एंटीलिया केस में नहीं था नाम, फिर भी क्यों परमबीर सिंह को पुलिस कमिश्नर पद से हटाया गया? ये हैं बड़ी वजहें…

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 18 मार्च 2021, 05:30 AM Updated: 18 मार्च 2021, 05:30 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

महाराष्ट्र की राजनीति में इस वक्त एंटीलिया केस
छाया हुआ है। कुछ दिन पहले मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर
एक संदिग्ध कार खड़ी मिली थीं। इस कार में विस्फोटक सामान भरा हुआ था।
 NIA इस पूरे केस की
गुत्थी सुलझाने की कोशिशों में जुटी हुई हैं।

इस पूरे मामले की जांच की आंच मुंबई पुलिस तक
पहुंचने लगी हैं। पहले मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत
, उसके बाद असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाजे की
गिरफ्तारी और अब बीते दिन मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह का तबादला बीते दिन
किया गया।
 परमबीर सिंह को उनके पद से हटाकर होमगार्ड का DG बनाकर ट्रांसफर किया गया। ऐसे में ये सवाल उठने
लगे हैं कि आखिर क्यों अचानक ही परमबीर सिंह का ट्रांसफर किया गया
?  आइए आपको इसके पीछे की वजह बताते हैं…

खबरों के अनुसार परमबीर सिंह को उनके पद से हटाने
को लेकर चर्चाएं तीन दिन से चल रही थीं। एंटीलिया केस को लेकर सीएम उद्धव ठाकसे
लगातार मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।

– भले ही एंटीलिया केस में परमबीर सिंह का नाम नहीं
आया हो। लेकिन सचिन वाजे के गिरफ्तार होने के बाद उन पर भी कई आरोप लगने लगे थे।
दरअसल
, सचिन
वाजे सस्पेंड थे
, जिनको 16 सालों के बाद परमबीर सिंह के ही
आदेश पर 6 जून 2020 को दोबारा से असिस्टेंट पुलिस
  इंस्पेक्टर
पद पर बहाल किया गया। सिर्फ इतना ही नहीं सचिन वाजे के ड्यूटी ज्वॉइन करने के कुछ
ही दिनों बाद उन को क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (
CIU) के प्रमुख के पद पर तैनात किया गया।

– इसके अलावा परमबीर ने कई मामलों की जांच सचिन वाजे
को सौंपी थीं। जिसमें मशहूर
 TRP घोटाले, रिपब्लिक
टीवी के अर्नब गोस्वामी के गिरफ्तारी
, कंगना-ऋतिक चैट विवाद,
बादशाह के फेक फॉलोअर्स का मामला शामिल था।

– वहीं एंटीलिया मामले की भी जांच शुरुआत में परमबीर
सिंह के ही आदेश पर सचिन वाजे को सौंपी गई थीं। हालांकि बाद में उनको इस केस से
हटा दिया गया था। इसके अलावा खबरों के मुताबिक जो नियम होते है उसके अनुसार
 CIU प्रमुख
होने पर सचिन वाजे को सीनियर इंस्पेक्टर या
 DCP को रिपोर्ट करना चाहिए था, लेकिन वो हर मामले में परमबीर
सिंह को ही रिपोर्ट करते थे।

आपको बता दें कि 1988 बैच के IPS परमबीर
सिंह को संजय बर्वे की जगह
 पर
मुंबई पुलिस कमिश्नर बनाया गया था। वो पहले भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो यानी
 ACB के
महानिदेशक
 रह चुके हैं । परमबीर को अंडरवर्ल्ड स्पेशलिस्ट भी
माना जाता है। मालेगांव ब्लास्ट मामले में साध्वी प्रज्ञा की गिरफ्तारी के बाद
परमबीर चर्चाओं में आए थे।

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds