-दूसरे को ईद-उल-अज़हा की मुबारकबाद दी। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने लोगों से जीव-हत्या या कुर्बानी के बजाय प्रतीकात्मक रूप से त्योहार मनाने का अनुरोध किया था, जिसके बाद इस अनोखे और इको-फ्रेंडली ईद सेलिब्रेशन के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहे हैं।
पत्नी के पतला कहने पर पति ने उठाया खौफनाक काम Top 5 Ghaziabad News
गाजियाबाद से दूसरी खबर एक सिरफिरे पति की है, जिसने घर के कलह का गुस्सा मासूम लड़कियों पर निकाला। घरेलू कलह और बॉडी शेमिंग का एक ऐसा खौफनाक अंजाम, जिसे सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे। गाजियाबाद में एक पति अपनी पत्नी के तानों से इस कदर डिप्रेशन में आ गया कि उसका गुस्सा बेकसूर लड़कियों पर फूट पड़ा। दफ्तर से घर लौटते वक्त वो सड़क पर अकेली महिलाओं को देखता और पीछे से चाकू मारकर फरार हो जाता। तो चलिए जानते हैं कि आखिर क्या है इस साइको अटैकर की पूरी कहानी?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजियाबाद के खोड़ा इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहाँ अपनी पत्नी द्वारा लगातार किए जाने वाले तानों और बॉडी शेमिंग (पतला बोलने) से परेशान होकर एक सिरफिरे पति ने सड़कों पर जा रही महिलाओं पर हमला करना शुरू कर दिया। न्यूज़18 की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की गिरफ्त में आए इस सिरफिरे युवक का नाम अंकित वर्मा है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में किराए के मकान में रहता था।
अंकित का अपनी पत्नी के साथ आए दिन झगड़ा होता रहता था। बातचीत और विवाद के दौरान उसकी पत्नी अक्सर उसे ‘पतला’ बोलकर उसका मज़ाक उड़ाती थी। पत्नी के इन तानों का अंकित के दिमाग पर इतना गहरा और नकारात्मक असर पड़ा कि वह मानसिक रूप से विक्षिप्तों जैसा व्यवहार करने लगा। अपने मन के इसी गुस्से और कुंठा को निकालने के लिए अंकित ऑफिस से छुट्टी होने के बाद सड़कों पर निकल जाता था। वह रास्ते में अकेली जा रही महिलाओं और युवतियों की कमर पर चाकू से वार कर फरार हो जाता था। लगातार बढ़ रही इन वारदातों के बाद मुस्तैद हुई गाजियाबाद पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी अंकित को गिरफ्तार कर लिया है।
तेज गाने का विरोध करना युवकों को पड़ा भारी
गाजियाबाद से तीसरी खबर, जहाँ एक होम स्टे में तेज गाना बजाने का विरोध करना कुछ युवकों को बहुत भारी पड़ गया। शांत माहौल में खलल डालने का विरोध करने पर दबंगों ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। देर रात बज रहे तेज गानों को बंद कराने पहुंचे युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया गया और दबंगों ने उन्हें जमकर पीटा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और वे अस्पताल में भर्ती हैं। तो चलिए जानते हैं कि आखिर इस पूरे विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के एक होम स्टे में तेज संगीत बजाने का विरोध करने पर युवकों के साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस जानलेवा हमले में पीड़ित युवकों को गंभीर चोटें आई हैं। बता दें कि आवाज कम करने की बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई।
दबंग युवकों ने विरोध करने वालों को घेर लिया और लाठी-डंडों व लात-घूंसों से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में पीड़ित युवकों के सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद लहूलुहान हालत में उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
RTO ऑफिस के बाहर दलालों ने बिछाया जाल (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद से चौथी खबर, जहाँ आरटीओ ऑफिस के बाहर दलालों ने अपना ऐसा जाल बिछाया है कि आम जनता त्रस्त हो चुकी है। इन दिनों यहाँ दलालों का इस कदर बोलबाला है, जो लाइसेंस रिन्यूअल और अन्य कामों के नाम पर वाहन मालिकों से खुली वसूली कर रहे हैं। अगर आप भी आरटीओ से जुड़ा कोई काम कराने जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! यहाँ भरोसे में लेकर सीधे-सादे लोगों की जेब पर डाका डाला जा रहा है और लाइसेंस के नाम पर हजारों रुपये ऐंठे जा रहे हैं। तो चलिए जानते हैं कि आखिर आरटीओ के बाहर दलाली का यह खेल कैसे चल रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजियाबाद के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO कार्यालय) के बाहर दलालों का जाल तेजी से पैर पसार रहा है। यहाँ सीधे-सादे वाहन मालिकों को भरोसे में लेकर दलाल लाइसेंस नवीनीकरण (Renewal) व अन्य छोटे-बड़े कामों के लिए लोगों से 4 से 5 हजार रुपये तक की भारी रकम वसूल रहे हैं।
मोटी रकम ऐंठने के बावजूद दलाल समय पर काम नहीं करवा रहे हैं, जिससे परेशान होकर लोगों को बार-बार आरटीओ ऑफिस के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और विरोध करने पर उन्हें धमकाया भी जा रहा है। इस बढ़ते उत्पीड़न को देखते हुए परिवहन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से दलालों के झांसे में न आने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि लोग सीधे विभागीय काउंटर पर जाएं या परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करें।
कर्ज का भुगतान के बाद बैंक नहीं रख सकता दस्तावेज
गाजियाबाद से पांचवीं खबर, जो लोन लेने वाले हर व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी है। क्या लोन चुकता होने के बाद भी बैंक आपके घर के कागजात दबाकर बैठ सकता है? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस पर एक बड़ा फैसला सुनाया है। एक मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने साफ कहा कि कर्ज का भुगतान होते ही बैंक को बंधक संपत्ति के दस्तावेज तुरंत वापस करने होंगे। आइए आपको बताते हैं कि गाजियाबाद की सीमा जैन के साथ बैंक ने क्या किया और हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि लोन (ऋण) का पूरा भुगतान होने के बाद बैंक बंधक संपत्ति के मूल दस्तावेज अपने पास जब्त नहीं रख सकता है । अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ता के मकान का बैनामा (Sale Deed) और अन्य मूल दस्तावेज दो सप्ताह के भीतर वापस करे ।
बता दें कि यह मामला गाजियाबाद की रहने वाली सीमा जैन से जुड़ा है, जिन्होंने साल 2002 में एक मकान खरीदा था । मकान खरीदने के 10 साल बाद यानी 2012 में, बैंक ऑफ इंडिया ने उन्हें एक नोटिस भेजा । बैंक का दावा था कि मकान की पूर्व मालकिन अपने बेटे के 5 लाख रुपये के लोन में गारंटर थीं और यह मकान बैंक में बंधक था । मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अजित कुमार की एकल पीठ ने की । कोर्ट ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि जब कर्ज की राशि का निपटान हो चुका है, तो बैंक किसी भी नागरिक की संपत्ति के कागजात अवैध रूप से नहीं रोक सकता ।
गाजियाबाद की आज की 5 सबसे बड़ी और चर्चित खबरें। जहाँ एक तरफ लोनी में ‘इको-फ्रेंडली’ ईद की एक खूबसूरत और अनूठी पहल देखने को मिली, तो वहीं खोड़ा में घरेलू कलह और बॉडी शेमिंग का एक खौफनाक और हैरान कर देने वाला अंजाम भी सामने आया।
इसके साथ ही, होम स्टे में हुआ खूनी संघर्ष और आरटीओ ऑफिस के बाहर फैला दलालों का जाल हमें अपने आस-पास और व्यवस्थाओं को लेकर सचेत रहने की चेतावनी देता है। वहीं, आखिरी खबर में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला हम सभी आम नागरिकों और बैंक उपभोक्ताओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाता है।



























