दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हुआ Neeraj Chopra का नाम, जानिए क्यों हैं ये इतना खास?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 04 फ़रवरी 2022, 05:30 AM Updated: 04 फ़रवरी 2022, 05:30 AM
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टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा ने देश का नाम पूरी दुनिया में रौशन किया। जैवलिन थ्रो में नीरज ने गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद से ही उनके सितारे बुलंदियों पर हैं। हाल ही में नीरज को गणतंत्र दिवस के मौके पर पद्मश्री और परम विशिष्‍ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया। 

अब इसके बाद नीरज एक और बड़े पुरस्कार से सम्मानित किए जा सकते हैं। दरअसल नीरज चोपड़ा का नाम सुप्रसिद्ध लॉरियस स्पोर्ट्स अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हुआ है। उनको लॉरियस वर्ल्ड ब्रेकथ्रू ऑफ द ईयर अवॉर्ड के लिए नामित किया गया है। 

लॉरियस अवॉर्ड के लिए नीरज चोपड़ा हुए नॉमिनेट

दरअसल, स्पोर्ट्स की फील्ड में लॉरियस अवॉर्ड को सबसे प्रतिष्ठित माना जाता है। इस अवॉर्ड को पाने की रेस में एम्मा राडुकानू और डैनिल मेदवेदेव, स्पेन और बर्सिलोना के फुटबॉलर पेड्री, वेनेजुएला के एथलीट युलिमार रोजास और ऑस्ट्रेलियन तैराक एरियर्न टिटमस शामिल हैं। इन्हें लॉरेस ब्रेकथ्रू ऑफ द ईयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया। 2021 में राफेल नडाल, नाओमी ओसाका और लुईस हैमिल्टन जैसे खिलाड़ी ये अवॉर्ड जीतने वाली लिस्ट में शामिल थे। 

पूरी दुनिया के 1300 खेल पत्रकारों और ब्रॉडकास्टर्स की पैनल ने 7 अलग-अलग कैटेगरी में एथलीट्स को नॉमिनेशन के लिए चुना। अब लॉरेस विश्व खेल एकेडमी के 71 सदस्य विजेता चुनेंगे। वो इसके लिए वोट करेंगे। बता दें कि इस एकेडमी में ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ वर्ल्ड चैम्पियन और खेलों में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाले प्लेयर शामिल रहते हैं। 

ऐसा करने वाले बने तीसरे भारतीय

वहीं बात अब भारत की करते हैं। भारत में अब तक नीरज से पहले दो ही खिलाड़ी ऐसे रहे हैं, जिन्हें लॉरियस अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया। सचिन तेंदुलकर और रेसलर विनेश फोगाट लॉरियस स्पोर्ट्स अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हो चुके हैं। सचिन ने लॉरियस स्पोर्टिंग मोमेंट अवॉर्ड 2000-2020 जीता था। ये वो मोमेंट था, जब 2011 में धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया के वर्ल्ड कप जीतने के बाद साथी खिलाड़ियों ने सचिन को कंधे पर बिठाकर स्टेडियम का चक्कर लगाया था। अब नीरज का नाम भी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट होने वाले भारतीय खिलाड़ी की लिस्ट से जुड़ गया हैं। नीरज ऐसे तीसरे भारतीय बने, जिनको लॉरियस अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया। 

टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंककर रचा इतिहास

2021 में टोक्यो में हुए ओलंपिक में जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। नीरज ने उस इवेंट में सबके पछाड़ते हुए 87.58 मीटर का थ्रो फेंका था। नीरज ने इंडिया के लिए दूसरा गोल्ड मेडल जीता था। उनसे पहले व्यक्तिगत ओलंपिक गोल्ड मेडल अभिनव बिंद्रा ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में जीता था। 

डालें नीरज के सफर पर एक नजर…

हरियाणा के पानीपत में नीरज चोपड़ा ने इतनी कम उम्र में जो उपलब्धियां हासिल की, वो आसान नहीं था। इसके लिए उन्होंने काफी जी-तोड़ मेहनत की हैं। आइए आज हम आपको नीरज की लाइफ स्टोरी से आपको रूबरू कराते हैं…

