Shah Rukh Khan कैसे बने बॉलीवुड के बादशाह? वो 5 फैसले जिन्होंने बदल दी किस्मत!

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Shah Rukh Khan: भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई अभिनेता आए और गए, लेकिन जो मुकाम और स्टारडम शाहरुख खान ने हासिल किया, वह मिसाल है। साल 1990 का दशक… जब बॉलीवुड में हीरो का मतलब सिर्फ स्क्रीन पर गुंडों को पीटना और हिरोइन के साथ पेड़ के चक्कर लगाना होता था। ठीक उसी दौर में दिल्ली का एक आम लड़का मुंबई आता है और वो फैसले लेता है जिसे करने की हिम्मत उस दौर के बड़े-बड़े सुपरस्टार्स भी नहीं कर पा रहे थे।

आज हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के ‘बादशाह’ शाहरुख खान की। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर उनके करियर के 5 सबसे बड़े और रिस्की फैसले गलत साबित हो जाते, तो शायद आज हिंदी सिनेमा को उसका ‘किंग’ कभी मिलता ही नहीं? तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं किंग खान के उन 5 फैसलों के बारे में जिन्होंने उनकी किस्मत के साथ-साथ पूरे बॉलीवुड का इतिहास बदल दिया।

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Shah Rukh Khan ने टीवी इंडस्ट्री को कहा अलविदा

शुरुआत करते हैं साल 1991 से, जब शाहरुख खान कोई अनजान चेहरा नहीं थे। दूरदर्शन के सुपरहिट शोज ‘फौजी’ और ‘सर्कस’ के जरिए वो हर भारतीय घर का लाडला बन चुके थे। उस दौर में टेलीविजन पर ऐसा स्टारडम मिलना बहुत बड़ी बात थी। लेकिन शाहरुख के सपने इस छोटे पर्दे से कहीं ज्यादा बड़े थे।

उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया जिसने उनके करीबियों को भी चौंका दिया—उन्होंने टीवी इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया! आज के दौर में यह नॉर्मल लग सकता है, लेकिन उस ज़माने में टीवी एक्टर्स को फिल्मों में जल्दी काम नहीं मिलता था, उन्हें सिर्फ ‘छोटे पर्दे का कलाकार’ मानकर रिजेक्ट कर दिया जाता था। शाहरुख बिना किसी गॉडफादर के मुंबई आए थे।

अगर 1992 में आई उनकी पहली फिल्म ‘दीवाना’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो जाती, तो उनके पास न टीवी बचता और न ही बॉलीवुड का कोई ठिकाना। यह एक ऐसा अंधा मोड़ था, जहां उनका करियर शुरू होने से पहले ही हमेशा के लिए खत्म हो सकता था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, फिल्म सुपरहिट रही और सिनेमा को उसका नया सितारा मिल गया।

विलेन के रोल को कहा हां

पहली ही फिल्म ‘दीवाना’ से शाहरुख (Shah Rukh Khan) स्टार तो बन गए, लेकिन उनके करियर का सबसे खतरनाक मोड़ आना अभी बाकी था। जहाँ हर नया एक्टर अपनी ‘चॉकलेट बॉय’ या ‘लवर बॉय’ वाली इमेज बनाने में लगा रहता था, वहीं शाहरुख ने साल 1993 में एक ऐसा फैसला लिया जिसने पूरी इंडस्ट्री के होश उड़ा दिए। यह था उनका दूसरा सबसे बड़ा फैसला—करियर के शुरुआती दौर में ही एंटी-हीरो यानी विलेन का रास्ता चुनना।

आज हम ‘बाजीगर’ और ‘डर’ जैसी फिल्मों को कल्ट क्लासिक मानते हैं, लेकिन उस ज़माने में इन फिल्मों की स्क्रिप्ट को आमिर खान और सलमान खान जैसे कई बड़े स्टार्स ने सिर्फ इसलिए रिजेक्ट कर दिया था क्योंकि उन्हें डर था कि विलेन बनने से उनका हीरो वाला करियर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। लेकिन शाहरुख (Shah Rukh Khan) ने इस डर को चुनौती दी। उन्होंने ‘डर’ फिल्म में एक सनकी, जुनूनी आशिक राहुल मेहरा का किरदार निभाया और ‘बाजीगर’ में एक ऐसा एंटी-हीरो बने जो बदला लेने के लिए हीरोइन को छत से नीचे फेंक देता है।

यह एक ऐसा फैसला साबित हो सकता था जो उनके हीरो बनने के सारे रास्ते बंद कर देता। लेकिन शाहरुख की ज़बरदस्त एक्टिंग ने इतिहास रच दिया। दर्शकों ने इस विलेन से नफरत करने के बजाय उससे प्यार करना शुरू कर दिया, और यहीं से शुरुआत हुई हिंदी सिनेमा के एक ऐसे एंटी-हीरो की जो आगे चलकर रोमांस का किंग बनने वाला था।

