Israel Hezbollah War in Lebanon: मिडिल ईस्ट में पहले से ही चल रहे इजरायल-हिज़्बुल्लाह तनाव के बीच एक नई घटना ने माहौल और गरमा दिया है। सोमवार, 20 अप्रैल को इजरायली सेना ने खुद यह स्वीकार किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर असली है। इस तस्वीर में एक इजरायली सैनिक दक्षिण लेबनान में यीशु मसीह की मूर्ति को हथौड़े से नुकसान पहुंचाते हुए दिखाई दे रहा है।
तस्वीर में साफ दिखता है कि सैनिक स्लेजहैमर से सूली पर चढ़े यीशु मसीह की मूर्ति के सिर पर वार कर रहा है, जिसके बाद मूर्ति नीचे गिर जाती है। यह घटना इलाके में चर्चा और नाराजगी का कारण बन गई है।
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कहां की है यह घटना?
न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक यह मूर्ति दक्षिण लेबनान के ईसाई बहुल गांव देबल में स्थित है, जो इजरायल की सीमा के बेहद करीब है। स्थानीय नगर प्रशासन ने भी पुष्टि की है कि मूर्ति वहीं मौजूद है, हालांकि उसे कितना नुकसान पहुंचा है, यह अभी साफ नहीं हो पाया है।
इजरायली सेना ने माना मामला गंभीर | Israel Hezbollah War in Lebanon
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट पर बयान जारी कर कहा कि यह घटना बेहद गंभीर है और सैनिक का व्यवहार सेना के मूल्यों के खिलाफ है। सेना ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि तस्वीर में दिख रहा व्यक्ति दक्षिण लेबनान में तैनात इजरायली सेना का सैनिक है।
Following the completion of an initial examination regarding a photograph published earlier today of an IDF soldier harming a Christian symbol, it was determined that the photograph depicts an IDF soldier operating in southern Lebanon.
The IDF views the incident with great… https://t.co/U6P3x8KWBb
— Israel Defense Forces (@IDF) April 19, 2026
सेना ने यह भी कहा कि इस मामले की जांच नॉर्दर्न कमांड कर रही है और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि सैनिक पर क्या कार्रवाई होगी। साथ ही, सेना ने कहा कि वह स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर इस मूर्ति को फिर से उसकी जगह पर स्थापित करने की कोशिश कर रही है, ताकि स्थिति को शांत किया जा सके।
इजरायल के विदेश मंत्री ने मांगी माफी
इस घटना पर इजरायल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “शर्मनाक और अपमानजनक” बताया और कहा कि दोषी सैनिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि इस घटना से ईसाई समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं, और इसके लिए वे माफी मांगते हैं। उनके बयान के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।
युद्ध और तनाव के बीच नया मोड़
यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब इजरायल और लेबनान के बीच तनाव पहले से ही काफी बढ़ा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक मार्च की शुरुआत में लेबनान भी इस संघर्ष में और गहराई से शामिल हो गया था, जब ईरान समर्थित समूह हिज़्बुल्लाह ने ईरानी नेतृत्व के समर्थन में इजरायल पर रॉकेट हमले किए थे।
इसके जवाब में इजरायल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की और दक्षिणी इलाके में अपनी सेना भी तैनात कर दी। हालांकि हाल ही में दोनों देशों के बीच युद्धविराम लागू हुआ है, लेकिन इजरायली सेना अभी भी दक्षिण लेबनान में मौजूद है। इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह इन इलाकों से पूरी तरह पीछे नहीं हटेगा और यहां अपनी मौजूदगी बनाए रखेगा।



























