Lenskart controversy: आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने हाल ही में सोशल मीडिया पर भारतीय स्टार्टअप कंपनियों और कुछ उद्योगपतियों को लेकर हो रही आलोचना और हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने खास तौर पर लेंसकार्ट, ज़ोमैटो, ब्लिंकिट, स्विगी और एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स जैसी सफल भारतीय कंपनियों को निशाना बनाए जाने पर सवाल उठाए हैं।
सौरभ भारद्वाज ने X (पहले ट्विटर) पर लिखा कि आखिर क्यों कुछ दक्षिणपंथी ताकतें सुनियोजित तरीके से इन सफल भारतीय स्टार्टअप्स को टारगेट कर रही हैं। उनका कहना है कि ये वही कंपनियां हैं जिन्होंने देश में नई नौकरियों और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया है, लेकिन इसके बावजूद इन्हें लगातार विवादों में घसीटा जा रहा है।
“युवा देश छोड़ रहे हैं” – AAP नेता का आरोप | Lenskart controversy
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि देश में युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं हैं और सरकार अपने कर्तव्यों को निभाने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि कई पढ़े-लिखे और प्रतिभाशाली युवा भारतीय नागरिकता छोड़कर अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और UAE जैसे देशों में बस रहे हैं।
Why many successful Indian startups are being systematically targeted by right wing ?
Zomato
Lens kart
Blinkit
Swiggy
Emcure PharmaWe don’t have jobs for our youth, Govt has failed to do its duty.
Many young and intelligent are surrendering the Indian citizenship and… pic.twitter.com/6hcLvRYf6Q
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) April 21, 2026
उनका कहना है कि जो युवा भारत में रह रहे हैं, उन्हें भी कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा परेशान किया जा रहा है, जिन्हें कथित तौर पर केंद्र सरकार का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी तरह का कोई गैर-कानूनी काम हुआ है तो उसके लिए पुलिस में शिकायत की जानी चाहिए, लेकिन धमकी और गुंडागर्दी के माहौल से देश के प्रतिभाशाली लोग प्रभावित हो रहे हैं।
लेंसकार्ट विवाद पर संजय सिंह की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले के बीच AAP सांसद संजय सिंह ने भी देहरादून स्थित लेंसकार्ट शोरूम में हुए एक विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। आरोप है कि बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने वहां कर्मचारियों पर टीका लगाने और कलावा बांधने का दबाव बनाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
संजय सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी को भी इस तरह की गुंडागर्दी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने सवाल उठाया कि “इन लोगों को गुंडागर्दी का लाइसेंस किसने दिया?” उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए इसे गलत बताया।
संजय सिंह ने यह भी कहा कि लेंसकार्ट के मालिक पीयूष बंसल खुद हिंदू हैं, ऐसे में यह सोचना गलत है कि कंपनी किसी धर्म के खिलाफ काम करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर कंपनी का अपना ड्रेस कोड और नियम होता है, जिसे सभी धर्मों के लोग मानते हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश को नफरत की फैक्ट्री में बदला जा रहा है, जो बेहद चिंता की बात है।
लेंसकार्ट की सफाई और विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि लेंसकार्ट उस समय विवादों में आया जब सोशल मीडिया पर एक कथित ग्रूमिंग पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हुआ। इसमें दावा किया गया कि कंपनी ने बिंदी और तिलक जैसे धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध लगाया है। इस पर काफी लोगों ने नाराजगी जताई और बहिष्कार की मांग भी उठी।
हालांकि कंपनी के संस्थापक पीयूष बंसल ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा था कि वायरल हुआ डॉक्यूमेंट पुराना संस्करण है और यह कंपनी की मौजूदा नीति को नहीं दर्शाता।





























