9 पसलियां टूटीं, फेफड़े हुए जख्मी, फिर भी नहीं टूटा हौसला; अस्पताल से पहुंचकर छात्रा ने दी NEET-UG परीक्षा| NEET-UG 2026

Nandani | Nedrick News New Delhi Published: 22 Jun 2026, 09:36 AM | Updated: 22 Jun 2026, 09:36 AM

NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने लाखों छात्रों को संघर्ष और हौसले का नया संदेश दिया है। कोलकाता की रहने वाली सृष्टि दुबे ने गंभीर सड़क हादसे, बड़ी सर्जरी और लंबी चिकित्सा प्रक्रिया के बावजूद डॉक्टर बनने का सपना नहीं छोड़ा। शारीरिक रूप से बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजरने के बाद भी उन्होंने NEET परीक्षा देने का फैसला किया और आखिरकार विशेष इंतजामों के बीच परीक्षा में शामिल होकर अपने जज्बे का परिचय दिया।

सृष्टि की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर शिक्षा जगत तक चर्चा का विषय बनी हुई है। कई लोग इसे दृढ़ इच्छाशक्ति और सपनों के प्रति समर्पण का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं।

और पढ़ें: सॉफ्टवेयर-MBA के पीछे भागना छोड़ो कोई धंधा भी सीख लो… युवाओं के लिए CEA नागेश्वरन की बड़ी सलाह| V Anantha Nageswaran News

सड़क हादसे ने बदल दी थी जिंदगी| NEET-UG 2026

जानकारी के अनुसार, 14 जून को सृष्टि दुबे एक गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थीं। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी नौ पसलियां टूट गईं और फेफड़ों में भी गंभीर चोटें आईं। डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए बड़ा वैस्कुलर ऑपरेशन करना पड़ा। इलाज के दौरान कुछ समय तक उन्हें वेंटिलेशन सपोर्ट पर भी रखा गया। उनकी हालत को देखते हुए परिवार और परिचितों को यह चिंता सताने लगी थी कि शायद वह इस साल NEET परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगी। लेकिन सृष्टि ने शुरुआत से ही हार मानने से इनकार कर दिया।

डॉक्टर बनने का सपना नहीं छोड़ा

गंभीर चोटों और लगातार चल रहे इलाज के बावजूद सृष्टि का ध्यान अपने लक्ष्य पर बना रहा। उनका सपना डॉक्टर बनना है और इसी सपने ने उन्हें मुश्किल हालात में भी आगे बढ़ने की ताकत दी। जब परीक्षा की तारीख करीब आई, तब उन्होंने अपने परिवार से साफ कहा कि वह किसी भी हालत में NEET परीक्षा देना चाहती हैं। उनकी इस इच्छा को पूरा करने के लिए परिवार ने हर संभव प्रयास शुरू कर दिया।

पिता ने NTA और शिक्षा मंत्री से मांगी मदद

सृष्टि की खराब स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उनके पिता श्रीराम शिवजी दुबे ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से विशेष सहायता की मांग की। उन्होंने अपने पत्र में बताया कि उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल है, लेकिन फिर भी परीक्षा देना चाहती है। इसलिए परीक्षा केंद्र पर ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे वह सुरक्षित और आरामदायक तरीके से परीक्षा में शामिल हो सके। पेशे से शिक्षक श्रीराम दुबे ने यह भी बताया कि अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की टीम जरूरत पड़ने पर मेडिकल सहायता देने के लिए तैयार है।

शिक्षा मंत्री ने लिया व्यक्तिगत संज्ञान

मामले की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद सृष्टि के परिवार से संपर्क किया। उन्होंने छात्रा की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को जरूरी सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि परीक्षा के दौरान सृष्टि को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उनके हस्तक्षेप के बाद संबंधित एजेंसियों ने तेजी से तैयारी शुरू कर दी।

NTA ने किए विशेष इंतजाम

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने सृष्टि की स्थिति को देखते हुए परीक्षा केंद्र पर कई विशेष व्यवस्थाएं कीं। उनके लिए अलग परीक्षा कक्ष की व्यवस्था की गई ताकि उन्हें भीड़ और अतिरिक्त दबाव का सामना न करना पड़े। इसके अलावा परीक्षा केंद्र पर डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम तैनात की गई। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस को भी स्टैंडबाय रखा गया। सृष्टि को ग्राउंड फ्लोर पर बैठने की सुविधा दी गई ताकि उन्हें सीढ़ियां चढ़ने या अतिरिक्त शारीरिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

कोलकाता में दी परीक्षा

सृष्टि दुबे ने कोलकाता के धाकुरिया स्थित बिनोदिनी गर्ल्स हाई स्कूल परीक्षा केंद्र में NEET-UG 2026 री-एग्जाम दिया। उनकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। परीक्षा शुरू होने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सृष्टि के पिता को फोन कर उनकी बेटी की स्थिति और परीक्षा के बारे में जानकारी ली। इस दौरान परिवार ने मंत्री और NTA का आभार जताया।

मां बोलीं- नहीं थी उम्मीद कि परीक्षा दे पाएगी

सृष्टि की मां ने बताया कि दुर्घटना के बाद उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी बेटी परीक्षा में शामिल हो सकेगी। डॉक्टरों ने उन्हें विशेष अनुमति लेने की सलाह दी थी, ताकि सृष्टि अस्पताल के कपड़ों और जरूरी मेडिकल उपकरणों के साथ परीक्षा दे सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन और अधिकारियों के सहयोग से उनकी बेटी का सपना टूटने से बच गया। वहीं धर्मेंद्र प्रधान ने सृष्टि को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह भविष्य में एक सफल डॉक्टर बनकर अपने माता-पिता और देश का नाम रोशन करें।

और पढ़ें: AI भी नहीं छीन पाएंगे ये नौकरियां! बच्चों को बचपन से सिखाएं ये 5 लाइफ स्किल्स| Life Skills for Children

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds