पाकिस्तान की पीस डील फेल: ईरान ने अमेरिका से बातचीत से किया इनकार | Iran US peace talks

Nandani | Nedrick News Iran Published: 21 अप्रैल 2026, 04:14 PM Updated: 21 अप्रैल 2026, 04:14 PM
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Iran US peace talks: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान की ओर से ईरान और अमेरिका के बीच सुलह कराने की जो पहल की गई थी, वह फिलहाल असफल होती नजर आ रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर इस कोशिश में लगातार सक्रिय थे कि दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता निकाला जाए और इस्लामाबाद को एक तरह से वैश्विक मध्यस्थ यानी “पीसमेकर” के तौर पर स्थापित किया जा सके।

लेकिन इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता का दूसरा दौर शुरू होने से पहले ही रुक गया और मामला आगे नहीं बढ़ पाया।

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ईरान ने बातचीत से किया साफ इनकार | Iran US peace talks

इस पूरी प्रक्रिया को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब ईरान ने साफ कर दिया कि वह पाकिस्तान में होने वाली अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत का हिस्सा नहीं बनेगा। ईरान का यह रुख ऐसे समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के लिए अपने विशेष दूत भेजने की बात कही थी। हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी चेतावनी दी थी कि अगर ईरान अपनी शर्तें नहीं मानता है तो उस पर सैन्य कार्रवाई भी की जा सकती है।

ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान का मानना है कि अमेरिका की मांगें काफी कठोर और लगातार बदलने वाली हैं, जिससे भरोसा बनाना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से ईरान ने इस बातचीत को पूरी तरह से खारिज कर दिया।

समुद्री तनाव और जनता का गुस्सा

ईरान की ओर से यह भी कहा गया कि समुद्री रास्तों पर तनाव और घेराबंदी की स्थिति को वह सीजफायर का सीधा उल्लंघन मानता है। यही वजह है कि बातचीत के माहौल को भरोसेमंद नहीं माना गया।

उधर, ईरान के भीतर भी हालात अलग नहीं हैं। तेहरान की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग सरकार के समर्थन में उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि उसने पहले भी कई वादे तोड़े हैं और इसलिए इस बार भी उस पर विश्वास करना मुश्किल है।

लंबा खिंचता युद्ध और वैश्विक असर

यह संघर्ष अब लगभग 50 दिनों से ज्यादा समय से जारी है और इसका असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर दिखने लगा है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है।

अहम समुद्री रास्तों पर अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। इस पूरे संघर्ष ने वैश्विक सप्लाई चेन को भी झटका दिया है और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है।

बताया जा रहा है कि 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी

इन सबके बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। जिस पहल के जरिए इस्लामाबाद खुद को एक अहम शांति वार्ताकार के रूप में पेश करना चाहता था, वह ईरान के कड़े रुख के बाद फिलहाल ठप पड़ गई है। अब साफ है कि इस मसले का हल निकाले बिना हालात जल्दी शांत होने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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