Swatantra Bhardwaj Case में भड़के CJI, असामाजिक तत्वों को लेकर दे दी बड़ी चेतावनी!

Rajni | Nedrick News delhi Published: 10 सितम्बर 2026, 11:31 PM Updated: 10 सितम्बर 2026, 11:31 PM
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CJI strict in Swatantra Bhardwaj case: राजनीतिक रसूख चाहे जो भी हो, कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के CJI संजीव खन्ना ने CJP प्रोटेस्ट हिंसा मामले में सीधे तौर पर यही कड़ा संदेश दिया है। एक सोशल मीडिया पॉडकास्ट में पीड़ित के सिर फोड़ने का दावा करने वाले आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का खुद संज्ञान लिया है। नाबालिग लड़की को मिल रही ऑनलाइन धमकियों पर पुलिस को घेरते हुए कोर्ट ने पूछा है कि आखिर ये असामाजिक तत्व इतने बेखौफ कैसे हैं? तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं इस मामले से जुड़ा पूरा अपडेट।

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Swatantra Bhardwaj Case में दिल्ली पुलिस से मांगी रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग लड़की के पिता पर हुए हमले और उसके बाद लड़की को मिल रही धमकियों के मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) संजीव खन्ना की अगुवाई वाली पीठ ने इस मामले में उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे मामलों को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लिया जा सकता और अगर कोई आरोपी किसी बच्चे या उसके परिवार को डराने-धमकाने की कोशिश करता है, तो यह बेहद गंभीर बात है।

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी और निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताते हुए सवाल किया कि हिंसा करने वाले लोग खुलेआम कैसे घूम रहे हैं और पीड़ितों को धमका रहे हैं। अदालत ने दिल्ली और यूपी पुलिस को निर्देश दिया है कि वे दर्ज FIR, आरोपी पर की गई कार्रवाई और पीड़ित नाबालिग व उसके परिवार को दी गई सुरक्षा पर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपें। चीफ जस्टिस ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी बच्चे के खिलाफ हिंसा में शामिल है, तो उसे किसी भी कीमत पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला जून-जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP (Cockroach Janta Party) के नीट पेपर लीक को लेकर विरोध-प्रदर्शन से शुरू हुआ था, जहाँ एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की गई थी। आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने एक सोशल मीडिया पॉडकास्ट में यह दावा किया कि उसने प्रदर्शन के दौरान लड़की के पिता का सिर फोड़ दिया था और अपनी राजनीतिक पहुंच के कारण वह पुलिस से नहीं डरता। वीडियो वायरल होने और शिकायत दर्ज होने के बाद, पीड़ित नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया कि उसे सोशल मीडिया पर दुष्कर्म की धमकियां, भद्दी गालियां और उसकी मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ की गई) तस्वीरें वायरल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

भारद्वाज का दावा (Swatantra Bhardwaj Case)

भारद्वाज ने खुलेआम डींग मारते हुए कहा था कि उसने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता (संजय कुमार) की बेरहमी से पिटाई की और उनका सिर फोड़ दिया था, जिसके बाद उन्हें 60 टांके लगे थे और गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाना पड़ा था। उसने वीडियो में हंसते हुए दावा किया था कि उसके इस हमले के चलते उस पर IPC की धारा 307 (हत्या का प्रयास) का मामला बनता है।

उसने दावा किया कि उसके कई बड़े मंत्रियों और नेताओं (कपिल मिश्रा और चिराग पासवान जैसी हस्तियों का नाम लेकर) के साथ बेहद मजबूत राजनीतिक संबंध (पॉलिटिकल कनेक्शंस) हैं। उसने घमंड जताते हुए कहा था कि इस रसूख के कारण पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती और घटना के इतने दिन बाद भी वह खुलेआम घूम रहा है।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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