उज्जैन शाही मस्जिद विवाद पर आया हाईकोर्ट का अंतिम फैसला, जानिए क्या है पूरा मामला | Ujjain Mosque Controversy

Rajni | Nedrick News Madhya Pradesh Published: 28 सितम्बर 2026, 11:32 PM Updated: 28 सितम्बर 2026, 11:32 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Ujjain Mosque Controversy: उज्जैन की शाही मस्जिद का 3 फीट का हिस्सा सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाया जाएगा। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने मस्जिद प्रबंधन और उज्जैन नगर निगम के बीच हुए आपसी समझौते के बाद इस मामले से जुड़ी याचिका का निराकरण कर दिया है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत कंठाल मार्ग को चौड़ा करने के लिए यह प्रशासनिक कदम उठाया जा रहा है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला

और पढ़ें: Bank Strike के बीच बड़ी राहत, 28-30 सितंबर को खुले रहेंगे ये बैंक

क्या है पूरा मामला

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि उज्जैन की ऐतिहासिक शाही मस्जिद का 3 फीट का हिस्सा सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाया जाएगा, जिस पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के बाद याचिका का निराकरण (डिस्पोज) कर दिया है। यह कार्रवाई सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत कंठाल मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने के लिए की जा रही है।

सोमवार (28 सितंबर 2026) को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मस्जिद प्रबंधन और उज्जैन नगर निगम के बीच हुए आपसी समझौते का संज्ञान लिया। दोनों पक्षों में सहमति बनी है कि मस्जिद का केवल 3 फीट बाधक हिस्सा और एक दुकान ही हटाई जाएगी।

सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण के दौरान सोमवार को भारी तनाव उत्पन्न हो गया। कंठाल चौराहे पर स्थित ऐतिहासिक शाही मस्जिद का बाधक हिस्सा हटाने की कार्रवाई के दौरान उग्र भीड़ ने हंगामा और पथराव कर दिया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मजबूरन आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर भारी पुलिस बल और आरएएफ (RAF) तैनात कर दी गई है।

Ujjain Mosque Controversy पर हाईकोर्ट की डबल बेंच का रुख

जस्टिस सुबोध अभयंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की युगलपीठ ने मस्जिद कमेटी की अपील को डिस्पोज करते हुए यह स्पष्ट किया कि नगर निगम द्वारा समझौते के तहत दिए गए आश्वासन (जैसे FAR और TDR का लाभ) नगर निगम पर बाध्यकारी रहेंगे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले एकल पीठ (सिंगल बेंच) ने मस्जिद को हटाने के नोटिस के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

मास्टर प्लान का हवाला देकर खारिज हुई थी पहली याचिका

उल्लेखनीय है कि इस विवाद को लेकर 9 सितंबर (2026) को हाईकोर्ट की एकल पीठ (सिंगल बेंच) में एक याचिका दायर की गई थी। उस दौरान कोर्ट ने उज्जैन विकास योजना (मास्टर प्लान 2035) के तहत सड़क चौड़ीकरण को जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए आवश्यक माना था।

एकल पीठ ने मास्टर प्लान की सड़क का हवाला देते हुए मस्जिद हटाने के नोटिस के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसी फैसले के खिलाफ एडवोकेट अशहर वारसी के माध्यम से युगलपीठ (डबल बेंच) में रिट अपील दायर की गई थी, जिसके बाद सोमवार को दोनों पक्षों में आपसी सहमति से समझौता हो गया।

सिंहस्थ 2028 के लिए सड़क चौड़ीकरण

उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ महाकुंभ 2028 को ध्यान में रखते हुए शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कंठाल मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इस मार्ग पर शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा बाधक बन रहा था, जिसे अब आपसी सहमति से हटाने का रास्ता साफ हो गया है।

Rajni

rajni@nedricknews.com

Recent News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds