Indore Water Crisis: देश के सबसे स्वच्छ शहरों में गिने जाने वाले इंदौर में इन दिनों पानी का गंभीर संकट देखने को मिल रहा है। शहर के कई इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित होने से लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। चिलचिलाती गर्मी के बीच हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी जुटाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर निगम लगातार दावा कर रहा है कि प्रभावित इलाकों में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। कई कॉलोनियों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं और घंटों तक टैंकरों का इंतजार कर रहे हैं।
85 में से 75 वार्डों में प्रभावित हुई सप्लाई | Indore Water Crisis
जानकारी के मुताबिक इंदौर शहर के भागीरथपुर, गोमा की फेल, छोटा बागड़दा, नयापुरा, महालक्ष्मी नगर, बायपास इलाके सहित सैकड़ों कॉलोनियों में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। शहर के कुल 85 वार्डों में से लगभग 75 वार्ड पानी की समस्या से प्रभावित बताए जा रहे हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि कई दिनों से नियमित पानी सप्लाई नहीं हो रही। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों को कई किलोमीटर दूर जाकर पानी भरना पड़ रहा है। कुछ परिवार तो अपने कामकाज और नौकरी छोड़कर दिनभर सिर्फ पानी की व्यवस्था में लगे हुए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह से लेकर देर रात तक टैंकर आने का इंतजार करना अब रोज की दिनचर्या बन चुकी है। जैसे ही टैंकर पहुंचता है, लोग बाल्टी और ड्रम लेकर उसकी ओर दौड़ पड़ते हैं ताकि किसी तरह कुछ पानी मिल सके।
700 टैंकरों के भरोसे पूरा शहर
इंदौर नगर निगम का कहना है कि पानी संकट से निपटने के लिए शहर में करीब 700 टैंकर लगाए गए हैं। इन्हीं टैंकरों के जरिए प्रभावित इलाकों में पानी सप्लाई की जा रही है। हालांकि लोगों का कहना है कि 75 वार्डों के लिए यह संख्या बेहद कम है।
कई कॉलोनियों में दो-दो दिनों तक टैंकर नहीं पहुंच रहे, जिससे स्थिति और खराब होती जा रही है। कुछ इलाकों में लोग निजी टैंकर मंगाने को मजबूर हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि पानी सप्लाई व्यवस्था को सुधारने की लगातार कोशिश की जा रही है, लेकिन फिलहाल लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही।
पानी को लेकर जनप्रतिनिधियों का विरोध
पानी संकट अब राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है। शहर में कई जनप्रतिनिधियों को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा है। सबसे पहले क्षेत्रीय विधायक महेंद्र हार्डिया का लोगों ने घेराव किया था। इसके बाद इंदौर के महापौर को भी नाराज नागरिकों के विरोध का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, बीजेपी विधायक रमेश मेंदोला को भी क्षेत्र के लोगों ने पानी की समस्या को लेकर घेर लिया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद हालात में कोई बड़ा सुधार नहीं हो रहा।
टैंकर के पीछे भागते नजर आ रहे लोग
इंदौर में पानी संकट की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही हैं। कहीं महिलाएं सिर पर बर्तन रखकर लंबी दूरी तय कर रही हैं तो कहीं बच्चे और बुजुर्ग टैंकरों के पीछे दौड़ते नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्वच्छता में देशभर में पहचान बनाने वाले इंदौर में इस तरह की स्थिति बेहद निराशाजनक है। नागरिकों की मांग है कि नगर निगम जल्द स्थायी समाधान निकाले ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी में पानी के लिए संघर्ष न करना पड़े।
फिलहाल शहर के हजारों परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी पानी की कमी से बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है और लोगों को अब प्रशासन से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।