24 दिसंबर 1997 को नीरज का जन्म पानीपत के एक खंडरा नाम के गांव में हुआ था। नीरज के पिता सतीश कुमार पेशे से एक किसान हैं। वहीं नीरज की मां का नाम सरोज देवी हैं। नीरज चोपड़ा कुल पांच भाई बहन हैं। नीरज की पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने ग्रेजुएशन की है। शुरूआत से ही नीरज का रूझान खेलों की तरफ ज्यादा था। 

बचपन में नीरज काफी मोटे हुए करते थे, जिसके चलते उनका काफी मजाक भी उड़ाया जाता था। नीरज के मोटापे से उनके परिवारवाले परेशान थे। इस वजह से उन्होंने नीरज को दौड़ लगाने के लिए अपने चाचा के साथ स्टेडियम भेजा। तब नीरज की उम्र 13 साल थीं। हालांकि नीरज का दौड़ में मन नहीं लगता था। 

इस दौरान ही नीरज की नजर स्टेडियम में मौजूद दूसरे खिलाड़ियों पर पड़ी, जिनको उन्होंने भाला फेंकते हुए देखा। नीरज को देखकर अच्छा लगा। बस फिर क्या था वो भी इस खेल में दिलचस्पी दिखाने लगे और उन्‍होंने जो भाला फेंकना शुरू किया, वोअब ओलंपिक गोल्ड पर जाकर लगा है।

नीरज अपनी पढ़ाई के साथ साथ जेवलिन पर भी फोकस करते थे। उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट साल 2016 में आया। इस दौरान उन्होंने आईएएएफ वर्ल्ड यू-20 चैम्पियनशिप में भाला फेंककर गोल्ड जीता। इसके बाद नीरज को सेना में अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया था। इसके बाद से नीरज ने कई मेडल अपने नाम किए। 

एशियन जूनियर चैंपियनशिप 2016- सिल्‍वर मेडल

साउथ एशियन गेम्स 2016- गोल्ड मेडल

 वर्ल्ड यू-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2016- गोल्ड मेडल

एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2017- गोल्ड मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2018- गोल्ड मेडल

एशियन गेम्स 2018- गोल्ड मेडल

टोक्यो ओलंपिक 2021- गोल्ड मेडल

हालांकि इस दौरान ही नीरज के कंधे में चोट लग गई थीं, जिसके चलते वो काफी समय तक खेल से भी दूर रहे थे, लेकिन फिर नीरज ने दमदार वापसी की थीं। मार्च 2021 में पटियाला में आयोजित इंडियन ग्रांड प्रिक्स में नीरज ने अपना ही रिकार्ड तोड़ते हुए 88.07 मीटर का थ्रो कर नया नेशनल रिकार्ड भी बनाया।

टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर नीरज चोपड़ा रातों-रात पूरे इंडिया के सुपरस्टार बन गए। कोई उन्हें गोल्डन ब्वॉय के नाम से बुलाने लगा, तो कोई किसी और नाम से। हर देशवासी ने नीरज की इस उपलब्धि पर गर्व किया। 

2022 में नीरज का है ये टारगेट

लेकिन नीरज अपनी रफ्तार को यही नहीं रोकना चाहते। वो भारत के लिए अभी और मेडल लाना चाहते हैं, जिसके मिशन में वो जुटे हुए हैं। बीते दिनों ट्रेनिंग लेने के लिए नीरज अमेरिका भी गए थे। 

2022 में भी नीरज को कई अहम टूर्नामेंट खेलने हैं, जिसकी तैयारियों में वो जुटे हैं। बीते दिनों नीरज ने साल 2022 में अपने प्लान्स के बारे में बताया था। उन्होंने कहा कि 2022 में उन्हें कई बड़े और अहम टूर्नामेंट खेलने हैं। इसके लिए उनका पूरा ध्यान पर फिटनेस पर है। 

साथ ही नीरज ने कहा कि वो अपनी टेक्नीक को बेहतर कर रहे हैं। अब उनका लक्ष्य 90 मीटर से भी दूर Javelin को फेंकना है। अगर वो ऐसा कर देते हैं और 90 मीटर की दूरी तक भाला फेंकते हैं, तो नीरज का नाम इस खेल के वर्ल्ड बेस्ट प्लेयर्स में शामिल हो जाएगा। टोक्यो ओलंपिक में नीरज ने 87.58 मीटर का थ्रो फेंक कर गोल्ड मेडल जीता था। वैसे उनका सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन 88.07 मीटर है। 

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