Harshita Success Story: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की रहने वाली हर्षिता ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो पारंपरिक सोच को चुनौती देती है। महज आठवीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने वाली हर्षिता आज अमेरिका की दिग्गज स्टार्टअप कंपनी Y Combinator में जनरल पार्टनर बन गई हैं। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। करीब 800 बिलियन डॉलर वैल्यू वाली इस कंपनी में इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना किसी सपने के सच होने जैसा है।
कंप्यूटर से जुड़ाव ने बदली जिंदगी | Harshita Success Story
हर्षिता के पिता रविंद्र सिंह सहारनपुर के अहमदबाग इलाके में प्रॉपर्टी का काम करते हैं। वह बताते हैं कि उनकी बेटी शुरू से ही पढ़ाई में तेज थी, लेकिन उसकी असली रुचि कंप्यूटर में थी। पाइनवुड स्कूल में पढ़ाई के दौरान उनके शिक्षक मिथुन ने हर्षिता को कंप्यूटर से परिचित कराया। यहीं से उसकी दिलचस्पी इतनी बढ़ी कि उसने इसी क्षेत्र में कुछ बड़ा करने का सपना देख लिया।
आठवीं के बाद छोड़ी पढ़ाई, फिर भी नहीं रुकी
साल 2015 में हर्षिता ने आठवीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ दिया। यह फैसला परिवार के लिए आसान नहीं था और शुरुआत में उन्हें बड़ा झटका भी लगा। लेकिन हर्षिता ने अपने फैसले को गलत साबित नहीं होने दिया। जल्द ही उन्हें Salesforce में इंटर्नशिप का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने बोस्टन में MIT से डेढ़ महीने का सर्टिफिकेट कोर्स भी किया।
पहला स्टार्टअप और बड़ी सफलता
भारत लौटने के बाद हर्षिता ने 2017 में एक क्रिप्टोकरेंसी ट्रैकर ऐप तैयार किया। इस ऐप को Apple के ऐप स्टोर में जगह मिली। खास बात यह रही कि पेड ऐप होने के बावजूद यह टॉप तीन ऐप्स में शामिल हो गया। बाद में उन्होंने इस ऐप को करीब 20 हजार डॉलर में बेच दिया, जो उनके करियर का पहला बड़ा मुकाम था।
A2B कंपनी से बनाई अलग पहचान
साल 2020 में हर्षिता ने A2B नाम की कंपनी शुरू की, जो अमेरिका में ट्रकों के लिए फ्यूल कार्ड उपलब्ध कराती है। इस स्टार्टअप को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला और महज दो साल में ही इसकी वैल्यू करीब 6700 करोड़ रुपये आंकी गई। हालांकि करीब डेढ़ साल पहले हर्षिता ने इस कंपनी को छोड़ दिया और नए सफर की ओर बढ़ गईं।
अब Y Combinator में अहम भूमिका
A2B से अलग होने के बाद हर्षिता Y Combinator से जुड़ीं और पहले विजिटिंग पार्टनर बनीं। अब उन्हें जनरल पार्टनर की जिम्मेदारी दी गई है। इस भूमिका में वह दुनिया भर के स्टार्टअप्स में निवेश के लिए चयन करेंगी और कंपनी के 15 अन्य जनरल पार्टनर्स के साथ मिलकर बड़े फैसले लेंगी। Y Combinator हर साल 500 से 600 स्टार्टअप्स में निवेश करता है।
सपनों को उड़ान देने की प्रेरणा
आज हर्षिता अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में रह रही हैं और अपनी सफलता से यह साबित कर चुकी हैं कि अगर जुनून और मेहनत हो, तो डिग्री ही सब कुछ नहीं होती। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए अलग रास्ता चुनने का साहस रखते हैं।
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