विलेन के बाद रोमांटिक रोल को किया एक्सेप्ट

लेकिन विलेन बनकर जो खौफ शाहरुख (Shah Rukh Khan) ने दर्शकों के दिलों में पैदा किया था, उसे मिटाना इतना आसान नहीं था। साल 1995 तक आते-आते इंडस्ट्री में उनकी पहचान एक सनकी और इंटेंस एक्टर की बन चुकी थी। तभी उनके सामने आया उनका तीसरा सबसे बड़ा फैसला—एक ऐसी फिल्म को हां कहना, जिसे वो खुद कभी नहीं करना चाहते थे… ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का राज मल्होत्रा।

आदित्य चोपड़ा के बार-बार समझाने पर शाहरुख (Shah Rukh Khan) ने भारी मन से इस रिस्क को स्वीकार किया। नतीजा? DDLJ भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बन गई। मुंबई के मराठा मंदिर थिएटर में यह फिल्म दशकों तक चलती रही और जिस शाहरुख को लोग विलेन मान चुके थे, वो रातों-रात दुनिया का सबसे बड़ा रोमांटिक सुपरस्टार बन गया।

लीक से हटकर किया एक्सपेरिमेंट

DDLJ की इस शानदार कामयाबी के बाद शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) भारत के ‘किंग ऑफ रोमांस’ बन चुके थे। अब वो जो भी रोमांटिक फिल्म करते, वो बॉक्स ऑफिस पर नोटों की बारिश कर देती। किसी भी एक्टर के लिए इस सेफ ज़ोन में बने रहना बहुत आसान था। लेकिन यहीं पर सामने आता है उनका चौथा सबसे बड़ा फैसला—सुपरस्टारडम के चरम पर होने के बावजूद, अपनी बनी-बनाई रोमांटिक इमेज को दांव पर लगाकर लीक से हटकर एक्सपेरिमेंट करना।

जब पूरा देश उन्हें स्क्रीन पर बाहें फैलाकर रोमांस करते देखना चाहता था, तब शाहरुख ने साल 2004 में आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘स्वदेस’ चुनी, जिसमें उन्होंने नासा के एक गंभीर वैज्ञानिक मोहन भार्गव का किरदार निभाया।

इसके बाद साल 2007 में उन्होंने ‘चक दे! इंडिया’ में एक ऐसे हॉकी कोच कबीर खान की भूमिका निभाई, जिस पर देशद्रोह का दाग लगा है। इस फिल्म में न तो कोई ग्लैमर था, न कोई हिरोइन थी और न ही शाहरुख (Shah Rukh Khan) का कोई सिग्नेचर रोमांटिक अंदाज़। एक ग्लोबल सुपरस्टार के लिए अपनी सबसे बड़ी यूएसपी यानी रोमांस को छोड़कर ऐसी गंभीर फिल्में करना बहुत बड़ा जोखिम था।

अगर ये फिल्में बुरी तरह नकार दी जातीं, तो उनका कमर्शियल स्टारडम खतरे में पड़ सकता था। भले ही ‘स्वदेस’ उस वक्त बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली, लेकिन आज इन दोनों ही फिल्मों को शाहरुख खान के करियर का बेस्ट परफॉर्मेंस माना जाता है।

VFX स्टूडियो पर लगाया दाव

इन फिल्मों ने यह तो साबित कर दिया कि शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) एक्टिंग के बादशाह हैं, लेकिन उनका विजन सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं था। जब एक सुपरस्टार का करियर lifestyle और महंगी गाड़ियों तक सिमट जाता है, तब शाहरुख ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने उन्हें सिर्फ बॉलीवुड का नहीं, बल्कि बिजनेस की दुनिया का भी किंग बना दिया। यह था उनका पांचवां और सबसे बड़ा दूरदर्शी फैसला—करोड़ों रुपयों का रिस्क लेकर खुद का प्रोडक्शन हाउस ‘रेड चिलीज एंटरटेनमेंट’, भारत का सबसे हाई-टेक VFX स्टूडियो शुरू करना और IPL में निवेश करना।

साल 2002 में जब उन्होंने ‘रेड चिलीज’ की शुरुआत की, तो अपनी फिल्मों की गाढ़ी कमाई भारत में एक वर्ल्ड-क्लास VFX स्टूडियो बनाने में झोंक दी। लोग उन्हें पागल कह रहे थे, क्योंकि उस दौर में भारत में डिजिटल सिनेमा का कोई भविष्य नहीं दिखता था। इतना ही नहीं, 2008 में जब आईपीएल आया, तो करोड़ों का दांव लगाकर उन्होंने KKR टीम खरीद ली।

शुरुआत में टीम लगातार हारी, भारी नुकसान हुआ और मीडिया में आलोचना भी हुई। अगर उनका यह बिजनेस माइंडसेट फेल हो जाता, तो शाहरुख (Shah Rukh Khan) कर्ज के दलदल में डूब जाते। लेकिन आज नतीजा देखिए—KKR आईपीएल की सबसे सफल टीमों में से एक है, और रेड चिलीज VFX के बिना आज बॉलीवुड की कोई बड़ी एक्शन फिल्म सोची भी नहीं जा सकती।

तो आपको शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की यह फिल्मी जर्नी कैसी लगी है? हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं। वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक करें, शेयर करें। और ऐसे ही मजेदार फिल्मी अपडेट्स के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। मिलते हैं अगले वीडियो में!

Rajni

rajni@nedricknews.com

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