Varanasi airport drug bust| लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित हो रहे गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। बैंकॉक से वाराणसी पहुंचे छह थाई नागरिकों के पास से करीब 19.7 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 19.70 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में तीन महिलाओं और तीन पुरुषों समेत कुल छह विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह की कथित महिला सरगना अभी भी फरार है।
एयरपोर्ट पर जांच के दौरान हुआ खुलासा | Varanasi airport drug bust
कस्टम विभाग के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संख्या आईएक्स-215 शनिवार शाम करीब पांच बजे बैंकॉक से वाराणसी पहुंची थी। रुटीन चेकिंग के दौरान अधिकारियों की नजर कुछ थाई यात्रियों के ट्रॉली बैग पर गई। बैगों की गहन जांच की गई तो उनमें छिपाए गए प्रतिबंधित पदार्थ का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि तस्करों ने ट्रॉली बैग के निचले हिस्से में नकली प्लास्टिक बेस तैयार किया था। इसी गुप्त हिस्से में गांजे के पैकेट छिपाकर भारत लाए जा रहे थे। प्रत्येक बैग से तीन से चार पैकेट बरामद किए गए। इसके बाद कस्टम अधिकारियों ने पूरा माल जब्त कर लिया और सभी छह यात्रियों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपियों को भेजा गया जेल
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विचनचाई फलाकित, नट्ठाफोंग चंतराक, प्राचाया यीकोर, प्रिसाना चोडमोन, पट्टामावन चोटिमोन और सुनिसा पुएतपाकवानको के रूप में हुई है। इनमें तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। रविवार को सभी आरोपियों को रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 13 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। फिलहाल कस्टम विभाग और अन्य एजेंसियां उनसे जुड़े नेटवर्क की जांच में जुटी हैं।
महिला सरगना एयरपोर्ट से निकलने में रही सफल
पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि गिरोह की मुख्य संचालक एक महिला है, जो अधिकारियों की पकड़ से बच निकली। जांच में पता चला है कि वह भी इन्हीं यात्रियों के साथ भारत आई थी, लेकिन उसके पास कोई सामान या प्रतिबंधित पदार्थ नहीं था। इसी वजह से वह संदेह के दायरे में नहीं आई और एयरपोर्ट से बाहर निकलने में सफल रही।
कस्टम विभाग अब एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहा है। जरूरत पड़ने पर पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों की मदद भी ली जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि महिला सरगना की गिरफ्तारी से पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
होटल में ठहराने के नाम पर वसूले थे 25-25 हजार रुपये
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दी हैं। उन्होंने बताया कि उनके साथ एक और थाई महिला भारत आई थी, जो स्थानीय संपर्कों और होटल व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालती थी। आरोपियों के मुताबिक, उसने होटल में ठहराने और अन्य व्यवस्थाओं के नाम पर प्रत्येक सदस्य से 25-25 हजार रुपये लिए थे। बताया जा रहा है कि वही महिला पूरे गिरोह की सातवीं सदस्य और सरगना थी। अब जांच एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।
वाराणसी, बिहार और कोलकाता तक पहुंचना था माल
कस्टम अधिकारियों की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार लोग पहली बार तस्करी नहीं कर रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया है कि पहले भी कई बार गांजे की खेप भारत पहुंचाई जा चुकी है। जांच में पता चला है कि वाराणसी इस नेटवर्क का एक अहम ट्रांजिट प्वाइंट था। यहां से गांजे की सप्लाई कोलकाता, गया और बिहार के अन्य इलाकों तक की जाती थी। इस बार भी बरामद की गई खेप को वाराणसी के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाने की योजना थी, लेकिन उससे पहले ही कस्टम विभाग ने पूरे ऑपरेशन को विफल कर दिया।
तीन महीने में तीसरी बड़ी बरामदगी
कस्टम विभाग के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में वाराणसी एयरपोर्ट पर गांजा तस्करी के तीन बड़े मामले सामने आ चुके हैं। 10 मार्च 2026 को बैंकॉक से आए तीन यात्रियों के पास से करीब 25 करोड़ रुपये मूल्य का गांजा बरामद किया गया था। इसके बाद 23 और 24 मई को एक महिला और एक पुरुष के कब्जे से लगभग 20 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा मिला था, जिसकी कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई गई थी।
शनिवार को हुई ताजा कार्रवाई में 19.70 करोड़ रुपये का गांजा बरामद होने के बाद पिछले तीन महीनों में जब्त किए गए गांजे की कुल कीमत 64.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
केंद्रीय एजेंसियों को भेजी गई रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए कस्टम विभाग ने इसकी जानकारी संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ-साथ गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को भी भेज दी है। जांच एजेंसियों का फोकस अब फरार महिला सरगना और उसके भारतीय संपर्कों तक पहुंचने पर है।
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